चेंगलपट्टु जिले के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित मदुरंतकम विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 35) एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र है, जिसका केंद्र ऐतिहासिक मदुरंतकम झील (एरी) और प्रसिद्ध एरी काथा रामर मंदिर है. यह क्षेत्र जल संरक्षण की परंपरा और टैंक आधारित सिंचाई व्यवस्था के लिए जाना जाता है, जो यहां की कृषि और जल भंडारण में अहम भूमिका निभाती है.
उपनगरीय या तटीय क्षेत्रों से अलग, मदुरंतकम की राजनीति सिंचाई प्रबंधन, मानसून पर निर्भरता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है. यहां के मतदाताओं में मुख्य रूप से किसान, कृषि मजदूर, पशुपालक, छोटे व्यापारी, मंदिर से जुड़े समुदाय और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं, जिन पर गांवों की सामाजिक संरचना और जातीय नेटवर्क का गहरा प्रभाव रहता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र टैंक-सिंचित कृषि पट्टियों, सूखे गांवों, मंदिर-नगरों और आंतरिक पंचायतों से मिलकर बना है, जबकि मदुरांतकम नगर एक स्थानीय व्यावसायिक केंद्र के रूप में कार्य करता है. चेंगलपट्टु और मेलमरुवथुर से संपर्क मध्यम स्तर का है, लेकिन अंदरूनी गांवों की सड़कों और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति अभी भी असमान है. प्रमुख स्थानों में मदुरंतकम झील व उसके तटबंध, एरी काथा रामर मंदिर परिसर, नगर का बाजार और बस स्टैंड, मुख्य सिंचाई नहरें तथा पंचायत यूनियन सड़कें शामिल हैं. इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में अनियमित सिंचाई, टैंकों में गाद भरना, कमजोर तटबंध और नहरों का रखरखाव, मौसमी पेयजल संकट, अंदरूनी गांवों की खराब सड़कें, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा कृषि और भूमि सेवाओं में देरी शामिल हैं.
यह एक ग्रामीण, टैंक-सिंचित विधानसभा क्षेत्र है, जिसकी अर्थव्यवस्था कृषि और उससे जुड़े कार्यों पर आधारित है और जो मानसून पर अत्यधिक निर्भर करता है. यहां मतदान व्यवहार पर गांवों के सामाजिक नेटवर्क का गहरा असर होता है और मतदाता जल प्रबंधन, ग्रामीण विकास कार्यों और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज की गुणवत्ता के आधार पर ही सरकार और प्रतिनिधियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं.
Sathya. C.e
DMK
Sumitha. P
NTK
Moorthi . N
DMDK
Dinesh. K
MNM
Nota
NOTA
Tamizhselvan. S
IND
Madhanraj. M
BSP
Kothandan. A
DESMI
Ranjitham. M
IND
Subash. S
MKLMNTRAPR
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.