चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 19) चेन्नई के केंद्र में स्थित एक ऐतिहासिक और उच्च जनसंख्या वाला आंतरिक शहर क्षेत्र है. यह क्षेत्र अपनी धार्मिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है. इस क्षेत्र में प्रसिद्ध तिरुवल्लिकेनी पार्थसारथी मंदिर, चेपॉक पैलेस परिसर, मरीना के पास के पड़ोस, और शहर के सबसे अधिक आबादी वाले आवासीय इलाके शामिल हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र में राज्य की कई प्रमुख संस्थाएं भी स्थित हैं, जिनमें तमिलनाडु विधानसभा, सचिवालय और अन्य सरकारी विभाग, साथ ही विश्व प्रसिद्ध एम.ए. चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम, विवेकानंद हाउस, कस्तूरबा गांधी हॉस्पिटल, कळैवानर अरंगम, क्वीन मैरी और प्रेसिडेंसी कॉलेज और मरीना तट का लंबा खिंचा हुआ हिस्सा शामिल है, जो बड़ी आकर्षण का केंद्र है. इसी क्षेत्र में अन्ना, एम.जी.आर., जयललिता और करुणानिधि की समाधियां भी मरीना तट के पास स्थित हैं.
चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी का राजनीतिक इतिहास समृद्ध है. एम. करुणानिधि ने इस क्षेत्र से तीन बार जीत हासिल की थी, जबकि वर्तमान में इसे उधयनिधि स्टालिन प्रतिनिधित्व करते हैं. यह क्षेत्र अपने प्रशासनिक, सांस्कृतिक, खेल और धार्मिक महत्व के कारण भी विशेष माना जाता है.
इस क्षेत्र के मतदाता सामाजिक, धार्मिक और पेशेवर रूप से बहुत विविध हैं. यहां मुस्लिम बहुल आवासीय क्षेत्र, हिंदू मंदिर केंद्रित समुदाय, ईसाई अल्पसंख्यक, पुराने परिवार, अनौपचारिक श्रमिक, व्यापारी, छात्र और प्रवासी निवास करते हैं. राजनीतिक गतिविधियों में धार्मिक संस्थाएं, जमातें, मंदिर समितियां, व्यापारिक संघ और वार्ड स्तर के नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मतदाता अपनी वोटिंग में सामुदायिक सौहार्द, कल्याण सेवाओं की उपलब्धता, आवास की सुरक्षा और नगर निगम की तत्परता को ध्यान में रखते हैं.
भूगोल और शहरी संरचना की दृष्टि से, यह क्षेत्र सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र, संकरी आवासीय गलियां, तटीय सड़कें और प्रमुख मुख्य सड़कें सभी शामिल हैं. हालांकि सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत हैं, आंतरिक आवागमन भीड़, पैदल चलने वालों की संख्या और आपातकालीन मार्गों की सीमितता के कारण प्रभावित होता है. तटीय निकटता की वजह से कुछ क्षेत्रों को बाढ़, खारे पानी का प्रवेश और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा रहता है.
इस क्षेत्र के मतदाता ऐसे प्रतिनिधियों को पसंद करते हैं जो समावेशी नेतृत्व दिखाएं, स्थानीय स्तर पर लगातार मौजूद रहें और किसी भी संकट में त्वरित प्रतिक्रिया दें, क्योंकि यह क्षेत्र अत्यधिक जनसंख्या वाला और विविध सांस्कृतिक-धार्मिक पृष्ठभूमि वाला है.
Kassali A.v.a
PMK
Jayasimmaraja S M
NTK
Mohammed Idris K
IJK
Nota
NOTA
Rajendran L
AMMKMNKZ
Raghu C
BSP
Tabrez
TPSTP
Ravi E
IND
Senthil Kumar H
IND
Srinivasan
IND
Chandranathan S
IND
Mohamed Rioz
AMAK
Nagarajan
IND
Abid Bakshq H Hussain
RPPRINAT
Ravi M L
DMSK
Anandan K
IND
Muniyandi
IND
Kannan C
IND
Krishnadasan S
IND
Balaji C
IND
Manikandan E
IND
Dilliraj P
IND
Madhana Gopal T
IND
Ganesan P
IND
Balaji K
IND
Mohammed Hussain
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.