चेय्यूर विधानसभा क्षेत्र संख्या 34, चेंगलपट्टू जिले के दक्षिणी तटीय इलाके में स्थित एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र है, जिसकी पहचान कृषि, मछली पालन और बिखरे हुए गांवों से होती है. वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद गठित यह क्षेत्र तमिलनाडु के तेजी से विकसित हो रहे शहरी गलियारों से बाहर है और तटीय–कृषि पट्टी की उन समस्याओं को दर्शाता है, जहां पानी की उपलब्धता, बुनियादी ढांचा और आजीविका की स्थिरता जनता की मुख्य चिंता हैं. उपनगरीय क्षेत्रों के विपरीत, चेय्यूर की राजनीति सेवा-प्रदान, सरकारी कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन, तटीय अर्थव्यवस्था की सुरक्षा और जलवायु आपदाओं से निपटने की क्षमता के इर्द-गिर्द घूमती है.
यहां मतदाता मुख्य रूप से किसान, खेत मजदूर, मछुआरे, दुग्ध व्यवसाय से जुड़े परिवार, छोटे व्यापारी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं. गांवों और जातीय नेटवर्क का मतदान व्यवहार पर गहरा असर रहता है, जबकि चक्रवात, बाढ़ और तटीय कटाव जैसी आपदाओं के समय विधायक की उपलब्धता और त्वरित सहायता मतदाताओं के भरोसे का बड़ा आधार बनती है.
भौगोलिक रूप से इस क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी के किनारे बसे मछली पकड़ने वाले गांव, सिंचाई टैंकों पर निर्भर कृषि बस्तियां, सूखा क्षेत्र और अंदरूनी पंचायतें शामिल हैं. संपर्क व्यवस्था राज्य राजमार्गों और सीमित बस सेवाओं पर टिकी है, जबकि अंदरूनी सड़कों और तटीय मार्गों की स्थिति असमान होने से बाजारों तक पहुंच और आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ता है.
मुख्य समस्याओं में अनियमित सिंचाई और टैंकों का रखरखाव, तटीय कटाव से आजीविका का खतरा, पीने के पानी की कमी और खारेपन का बढ़ना, अंदरूनी सड़कों की खराब हालत, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता, मछली उतारने व भंडारण के अपर्याप्त साधन तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी शामिल हैं.
कुल मिलाकर, चेय्यूर में मतदाता सरकार से प्रभावी शिकायत निवारण, जलवायु-सुरक्षित आवास और रोजमर्रा की सेवाओं की बेहतर आपूर्ति की उम्मीद करते हैं, और यहीं से किसी भी जनप्रतिनिधि की कार्यक्षमता को आंका जाता है.
Kanitha S
ADMK
Rajesh R
NTK
Siva A
DMDK
Anbu Tamilsekaran P
MNM
Nota
NOTA
Ilayaraja S
BSP
Vinoth M
IND
Babu E
IND
Amarnath B
IND
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म-जयंती के अवसर पर मदुरंतकम पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत नेताजी और तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करके की. प्रधानमंत्री ने इस रैली को तमिलनाडु में बदलाव का शंखनाद बताते हुए कहा कि राज्य की जनता अब डीएमके के कुशासन से मुक्ति चाहती है और भाजपा-एनडीए गठबंधन उनकी पहली पसंद बनकर उभरा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल और तमिलनाडु के दौरे पर पहुंच रहे हैं. विधानसभा चुनाव के लिहाज से पीएम मोदी का दौरा काफी अहम माना जा रहा है. सवाल यही है कि विकास की सौगात देकर बीजेपी के लिए पीएम मोदी क्या सियासी जमीन उपजाऊ बना पाएंगे?
चुनाव आयोग ने अभिनेता-राजनेता विजय की TVK को ‘व्हिसल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह विजय की पहली पसंद थी. 2026 विधानसभा चुनाव TVK की पहली चुनावी लड़ाई होगी. पार्टी को भरोसा है कि विजय मुख्यमंत्री बनेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के अभियान की शुरुआत करेंगे. वह मदुरांतकम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें एआईएडीएमके समेत सभी एनडीए सहयोगी दलों के नेता उनके साथ मंच साझा करेंगे.
तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन में बढ़ती खींचतान को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में साढ़े चार घंटे लंबी मैराथन बैठक की. पार्टी नेतृत्व ने गठबंधन में दरार पैदा करने वाले बयानों पर नेता प्रवीण चक्रवर्ती को कड़ी फटकार लगाई है. पार्टी ने नेताओं को मीडिया से दूर रहने और बयानबाजी न करने की नसीहत दी है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले जल्लीकट्टू के अखाड़े से स्टालिन सरकार ने बड़ा सियासी संदेश दिया है. तमिल अस्मिता के प्रतीक इस खेल को नौकरी से जोड़कर डीएमके ने परंपरा, गौरव और शासन को एक फ्रेम में पेश किया है. यह फैसला सांस्कृतिक सम्मान के साथ चुनावी रणनीति भी माना जा सकता है.
तमिलनाडु चुनाव से पहले सूबे में एनडीए का कुनबा बढ़ाने में जुटी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख थलापति विजय को एनडीए में आने का न्योता दिया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दांव चले जाने लगे हैं. डीएमके ने कांग्रेस को मर्जी के मुताबिक सीटें देने से इनकार किया तो पार्टी का एक धड़ा अभिनेता से नेता थलपति विजय की पार्टी के साथ गठबंधन की वकालत शुरू कर दी है. ऐसे में राहुल गांधी तमिलनाडु दौरे पर एक तीर से 3 निशाना साधते नजर आए.
तमिलनाडु में चुनाव से पहले पोंगल के मौके पर सियासी गिफ्ट पॉलिटिक्स तेज हो गई है. DMK और ADMK के नेता व्यक्तिगत तौर पर मतदाताओं को महंगे उपहार बांट रहे हैं. बीजेपी ने इसे चुनावी लालच बताया है, जबकि DMK इसे पुरानी परंपरा बता रही है. इस बार उपहारों का पैमाना पहले से कहीं ज्यादा बड़ा नजर आ रहा है.
भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नबीन तमिलनाडु की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे. उन्होंने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं से अगले 90 दिनों तक बूथ स्तर पर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया.