कुरिंजीपडी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 156) तमिलनाडु के कडलूर जिले के पश्चिमी हिस्से में स्थित है. इसमें कुरिंजीपडी कस्बा और उसके आसपास के कई गांव व अर्ध-शहरी इलाके शामिल हैं. इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मिली-जुली है, जिसमें कृषि के साथ-साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ग्रामीण इलाकों में खेती आज भी मुख्य आधार है, जबकि पास के कडलूर और नेवेली के औद्योगिक क्षेत्र यहां के लोगों के रोजगार के पैटर्न को काफी प्रभावित करते हैं.
यहां के मतदाता समूह में किसान, औद्योगिक मजदूर, छोटे व्यापारी, कृषि मजदूर और तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों के निवासी शामिल हैं. औद्योगिक केंद्रों और समुद्री (तटीय) इलाकों के पास होने के कारण यह क्षेत्र ग्रामीण कृषि समस्याओं और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों, दोनों को दर्शाता है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यह क्षेत्र एक मिश्रित ग्रामीण–अर्ध-शहरी जनसंख्या वाला है, जिसमें वन्नियार, अनुसूचित जाति (SC), मुदलियार और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की प्रमुख भागीदारी है. यहां व्यापार संघ, मजदूर यूनियन और किसान संगठन राजनीति को प्रभावित करते हैं और लोगों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. चुनावी प्रचार में आमतौर पर रोजगार, ग्रामीण विकास और औद्योगिक वृद्धि जैसे मुद्दे प्रमुख रहते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र कडलूर और नेवेली औद्योगिक नगर के बीच स्थित है और हाईवे व स्थानीय सड़कों के जरिए आसपास के कस्बों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यहां का परिदृश्य खेती की जमीन, गांवों की बस्तियां और अर्ध-शहरी रिहायशी क्षेत्र से मिलकर बना है. कृषि में मुख्य रूप से धान, गन्ना और मूंगफली की खेती होती है. वहीं, नेवेली के लिग्नाइट (कोयला) और बिजली परियोजनाओं के कारण आसपास के लोगों के लिए उद्योगों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों (में श्री सुब्रायर स्वामी मंदिर और पुथुमरियम्मन मंदिर, कुरिंजीपाड़ी टाउन सेंटर (जो प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र है), किसानों वाले गांव, नेवेली उद्योगों से जुड़े मजदूरों की बस्तियां, साप्ताहिक ग्रामीण बाजार (जहां कृषि व्यापार होता है), और कडलूर-नेवेली को जोड़ने वाले परिवहन मार्ग शामिल हैं.
मुख्य समस्याओं की बात करें तो यहां के लोगों के लिए उद्योग और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर, किसानों के लिए सिंचाई और कृषि सहायता, ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे का विकास, पीने के पानी और स्वच्छता की सुविधा, और पास के उद्योगों से जुड़ी पर्यावरण संबंधी चिंताएं अहम मुद्दे हैं.
मतदाताओं के रुझान को देखें तो किसान सिंचाई और फसल की आय स्थिर रहने पर ध्यान देते हैं, जबकि औद्योगिक मजदूर रोजगार की सुरक्षा और श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हैं. ग्रामीण परिवार सरकारी योजनाओं और आवास योजनाओं को अहम मानते हैं, और युवा वर्ग शिक्षा व रोजगार के अवसरों की तलाश में रहता है, खासकर पास के औद्योगिक क्षेत्रों में. यहां चुनाव आमतौर पर काफी प्रतिस्पर्धी होते हैं, जहां जातीय समीकरण और राजनीतिक गठबंधन परिणामों को काफी प्रभावित करते हैं.
Selvi Ramajayam
ADMK
S.sumathi
NTK
Nota
NOTA
K.chandramouli
JD(S)
A.vasanthakumar
AMMKMNKZ
R.rajesh
IND
T.velayudham
BSP
R.sarathkumar
IND
R.muthukrishnan
ADK
L.madhiyazhagan
IND
N.muthazhagan
IND
Brijita Roslene
IND
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