पेरम्बूर, विधानसभा क्षेत्र संख्या 12, उत्तर चेन्नई का एक घनी आबादी वाला कामकाजी और निम्न-मध्यम वर्ग का शहरी इलाका है. इसका विकास ऐतिहासिक रूप से इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), रेलवे कॉलोनियों और पुराने बसे हुए रिहायशी मोहल्लों के आसपास हुआ है. यहां संगठित मजदूरों, सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की नौकरियों और स्वयं बनाए गए घरों की मजबूत परंपरा रही है. इसी वजह से पेरम्बूर की राजनीतिक पहचान व्यक्तिवादी राजनीति से ज्यादा रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं, स्थानीय प्रशासन और आजीविका की स्थिरता से जुड़ी हुई है.
इस क्षेत्र में रेलवे और PSU कर्मचारी, फैक्ट्री व प्राइवेट सेक्टर के कामगार, छोटे व्यापारी, असंगठित मजदूर, प्रवासी और लंबे समय से बसे परिवारों का मिला-जुला समाज रहता है. ट्रेड यूनियन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय सामुदायिक नेता यहां राजनीतिक राय बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक रूप से पेरम्बूर में घनी रिहायशी बस्तियां, रेलवे कॉलोनियां, औद्योगिक इलाके और मुख्य सड़कें शामिल हैं. पेरम्बूर और पेरम्बूर कैरिज वर्क्स रेलवे स्टेशनों के कारण यहां उपनगरीय रेल कनेक्टिविटी बहुत मजबूत है, साथ ही बस सेवाएं भी अच्छी हैं. लेकिन अंदरूनी इलाकों में जाम, लेवल क्रॉसिंग की समस्या और जल निकासी की बाधाएं आज भी बनी हुई हैं.
इस क्षेत्र में पेरम्बूर टाउन, रेलवे क्वार्टर, रिहायशी कॉलोनियां, बाजार सड़कें और फैक्ट्रियों से सटे मोहल्ले आते हैं. रेलवे और PSU कॉलोनियों में रख-रखाव और विभागीय तालमेल प्रमुख मुद्दा है, रिहायशी इलाकों में जल निकासी और पानी की आपूर्ति की मांग रहती है, जबकि बाजार क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण जरूरी समझा जाता है. स्थानीय अर्थव्यवस्था रेलवे, मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी सेवाओं, खुदरा व्यापार, शिक्षा संस्थानों और असंगठित काम पर टिकी है. सरकारी क्षेत्र की मौजूदगी से स्थिरता तो मिली है, लेकिन पुराना बुनियादी ढांचा और ज्यादा जनसंख्या नागरिक सुविधाओं पर दबाव डाल रही है. यहां विकास की चर्चा नए विस्तार से ज्यादा पुनर्विकास और रख-रखाव पर केंद्रित रहती है.
इस क्षेत्र के मुख्य समस्याओं में बरसात के समय जलभराव, अंदरूनी सड़कों की खराब हालत, पीने के पानी की अनियमित आपूर्ति, ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भीड़ तथा रेलवे और सड़कों के पास प्रदूषण शामिल हैं. इसके अलावा पुरानी पाइपलाइनें, नालों पर अतिक्रमण, हरियाली की कमी, लेवल क्रॉसिंग की सुरक्षा, पार्किंग की समस्या और रेलवे व नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत भी अहम मुद्दे हैं.
मतदाताओं का मिजाज पूरी तरह मुद्दा-आधारित और प्रदर्शन परखने वाला है. कामकाजी परिवार बाढ़ से बचाव, पानी और सड़कों को प्राथमिकता देते हैं; रेलवे और PSU कर्मचारी मोहल्ले की स्थिरता चाहते हैं; महिलाएं सफाई और सुरक्षा पर ज़ोर देती हैं; युवा शिक्षा और रोजगार के अवसर खोजते हैं; और बुज़ुर्गों के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और चलने लायक सुरक्षित सड़कें जरूरी हैं. यहां के मतदाता अपने प्रतिनिधियों को विचारधारा से ज्यादा इस बात पर परखते हैं कि वे रोजमर्रा की शहरी समस्याओं पर कितने संवेदनशील और सक्रिय हैं.
Dhanapalan N.r
ADMK
Merlin Suganthi. S
NTK
Ponnusamy. A
MNM
Lakshmi Narayanan. E
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Suresh. C
BSP
Soosai. M.a
RPPRINAT
Sebastin. J
SUCI
Satheesh. J
IND
Parthipan. P
IND
Sekar. P
IND
Rajesh. K
IND
Prem Anand. J
IND
Sathishkumar. S
IND
Rajesh Kumar. S
IND
Selvaraj. R
IND
Saravana Perumal. R
IND
Udayakumar. S
IND
Kadhiravan. M
IND
Venkatesh. L
IND
Vinothkumar. G
IND
Vasantha Kumar. M
IND
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