AIADMK
TVK
VCK
NTK
नोटा
NOTA
AIPTMMK
TVVK
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Cheyyur Assembly Election Result Live: तमिलनाडु की इस सीट पर E. Rajasekar ने Mohan Raja M.G.K को हराया, जानिए किसे मिले कितने वोट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Cheyyur Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Cheyyur Election Result 2026 Live: चेय्युर का रिजल्ट जानना है? यहां मिलेगा हर अपडेट
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Cheyyur Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
चेय्यूर विधानसभा क्षेत्र संख्या 34, चेंगलपट्टू जिले के दक्षिणी तटीय इलाके में स्थित एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र है, जिसकी पहचान कृषि, मछली पालन और बिखरे हुए गांवों से होती है. वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद गठित यह क्षेत्र तमिलनाडु के तेजी से विकसित हो रहे शहरी गलियारों से बाहर है और तटीय–कृषि पट्टी की उन समस्याओं को दर्शाता है, जहां पानी की उपलब्धता, बुनियादी ढांचा और आजीविका की स्थिरता जनता की मुख्य चिंता हैं. उपनगरीय क्षेत्रों के विपरीत, चेय्यूर की राजनीति सेवा-प्रदान, सरकारी कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, तटीय अर्थव्यवस्था की सुरक्षा और जलवायु आपदाओं से निपटने की क्षमता के इर्द-गिर्द घूमती है.
यहां मतदाता मुख्य रूप से किसान, खेत मजदूर, मछुआरे, दुग्ध व्यवसाय से जुड़े परिवार, छोटे व्यापारी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं. गांवों और जातीय नेटवर्क का मतदान व्यवहार पर गहरा असर रहता है, जबकि चक्रवात, बाढ़ और तटीय कटाव जैसी आपदाओं के समय विधायक की उपलब्धता और त्वरित सहायता मतदाताओं के भरोसे का बड़ा आधार बनती है.
भौगोलिक रूप से इस क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी के किनारे बसे मछली पकड़ने वाले गांव, सिंचाई टैंकों पर निर्भर कृषि बस्तियां, सूखा क्षेत्र और अंदरूनी पंचायतें शामिल हैं. संपर्क व्यवस्था राज्य राजमार्गों और सीमित बस सेवाओं पर टिकी है, जबकि अंदरूनी सड़कों और तटीय मार्गों की स्थिति असमान होने से बाजारों तक पहुंच और आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ता है.
मुख्य समस्याओं में अनियमित सिंचाई और टैंकों का रखरखाव, तटीय कटाव से आजीविका का खतरा, पीने के पानी की कमी और खारेपन का बढ़ना, अंदरूनी सड़कों की खराब हालत, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता, मछली उतारने व भंडारण के अपर्याप्त साधन तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी शामिल हैं.
कुल मिलाकर, चेय्यूर में मतदाता सरकार से प्रभावी शिकायत निवारण, जलवायु-सुरक्षित आवास और रोजमर्रा की सेवाओं की बेहतर आपूर्ति की उम्मीद करते हैं, और यहीं से किसी भी जनप्रतिनिधि की कार्यक्षमता को आंका जाता है.
Kanitha S
ADMK
Rajesh R
NTK
Siva A
DMDK
Anbu Tamilsekaran P
MNM
Nota
NOTA
Ilayaraja S
BSP
Vinoth M
IND
Babu E
IND
Amarnath B
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.