TVK
CPM
AIADMK
NTK
IND
नोटा
NOTA
BSP
IND
IND
VTVTK
DNA
TVVK
IND
IND
IND
IND
Thiruvottiyur Assembly Election Result Live: तमिलनाडु की इस सीट पर N. Senthil Kumar ने L. Sundararaj को हराया, जानिए किसे मिले कितने वोट
Thiruvottiyur Assembly Election Result Live: तिरुवोट्टियूर में CPM पीछे! जानें वोटों का अंतर कितना
Thiruvottiyur Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Thiruvottiyur Assembly Election Results 2026 Live: Tamil Nadu की Thiruvottiyur में एकतरफा मुकाबला! TVK ने ली बड़ी बढ़त
तिरुवोट्टियूर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 10) चेन्नई के उत्तरी हिस्से में बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित एक घनी आबादी वाला शहरी-औद्योगिक क्षेत्र है. यह इलाका चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों के पास होने के कारण बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों, पारंपरिक मछुआरा आजीविका और मेहनतकश मजदूर बस्तियों से प्रभावित रहा है. यहां प्रसिद्ध त्यागराज मंदिर स्थित है, जो इसकी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है. यह क्षेत्र एक ओर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है तो दूसरी ओर भारी उद्योगों के दबाव से जूझ रहा है, इसलिए पर्यावरण और लोगों की रोजी-रोटी से जुड़े मुद्दे यहां की राजनीति के केंद्र में रहते हैं.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यहां की जनता काफी विविध है, जिसमें मछुआरे, फैक्ट्री और बंदरगाह में काम करने वाले मजदूर, छोटे व्यापारी, शहरी गरीब बस्तियों के लोग, मध्यम वर्गीय परिवार और मंदिर से जुड़े पुराने समुदाय शामिल हैं. मछुआरा संघ, श्रमिक यूनियन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और मंदिर समितियां यहां की जनमत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र समुद्र तट के मछुआरा गांवों, घनी रिहायशी कॉलोनियों, औद्योगिक इलाकों और बंदरगाह से सटे क्षेत्रों में फैला हुआ है. उपनगरीय रेल, मुख्य सड़कें और बस सेवाएं इसे उत्तर और मध्य चेन्नई से जोड़ती हैं.
यहां की मुख्य समस्याओं में औद्योगिक प्रदूषण और खराब हवा, समुद्री कटाव, जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण बाढ़, गंदगी, पीने के पानी की अनियमित आपूर्ति, भारी वाहनों से ट्रैफिक जाम और सरकारी अस्पतालों की सीमित क्षमता शामिल हैं. इसके साथ ही फैक्ट्रियों के धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं, उद्योग और रिहायशी इलाकों के बीच बफर जोन की कमी, अस्पतालों में भीड़, खुले मैदानों की कमी, महिलाओं की सुरक्षा, नालों पर अतिक्रमण और आपदा प्रबंधन की कमजोर तैयारी भी बड़ी चिंताएं हैं.
मतदाताओं का मिजाज मुद्दा-आधारित और कामकाज परखने वाला है. मछुआरे अपनी आजीविका और समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, औद्योगिक मजदूर नौकरी की सुरक्षा और परिवहन सुविधाओं को अहम मानते हैं, आम निवासी साफ-सफाई और बुनियादी सेवाएं चाहते हैं, महिलाएं सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं पर जोर देती हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बड़ा मुद्दा हैं.
K.kuppan
ADMK
Seeman
NTK
D.mohan
MNM
M.soundara Pandian
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
M.a.michael Raj
IND
N.ramesh Kumar
IND
M.kotteswaran
BSP
D.sasiraj
SAP
R.egavalli
NADLMMKLK
U.venkatesh
IND
M.chellam
IND
C.dhanraj
IND
D.thamizhizhan
IND
K.gopinath
IND
B.dhanasekaran
IND
B.zakir Hussain
IND
Pravina
IND
N.rajesh Kumar
IND
V.sureshbalaji
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.