TVK
DMK
BJP
NTK
नोटा
NOTA
BSP
JJ
IND
TMMK
IND
TDK
IND
IND
AIJYMKG
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Mylapore Vidhan Sabha Results Live: तमिलनाडु के मायलापुर विधानसभा क्षेत्र में TVK का दबदबा, DMK को हराया
Mylapore Assembly Election Result Live: तमिलनाडु की इस सीट पर Venkataramanan P. ने Velu Dha को हराया, जानिए किसे मिले कितने वोट
Mylapore Assembly Election Result Live: तमिलनाडु की इस सीट पर Venkataramanan P. ने Velu Dha को हराया, जानिए किसे मिले कितने वोट
Mylapore Election Results Live 2026: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें तमिलनाडु रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Mylapore Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
मायलापुर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 25) चेन्नई के सबसे पुराने और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट इलाकों में से एक है. यह क्षेत्र अपनी समृद्ध विरासत, धार्मिक जीवन, घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और सक्रिय व्यावसायिक सड़कों के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि महान तमिल कवि तिरुवल्लुवर का जन्म भी मायलापुर में हुआ था.
इस क्षेत्र की पहचान ऐतिहासिक कपालेश्वरर मंदिर, पारंपरिक अग्रहारा गलियों, सांस्कृतिक संस्थानों और शैक्षणिक केंद्रों से जुड़ी है. इसी वजह से मायलापुर को अक्सर “मंदिरों का नगर” कहा जाता है. यहां शासन और प्रशासन का सीधा संबंध विरासत संरक्षण, मंदिर उत्सवों के प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता से जुड़ा रहता है. घनी आबादी और ऐतिहासिक ढांचे के कारण यहां आधुनिक सुविधाओं और परंपराओं के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से मायलापुर में लंबे समय से बसे मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग के परिवार, पेशेवर लोग, व्यापारी, मंदिरों से जुड़े समुदाय, छात्र और सेवा क्षेत्र के लोग रहते हैं. यहां जातिगत प्रभाव बहुत कम दिखाई देता है. लोगों का मतदान व्यवहार अधिकतर सांस्कृतिक पहचान, नागरिक सेवाओं और प्रशासन के कामकाज पर निर्भर करता है. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मंदिर समितियां, सांस्कृतिक संगठन और व्यापारी संघ जनमत को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
भौगोलिक रूप से मायलापुर एक छोटा लेकिन बहुत घना इलाका है. यहां की संकरी गलियां पहले पैदल चलने और मंदिरों के लिए बनाई गई थीं, लेकिन अब उन पर भारी ट्रैफिक रहता है. यह क्षेत्र त्रिप्लिकेन, टी. नगर, अलवरपेट और अड्यार से सड़कों और बस मार्गों के जरिए जुड़ा हुआ है, जबकि मेट्रो सेवा से आवागमन और बेहतर हुआ है. इसके बावजूद ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी और पैदल यात्रियों की सुरक्षा यहां की स्थायी समस्याएं हैं. भारी बारिश के समय कुछ निचले इलाके जलभराव से भी प्रभावित होते हैं.
मायलापुर के प्रमुख स्थल कपालेश्वरर मंदिर परिसर और उसकी माडा गलियां, संतोम चर्च, समुद्र तट से जुड़ी सड़कें, तिरुवल्लुवर मंदिर, संस्कृत कॉलेज, आदि केशव पेरुमल मंदिर, रामकृष्ण मठ और विवेकानंद कॉलेज, साथ ही संगीत सभाएं, सांस्कृतिक केंद्र और विविध व्यंजन वाले क्षेत्र हैं.
यहां की मुख्य समस्याओं में ट्रैफिक और पार्किंग की कमी, मंदिर उत्सवों के दौरान भीड़ प्रबंधन, जल निकासी और जलभराव, कचरा प्रबंधन, विरासत वाली सड़कों और इमारतों का संरक्षण, शोर और वायु प्रदूषण, फुटपाथों की स्थिति और मंदिर व रिहायशी इलाकों में अतिक्रमण शामिल हैं.
मायलापुर के मतदाता जागरूक, सक्रिय और अपनी बात खुलकर रखने वाले हैं. वे ऐसे प्रशासन को प्राथमिकता देते हैं जो नियमित रूप से काम करे, स्थानीय संस्कृति और मंदिर-केंद्रित पहचान का सम्मान करे और नागरिक समस्याओं का संवेदनशील समाधान निकाले.
Nataraj.r
ADMK
Sripriya
MNM
Mahalakshmi.k
NTK
Nota
NOTA
Karthick.d
AMMKMNKZ
Balaji
BSP
Radha M (transgender)
IND
Nallappan.g
IND
Natarajan P
IND
Pasupathi Pragalathan
IND
Mohanraj.j
JJ
Selvakumar
IND
Rangarajan.r
IND
Nandagopal.g
IND
Senthil Kumar.d
AMAK
Arunraj Balan
IND
Varatharajan.v.s
IND
Kajendran.m
IND
V. Vijaya Krishna
IND
Shanmugarajan B
IND
Malar Kannan.r
IND
Kuppuswamy.t.m
IND
Venkatesh
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.