तिरुवोट्टियूर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 10) चेन्नई के उत्तरी हिस्से में बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित एक घनी आबादी वाला शहरी-औद्योगिक क्षेत्र है. यह इलाका चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों के पास होने के कारण बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों, पारंपरिक मछुआरा आजीविका और मेहनतकश मजदूर बस्तियों से प्रभावित रहा है. यहां प्रसिद्ध त्यागराज मंदिर स्थित है, जो इसकी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है. यह क्षेत्र एक ओर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है तो दूसरी ओर भारी उद्योगों के दबाव से जूझ रहा है, इसलिए पर्यावरण और लोगों की रोजी-रोटी से जुड़े मुद्दे यहां की राजनीति के केंद्र में रहते हैं.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से यहां की जनता काफी विविध है, जिसमें मछुआरे, फैक्ट्री और बंदरगाह में काम करने वाले मजदूर, छोटे व्यापारी, शहरी गरीब बस्तियों के लोग, मध्यम वर्गीय परिवार और मंदिर से जुड़े पुराने समुदाय शामिल हैं. मछुआरा संघ, श्रमिक यूनियन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और मंदिर समितियां यहां की जनमत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र समुद्र तट के मछुआरा गांवों, घनी रिहायशी कॉलोनियों, औद्योगिक इलाकों और बंदरगाह से सटे क्षेत्रों में फैला हुआ है. उपनगरीय रेल, मुख्य सड़कें और बस सेवाएं इसे उत्तर और मध्य चेन्नई से जोड़ती हैं.
यहां की मुख्य समस्याओं में औद्योगिक प्रदूषण और खराब हवा, समुद्री कटाव, जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण बाढ़, गंदगी, पीने के पानी की अनियमित आपूर्ति, भारी वाहनों से ट्रैफिक जाम और सरकारी अस्पतालों की सीमित क्षमता शामिल हैं. इसके साथ ही फैक्ट्रियों के धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं, उद्योग और रिहायशी इलाकों के बीच बफर जोन की कमी, अस्पतालों में भीड़, खुले मैदानों की कमी, महिलाओं की सुरक्षा, नालों पर अतिक्रमण और आपदा प्रबंधन की कमजोर तैयारी भी बड़ी चिंताएं हैं.
मतदाताओं का मिजाज मुद्दा-आधारित और कामकाज परखने वाला है. मछुआरे अपनी आजीविका और समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, औद्योगिक मजदूर नौकरी की सुरक्षा और परिवहन सुविधाओं को अहम मानते हैं, आम निवासी साफ-सफाई और बुनियादी सेवाएं चाहते हैं, महिलाएं सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं पर जोर देती हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बड़ा मुद्दा हैं.
K.kuppan
ADMK
Seeman
NTK
D.mohan
MNM
M.soundara Pandian
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
M.a.michael Raj
IND
N.ramesh Kumar
IND
M.kotteswaran
BSP
D.sasiraj
SAP
R.egavalli
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U.venkatesh
IND
M.chellam
IND
C.dhanraj
IND
D.thamizhizhan
IND
K.gopinath
IND
B.dhanasekaran
IND
B.zakir Hussain
IND
Pravina
IND
N.rajesh Kumar
IND
V.sureshbalaji
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.