विरुगमपक्कम, जो पश्चिमी चेन्नई में स्थित है, प्रतिष्ठित वडापलानी मुरुगन मंदिर और चहल-पहल वाले वडापलानी फिल्म जिले के बेहद करीब है. यह इलाका तमिल सिनेमा की राजधानी जैसा माना जाता है, क्योंकि यहां और आसपास कई फिल्म स्टूडियो, सिनेमाघर और सिने जगत से जुड़ी हस्तियां रहती हैं. केके नगर, सालिग्रामम, कोयंबेडु, वडापलानी और वलसरवक्कम से घिरा यह पूरी तरह शहरी विधानसभा क्षेत्र मध्यम वर्गीय चेन्नई के रोजमर्रा के जीवन का प्रतिनिधित्व करता है, जहां नागरिक सुविधाएं, परिवहन की सुचारू व्यवस्था और जीवन की गुणवत्ता ही राजनीतिक सोच को आकार देती हैं. यहां के मतदाता मुद्दों के प्रति सजग, कामकाज के आधार पर राय बनाने वाले और अपने प्रतिनिधियों के कामकाज को जमीनी स्तर पर परखने वाले माने जाते हैं.
इस क्षेत्र की आबादी में वेतनभोगी कर्मचारी, व्यापारी, अपार्टमेंट में रहने वाले परिवार, बाहर से आए लोग और छोटे व्यवसायी शामिल हैं. जाति की भूमिका मौजूद है, लेकिन नागरिक सुविधाओं और जनप्रतिनिधि के प्रदर्शन को ज्यादा महत्व दिया जाता है. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यापारिक संगठन जनमत को प्रभावित करते हैं, वहीं विधायक की सुलभता, जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन से तालमेल भी अहम माना जाता है.
घनी बसी सड़कों और खुले स्थानों की कमी के बावजूद यह इलाका शहर के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. फिर भी रोजमर्रा की जिंदगी ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, संकरी सड़कों और पैदल यात्रियों के लिए असमान सुविधाओं से प्रभावित होती है. वडापलानी मुरुगन मंदिर, नेक्सस मॉल, प्रमुख आर्कोट रोड, रिहायशी कॉलोनियाँ, एवीएम और प्रसाद स्टूडियो यहां के प्रमुख स्थल हैं. अभिनेता-राजनेता विजयकांत का निवास भी इसी क्षेत्र में रहा है और टीवीके नेता विजय भी पहले यहीं रहते थे, बाद में ओएमआर चले गए.
मुख्य समस्याओं में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पानी की नियमित आपूर्ति, सीवर और कचरा प्रबंधन, खराब सड़कें, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, बिजली की स्थिरता और अतिक्रमण शामिल हैं. मतदाताओं की प्राथमिकताएं उनके जीवन-स्तर से जुड़ी हैं. अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए पानी, ड्रेनेज, कचरा प्रबंधन और सुरक्षा. पेशेवरों के लिए सुगम आवागमन और भरोसेमंद सेवाएं, व्यापारियों के लिए पार्किंग और सड़क पहुंच, महिलाओं के लिए रोशनी, सुरक्षा और परिवहन, तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल चलने की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता चाहते हैं.
Virugai V.n.ravi
ADMK
Senegan
MNM
T.s.rajendran
NTK
M.gunasekaran (a) Star M.gunasekaran
IND
B.parthasarathy
DMDK
Nota
NOTA
R.mayilsamy
IND
Sathasivam
IND
M.s.ismail Khan
AIJYMKG
M.mannu
IND
V.gunasekaran
IND
M.sivakumar
IND
G.thanigachalam
VTVTK
Manju
AMAK
S.gunasekar
IND
G.ravi
RJD
M.ellangovan
IND
E.sankar
IND
R.prabaharan
MMKA
D.prabakaran
IND
D.sundar Singh
IND
M.srinivasan
IND
V.thalapathi
IND
V.k.kathir
IND
S.r.dinesh Kumar
AMGRDMK
K.boopathy
IND
V.k.senthil Kumar
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.