TVK
DMK
AIADMK
NTK
नोटा
NOTA
RPI (Athawale)
THAKK
IND
IND
IND
AIPTMMK
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
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IND
IND
IND
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IND
Thiru-Vi-Ka-Nagar Vidhan Sabha Election Results Live: थिरु-वि-का-नगर विधानसभा का रिजल्ट घोषित, TVK ने DMK को हराया
Thiru-Vi-Ka-Nagar Election Results 2026 Live: थिरु-वि-का-नगर सीट पर यह क्या हो गया! DMK बड़े अंतर से पीछे
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Thiru-Vi-Ka-Nagar Election Results Live 2026: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें तमिलनाडु रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Thiru-Vi-Ka-Nagar Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
थिरु-वी-का-नगर, विधानसभा क्षेत्र संख्या 15, चेन्नई के मध्य-उत्तरी हिस्से में स्थित एक घनी आबादी वाला शहरी क्षेत्र है. इस इलाके का ऐतिहासिक संबंध मजदूर आंदोलनों, दलित चेतना और कामगार राजनीति से रहा है. इस क्षेत्र का नाम प्रसिद्ध समाज सुधारक थिरु वी. कल्याणसुंदरम मुदलियार (थिरु.वी.का.) के नाम पर रखा गया है.
यहां पुराने औद्योगिक और आवासीय इलाकों का मिश्रण देखने को मिलता है, जहां संकरे घर, छोटी फैक्ट्रियां, वर्कशॉप और सरकारी सेवाओं पर भारी निर्भरता है. चेन्नई के बाहरी इलाकों की तुलना में यहां की राजनीति सामाजिक न्याय, आवास सुरक्षा, सरकारी योजनाओं की पहुंच और बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक दबाव जैसे मुद्दों से प्रभावित रहती है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यहां की आबादी मुख्यतः कामगार वर्ग की है, जिसमें अनुसूचित जाति के लोग, फैक्ट्री और निर्माण मजदूर, कपड़ा उद्योग से जुड़े कामगार, छोटे उद्योगों के श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, प्रवासी मजदूर और शहरी गरीब परिवार शामिल हैं. ट्रेड यूनियन, सामुदायिक संगठन, दलित संगठन और वार्ड स्तर के स्थानीय नेता यहां जनमत बनाने और लोगों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. भौगोलिक रूप से यह इलाका घनी बस्ती, औद्योगिक शेड, रेलवे लाइन से सटे मोहल्ले और मुख्य सड़कों से जुड़ा हुआ है, जो मध्य और उत्तरी चेन्नई को जोड़ते हैं. यहां श्रमिक कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक सड़कें, फैक्ट्री इलाके, बस मार्ग, बड़े चौराहे और रेलवे के पास बसे मोहल्ले प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र की मुख्य नागरिक समस्याओं में बार-बार जलभराव और खराब नालियों की व्यवस्था, जर्जर मकान और आग लगने का खतरा, सफाई की कमी और कचरा उठाने में अनियमितता, पीने के पानी की अनिश्चित आपूर्ति, सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में भीड़, खराब स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा की चिंता, तथा पार्क और मनोरंजन स्थलों की भारी कमी शामिल है.
मतदाताओं की सोच में भी वर्गों के अनुसार फर्क दिखता है. कामगार परिवार सुरक्षित मकान, जल निकासी और पीने के पानी को प्राथमिकता देते हैं. महिलाएं सफाई, रोशनी और व्यक्तिगत सुरक्षा पर ध्यान देती हैं. युवा कौशल प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार चाहते हैं. बुजुर्गों के लिए सुलभ इलाज, पेंशन और सरकारी सहायता योजनाओं की निरंतरता अहम है. वहीं, हाशिए पर रहने वाले समुदाय सम्मान, समानता और कल्याणकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर नजर रखते हैं.
Kalyani.p.l
ADMK
Illavanji.dr.r
NTK
Obath.s
MNM
Sekar.m.p
DMDK
Nota
NOTA
Bagavath Singh.m
BSP
Sihamani.g
IND
Sundar.g
IND
Selvakumar.a
IND
Kalyani.k
IND
Sekar.e
IND
Ramesh Babu.m
IND
Kolanji.m
IND
Prabhakaran.k
MKat
Udaya Chandran .r
IND
Ravikumar.s
RPI(S)
Malathi.s
IND
Premkumar.g
IND
Raviparaiyanar.d
RPPRINAT
Santhanu.s
IND
Ranganathan.m
IND
Govindaraj.g
IND
Birlabose.m
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.