थिरु-वी-का-नगर, विधानसभा क्षेत्र संख्या 15, चेन्नई के मध्य-उत्तरी हिस्से में स्थित एक घनी आबादी वाला शहरी क्षेत्र है. इस इलाके का ऐतिहासिक संबंध मजदूर आंदोलनों, दलित चेतना और कामगार राजनीति से रहा है. इस क्षेत्र का नाम प्रसिद्ध समाज सुधारक थिरु वी. कल्याणसुंदरम मुदलियार (थिरु.वी.का.) के नाम पर रखा गया है.
यहां पुराने औद्योगिक और आवासीय इलाकों का मिश्रण देखने को मिलता है, जहां संकरे घर, छोटी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप और सरकारी सेवाओं पर भारी निर्भरता है. चेन्नई के बाहरी इलाकों की तुलना में यहां की राजनीति सामाजिक न्याय, आवास सुरक्षा, सरकारी योजनाओं की पहुंच और बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक दबाव जैसे मुद्दों से प्रभावित रहती है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यहां की आबादी मुख्यतः कामगार वर्ग की है, जिसमें अनुसूचित जाति के लोग, फैक्ट्री और निर्माण मजदूर, कपड़ा उद्योग से जुड़े कामगार, छोटे उद्योगों के श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, प्रवासी मजदूर और शहरी गरीब परिवार शामिल हैं. ट्रेड यूनियन, सामुदायिक संगठन, दलित संगठन और वार्ड स्तर के स्थानीय नेता यहां जनमत बनाने और लोगों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. भौगोलिक रूप से यह इलाका घनी बस्ती, औद्योगिक शेड, रेलवे लाइन से सटे मोहल्ले और मुख्य सड़कों से जुड़ा हुआ है, जो मध्य और उत्तरी चेन्नई को जोड़ते हैं. यहां श्रमिक कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक सड़कें, फैक्ट्री इलाके, बस मार्ग, बड़े चौराहे और रेलवे के पास बसे मोहल्ले प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र की मुख्य नागरिक समस्याओं में बार-बार जलभराव और खराब नालियों की व्यवस्था, जर्जर मकान और आग लगने का खतरा, सफाई की कमी और कचरा उठाने में अनियमितता, पीने के पानी की अनिश्चित आपूर्ति, सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में भीड़, खराब स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा की चिंता, तथा पार्क और मनोरंजन स्थलों की भारी कमी शामिल है.
मतदाताओं की सोच में भी वर्गों के अनुसार फर्क दिखता है. कामगार परिवार सुरक्षित मकान, जल निकासी और पीने के पानी को प्राथमिकता देते हैं. महिलाएं सफाई, रोशनी और व्यक्तिगत सुरक्षा पर ध्यान देती हैं. युवा कौशल प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार चाहते हैं. बुजुर्गों के लिए सुलभ इलाज, पेंशन और सरकारी सहायता योजनाओं की निरंतरता अहम है. वहीं, हाशिए पर रहने वाले समुदाय सम्मान, समानता और कल्याणकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर नजर रखते हैं.
Kalyani.p.l
ADMK
Illavanji.dr.r
NTK
Obath.s
MNM
Sekar.m.p
DMDK
Nota
NOTA
Bagavath Singh.m
BSP
Sihamani.g
IND
Sundar.g
IND
Selvakumar.a
IND
Kalyani.k
IND
Sekar.e
IND
Ramesh Babu.m
IND
Kolanji.m
IND
Prabhakaran.k
MKat
Udaya Chandran .r
IND
Ravikumar.s
RPI(S)
Malathi.s
IND
Premkumar.g
IND
Raviparaiyanar.d
RPPRINAT
Santhanu.s
IND
Ranganathan.m
IND
Govindaraj.g
IND
Birlabose.m
IND
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी के मुख्य और डमी दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
16 अप्रैल को बुलाए गए संसद सत्र में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. सरकार कानूनी रूप से 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करना चाहती है - विपक्ष को वैसे तो कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल जरूर उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि को लेकर बड़ा बवाल मच गया है. विपक्षी नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने ही पिता करुणानिधि को आखिरी दिनों में घर में कैद करके रखा था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ वही दोहरा रहे हैं जो स्टालिन के सगे भाई अलागिरि और करीबी नेता ए. राजा पहले ही कह चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने केंद्र की एनडीए सरकार और पीएम मोदी पर तीन-भाषा नीति लागू करने की चुनौती दी. उन्होंने सरकार पर हिंदी थोपने की नीति का कड़ा विरोध किया. स्टालिन महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा.
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.