कांचीपुरम (विधानसभा क्षेत्र संख्या 37) तमिलनाडु के सबसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों में से एक है. यह एक ऐसा विरासत-आधारित शहरी विधानसभा क्षेत्र है जहां प्राचीन मंदिर, रेशम बुनाई की परंपरा और घनी आबादी वाला शहरी जीवन एक साथ जुड़ा हुआ है. विश्वभर में यह नगर “हजार मंदिरों का शहर” और प्रसिद्ध कांचीपुरम सिल्क साड़ियों के लिए जाना जाता है.
यहां की अर्थव्यवस्था में तीर्थयात्रा और पारंपरिक उद्योग दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. लेकिन रोजमर्रा की समस्याएं भी लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं.
कांचीपुरम में एकाम्बरेश्वरर (प्राचीनतम मंदिरों में से एक), कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और उलागलांधा पेरुमल (दिव्यदेशम्) जैसे प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं, साथ ही कांची कामकोटि पीठ (शंकर मठ) भी यहीं है. वरदराज पेरुमल मंदिर में हर 40 वर्ष में होने वाला ‘अत्थि वरद’ दर्शन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. पुराणों में इस नगर को ‘नागरेषु कांची’ कहा गया है.
राजनीतिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं डीएमके के संस्थापक और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई का जन्म हुआ था और उन्होंने 1957 में इसी क्षेत्र से चुनाव जीता था. सामाजिक रूप से यहां मंदिरों से जुड़े समुदाय, रेशम बुनकर, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी, शहरी गरीब, छात्र और पर्यटन पर निर्भर लोग रहते हैं.
जाति और पेशागत संगठन, विशेषकर बुनकर समुदाय, अब भी प्रभावशाली हैं, लेकिन अब मतदाताओं की प्राथमिकताओं में शहरी सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और रोजगार की सुरक्षा अधिक अहम होती जा रही है. भौगोलिक रूप से चेन्नई से सड़क और रेल द्वारा यह क्षेत्र अच्छी तरह जुड़ा है, परंतु संकरी ऐतिहासिक गलियों में यातायात जाम एक बड़ी समस्या है.
वेगवती नदी और मंदिरों के तालाब जल निकासी और बाढ़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रमुख क्षेत्रों में मंदिर परिसर, रेशम बुनाई की गलियां, बाजार और व्यावसायिक क्षेत्र, नदी व तालाबों के आसपास के इलाके, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन शामिल हैं. यहां की मुख्य समस्याओं में यातायात जाम और पार्किंग की कमी, मानसून में जलभराव, गर्मियों में पेयजल संकट, पारंपरिक रेशम उद्योग का पतन, त्योहारों के दौरान सफाई की चुनौती और जलस्रोतों पर अतिक्रमण शामिल हैं.
मतदाताओं की मनोदशा के अनुसार बुनकर रोजगार सुरक्षा, सब्सिडी, आवास और बाजार तक पहुंच चाहते हैं. निवासी जल निकासी, पानी की आपूर्ति और सड़कों के रखरखाव को प्राथमिकता देते हैं. व्यापारी पार्किंग, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की मांग करते हैं तो वहीं महिलाएं पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर देती हैं, जबकि बुज़ुर्ग और तीर्थयात्री पैदल चलने की सुविधा और सार्वजनिक सुविधाओं को महत्व देते हैं.
इस प्रकार कांचीपुरम आज भी एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां आस्था, रेशम, इतिहास और शासन आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं.
P. Magesh Kumar
PMK
S. Saldin
NTK
B. Gopinath
MNM
Nota
NOTA
N. Manogaran
AMMKMNKZ
L. Arulnathan
IND
K. Prabakaran
BSP
D.gnanamoorthy
IND
M. Meganathan
NGPP
J. Jayaraj
IND
S. Srinivasan
IND
T. Magesh
IND
R. Vinothraj
IND
P. Ezhilarasan
IND
M.elangovan
IND
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