विल्लीवक्कम, विधानसभा क्षेत्र संख्या 14 है. यह चेन्नई के उत्तर-मध्य हिस्से में स्थित एक मिश्रित आवासीय-औद्योगिक इलाका है. इसकी पहचान रेलवे से जुड़े इतिहास, मेहनतकश कामगार बस्तियों और तेजी से उभरते मध्यम वर्गीय इलाकों से बनी है. यह क्षेत्र लंबे समय तक रेलवे, छोटे कारखानों और संगठित मजदूर आंदोलनों से जुड़ा रहा है, जो चेन्नई के औद्योगिक शहर से सेवा आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने की कहानी को दिखाता है. इसके साथ ही, यहां की पुरानी और जर्जर होती शहरी आधारभूत संरचना आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह इलाका महत्वपूर्ण है, जहां प्राचीन अगस्तीश्वरर मंदिर और अंग्रेजों के जमाने से लगने वाला साप्ताहिक बाजार आज भी सक्रिय है. सामाजिक और राजनीतिक रूप से विल्लीवक्कम की आबादी काफी विविध है, जिसमें रेलवे कर्मचारी, फैक्ट्री व निर्माण मजदूर, मध्यम और निम्न आय वर्ग के वेतनभोगी लोग, छोटे व्यापारी, असंगठित क्षेत्र के कामगार और प्रवासी शामिल हैं. यहां जाति और समुदाय की भूमिका तो है, लेकिन अब लोग ज्यादा तर रोजमर्रा की नागरिक सुविधाओं के प्रदर्शन के आधार पर वोट देते हैं. आरडब्ल्यूए, ट्रेड यूनियन, बाजार संघ और वार्ड स्तर के स्थानीय नेता जनमत को प्रभावित करते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र विलीलिवक्कम रेलवे स्टेशन, मुख्य सड़कों और घनी रिहायशी बस्तियों के इर्द-गिर्द बसा है. रोजाना आवागमन के लिए रेल सबसे अहम साधन है, जिसे मजबूत बस नेटवर्क सहारा देता है, लेकिन रेलवे फाटकों के पास जाम, खराब सड़कें और बरसात में जलभराव यहां की पुरानी समस्याएं हैं.
प्रमुख मुद्दों में बार-बार पानी भरना और कमजोर ड्रेनेज, अंदरूनी सड़कों और फुटपाथों की बदहाली, पीने के पानी की अनियमित आपूर्ति, रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन की कमी, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भीड़, तथा रेलवे व औद्योगिक इलाकों के पास शोर और प्रदूषण शामिल हैं. मतदाताओं की सोच अलग-अलग वर्गों में अलग दिखाई देती है. मजदूर परिवारों के लिए जल निकासी, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं अहम हैं, मध्यम वर्ग सड़कों, ट्रैफिक और सफाई पर ध्यान देता है. महिलाएं सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट और शौचालय जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देती हैं. युवा रोजगार और कौशल प्रशिक्षण चाहते हैं, जबकि बुजुर्ग बेहतर इलाज और आसान परिवहन सुविधा पर जोर देते हैं.
कुल मिलाकर, यहां के मतदाता अब उन्हीं नेताओं को समर्थन देते हैं जो जमीन पर दिखने वाले काम करें, शिकायतों का जल्दी समाधान कराएं और नगर निगम व रेलवे विभाग के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समस्याओं को सुलझाएं.
J.c.d.prabhakar
ADMK
Sriharan
MNM
R.sridar
NTK
Nota
NOTA
D.subamangalam
DMDK
Syed Rayhan
IND
Jagadesh Jayakumar
VATAK
A.palanivel
BSP
M.gunasekaran
IND
S.chandrika
IND
L.govindaraj
NINIK
S.baskar
IND
M.murali Vinodh
IND
S. Raju Bharathi
DMSK
A . Ajith Kumar
IND
S.kandasamy
IND
C.mohan
IND
M .jalal
IND
A.s.kumar
IND
C.a.ashok Kumar
IND
G.iyanar
IND
G. Devapriyan
IND
C.raghul
IND
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी के मुख्य और डमी दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
16 अप्रैल को बुलाए गए संसद सत्र में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. सरकार कानूनी रूप से 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करना चाहती है - विपक्ष को वैसे तो कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल जरूर उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि को लेकर बड़ा बवाल मच गया है. विपक्षी नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने ही पिता करुणानिधि को आखिरी दिनों में घर में कैद करके रखा था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ वही दोहरा रहे हैं जो स्टालिन के सगे भाई अलागिरि और करीबी नेता ए. राजा पहले ही कह चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने केंद्र की एनडीए सरकार और पीएम मोदी पर तीन-भाषा नीति लागू करने की चुनौती दी. उन्होंने सरकार पर हिंदी थोपने की नीति का कड़ा विरोध किया. स्टालिन महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा.
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.