तिरुक्कोयिलुर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 75), जो पश्चिमी विल्लुपुरम जिले में पेन्नैयार नदी पट्टी के पास स्थित है. यह मुख्यतः ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है, जिसकी जड़ें कृषि में गहराई से जुड़ी हुई हैं. इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा है. यह क्षेत्र ऐतिहासिक त्रिविक्रम पेरुमाल मंदिर (एक दिव्य देशम) के इर्द-गिर्द केंद्रित है.
पूर्व मंत्री के. पोन्मुडी तिरुक्कोयिलुर से निर्वाचित प्रतिनिधि रहे हैं, जिन पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित टिप्पणियों के कारण काफी विवाद हुआ था. इस घटना के चलते उनसे मंत्री पद छीन लिया गया. साथ ही विभिन्न अदालतों में मामले दर्ज हुए.
इस क्षेत्र के मतदाताओं में किसान, खेत मजदूर, मंदिर से जुड़े सेवा समुदाय, व्यापारी और कल्याण योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. पेन्नैयार बेसिन, तालाबों और शुष्क भूमि से परिभाषित यह इलाका मानसून आधारित सिंचाई पर निर्भर है. विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची और तिरुवन्नामलाई से संपर्क तो है, लेकिन अंदरूनी गांवों की सड़कें और नदी पार करने की व्यवस्थाएं असमान हैं. मौसमी बाढ़ और गर्मियों में पानी की कमी बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर करती है. प्रमुख केंद्रों में मंदिर परिसर, कस्बे का केंद्र, पेन्नैयार नदी के क्रॉसिंग, बड़े तालाब, पंचायत सड़कें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी अस्पताल, बाजार और बस स्टैंड शामिल हैं.
मुख्य मुद्दों में सिंचाई की अनिश्चितता, बाढ़ का खतरा, खराब अंदरूनी सड़कें, सीमित स्वास्थ्य सेवाएं, गर्मियों में पानी की कमी, युवाओं का पलायन, खराब परिवहन व्यवस्था और स्वच्छता प्रबंधन शामिल हैं. मतदाता भावना की बात करें तो किसान सुनिश्चित पानी और बाढ़ नियंत्रण चाहते हैं. मजदूर मजदूरी और कल्याण सुरक्षा की उम्मीद रखते हैं तो वहीं युवा शिक्षा और रोजगार की मांग करते हैं, महिलाएं पानी और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती हैं. वहीं बुज़ुर्ग पेंशन और आवागमन सुविधा चाहते हैं. जबकि मंदिर से जुड़े समुदाय बेहतर प्रबंधन की अपेक्षा रखते हैं. कुल मिलाकर, यहां के मतदाता पार्टी पहचान से अधिक प्रतिनिधियों की उपलब्धता, संकट प्रबंधन और स्थानीय समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर निर्णय लेते हैं. क्षेत्र में जाति और समुदाय की भूमिका प्रभाव डालती है.
Vat.kalivaradhan
BJP
L.venkatesan
DMDK
Murugan S
NTK
Nota
NOTA
Vignesh M
IND
Senthilkumar M
IJK
Prakash A
IND
Siva.panjavarnam
BSP
Sankar S
VTVTK
Jayavindan G
IND
Mathivanan S
IND
Magesh M
IND
Rajini Vr
NADLMMKLK
Kathiravan K
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.