उत्तरी चेन्नई में इनर रिंग रोड और ग्रैंड नॉर्थर्न ट्रंक कॉरिडोर के किनारे स्थित मदावरम (विधानसभा क्षेत्र संख्या 9) एक तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ता हुआ इलाका है, जिसकी पहचान मजबूत परिवहन ढांचे, घनी आवासीय बसावट और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों से बनती है.
यह क्षेत्र एशिया के सबसे बड़े बस टर्मिनलों में से एक, मदावरम इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस (MIBT) के लिए प्रसिद्ध है और साथ ही ऐतिहासिक मदावरम डेयरी के कारण भी जाना जाता है, जो लंबे समय से चेन्नई में आविन ब्रांड के दूध की आपूर्ति से जुड़ी रही है. पारंपरिक आवासीय क्षेत्रों से अलग, यहां की राजनीति मुख्य रूप से यातायात प्रबंधन, बुनियादी ढांचे पर दबाव, स्वच्छता और रोजमर्रा के शहरी प्रशासन से जुड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है. यहां के मतदाता काफी हद तक मुद्दा-आधारित और काम के प्रदर्शन को महत्व देने वाले माने जाते हैं.
सामाजिक रूप से इस क्षेत्र में निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार, परिवहन कर्मी, प्रवासी मजदूर, निजी क्षेत्र के कर्मचारी, व्यापारी और लंबे समय से बसे निवासी शामिल हैं. जातिगत पहलू मौजूद होने के बावजूद नागरिक सुविधाएं और सरकारी कल्याण योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी ही मतदान के फैसले को ज्यादा प्रभावित करती है. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, परिवहन यूनियन और व्यापारी वर्ग जनमत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक रूप से मदावरम में घनी रिहायशी कॉलोनियां, व्यावसायिक सड़कें, लॉजिस्टिक्स जोन और बड़े ट्रांजिट हब शामिल हैं. इनर रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्टिविटी, एमआईबीटी और प्रस्तावित मेट्रो लाइनें इसकी बड़ी ताकत हैं, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी अंदरूनी सड़कें और जल निकासी की समस्याएं अब भी गंभीर चुनौती बनी हुई हैं. प्रमुख इलाकों में एमआईबीटी, इनर रिंग रोड के जंक्शन, रेड हिल्स रोड कॉरिडोर, घनी बस्तियां, बाजार और व्यावसायिक सड़कें तथा आविन डेयरी शामिल हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में बस टर्मिनस के आसपास ट्रैफिक जाम, मानसून में जलभराव, खराब स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, गर्मियों में पीने के पानी की कमी, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता की समस्या, खराब आंतरिक सड़कें तथा वायु और ध्वनि प्रदूषण शामिल हैं. मतदाताओं की भावना इस बात पर टिकी रहती है कि बाढ़ नियंत्रण, पानी की आपूर्ति, सफाई, यातायात की सुगमता, महिलाओं की सुरक्षा और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य व पैदल चलने की सुविधाओं पर नेतृत्व कितना प्रभावी ढंग से काम करता है, खासकर मानसून और भीड़भाड़ वाले यात्रा सीजन में.
Moorthy. V
ADMK
Elumalai. R
NTK
Ramesh
MNM
Dhakshnamoorthy. D
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Deepak. S
BSP
Aravind Kumar. P
DMSK
Moorthy. S
IND
Ramu. S
IND
Babu. M.g
IND
Sambath. E
SHS
Sudharsanan. D
IND
Jayaseelan. S
IND
Vinoth Kumar. M
NADLMMKLK
Arivunithi. S
IND
Nirmal Kumar. M
IND
Sakthivel. A
IND
Yuvaraj. M
AMGRDMK
Sathish Kumar. S
IND
Ramesh. G
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.