होर्मुज संकट के बीच अमेरिका-ईरान टकराव बढ़ गया है (Photo: AFP) पश्चिम एशिया में एक बार फिर से जंग धधक गई है. अमेरिका ने ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली और मिसाइल ठिकानों पर हमला किया. यह हमला ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लगाने के बाद हुआ. ईरान ने इसके जवाब में और ज्यादा क्षेत्रीय ऊर्जा निर्यात बंद करने की धमकी दी और कहा कि वह अमेरिका के साथ 'अस्तित्व की लड़ाई' लड़ रहा है. यह तनाव उस समय बढ़ा जब कुछ दिन पहले एक कमजोर संघर्ष विराम टूट गया था.
पिछले शनिवार रात ईरान ने होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था. यह वही रास्ता है जिससे युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और गैस गुजरता था.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े तीन बजे भारतीय समय पर ईरान के ग्रेटर टुंब द्वीप पर तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल भंडारण ठिकानों पर हमला किया गया. यह हमला करीब 90 मिनट में पूरा हो गया. इसके नौ घंटे बाद दूसरी बार भी हमला किया गया.
अमेरिकी सेना ने यह भी बताया कि उसने ईरान के खर्ग द्वीप की तरफ जा रहे एक तेल टैंकर को बार बार चेतावनी देने के बावजूद रोका नहीं जाने पर उसे मिसाइल से निष्क्रिय कर दिया.
हमलों के बाद ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि अहवाज शहर के चार इलाकों और बंदर अब्बास पर भी हमला हुआ, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दावा किया कि अहवाज के एक अस्पताल के पास हमला हुआ जहां बच्चों के कैंसर का इलाज होता है, जिसके बाद अस्पताल खाली कराना पड़ा.
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने कहा कि ईरान की सुरक्षा होर्मुज में उसकी व्यवस्था बनाए रखने पर निर्भर है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया. कुवैत ने कहा कि उसने बुधवार को ईरान से आईं चार मिसाइलें और 21 ड्रोन रोक दिए, इसमें नुकसान हुआ पर कोई घायल नहीं हुआ. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान जल्द हार मान लेगा और वह 'समझौता करने के लिए बेताब' है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आरोप लगाया है कि इजरायली सरकार के कुछ लोग ईरान के साथ शांति वार्ता को कमजोर करने और युद्ध को लंबा खींचने के लिए अमेरिकी जनमत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे. यह दावा द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सामने आया है.
अमेरिकी सेना के सेंटकॉम ने दावा किया है कि उसने खार्ग आइलैंड की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय कर दिया. इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल-ड्रोन साइट्स पर भी नए हमले किए हैं.
पश्चिम एशिया में एक बार फिर से जंग तेज हो गई है. अमेरिकी की ओर से लगातार 5वें दिन हमला किया गया. ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका की ओर से बमबारी की गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने 2024 से हिरासत में रखे एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर सद्भावना का संकेत दिया है. हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों के कारण होर्मुज और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है.

अमेरिका द्वारा ईरान पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने और हवाई हमले तेज करने के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया. जॉर्डन ने भी कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली मिसाइलों को मार गिराया.
ईरानी हमलों के बाद होर्मुज में सुरक्षा चिंताओं के चलते कई शिपिंग कंपनियां अमेरिकी सैन्य निगरानी वाले ट्रांजिट मार्ग का इस्तेमाल भी नहीं कर रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, जहाज अब ईरान और ओमान के तटों के पास बने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर रहे हैं.