DMK
TVK
AIADMK
NTK
नोटा
NOTA
BSP
IND
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IND
TVVK
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IND
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IND
Tamil Nadu Election Result 2026 Live: चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट पर DMK ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Chepauk-Thiruvallikeni Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
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Chepauk-Thiruvallikeni Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा क्षेत्र (संख्या 19) चेन्नई के केंद्र में स्थित एक ऐतिहासिक और उच्च जनसंख्या वाला आंतरिक शहर क्षेत्र है. यह क्षेत्र अपनी धार्मिक विविधता, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है. इस क्षेत्र में प्रसिद्ध तिरुवल्लिकेनी पार्थसारथी मंदिर, चेपॉक पैलेस परिसर, मरीना के पास के पड़ोस, और शहर के सबसे अधिक आबादी वाले आवासीय इलाके शामिल हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र में राज्य की कई प्रमुख संस्थाएं भी स्थित हैं, जिनमें तमिलनाडु विधानसभा, सचिवालय और अन्य सरकारी विभाग, साथ ही विश्व प्रसिद्ध एम.ए. चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम, विवेकानंद हाउस, कस्तूरबा गांधी हॉस्पिटल, कळैवानर अरंगम, क्वीन मैरी और प्रेसिडेंसी कॉलेज और मरीना तट का लंबा खिंचा हुआ हिस्सा शामिल है, जो बड़ी आकर्षण का केंद्र है. इसी क्षेत्र में अन्ना, एम.जी.आर., जयललिता और करुणानिधि की समाधियां भी मरीना तट के पास स्थित हैं.
चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी का राजनीतिक इतिहास समृद्ध है. एम. करुणानिधि ने इस क्षेत्र से तीन बार जीत हासिल की थी, जबकि वर्तमान में इसे उधयनिधि स्टालिन प्रतिनिधित्व करते हैं. यह क्षेत्र अपने प्रशासनिक, सांस्कृतिक, खेल और धार्मिक महत्व के कारण भी विशेष माना जाता है.
इस क्षेत्र के मतदाता सामाजिक, धार्मिक और पेशेवर रूप से बहुत विविध हैं. यहां मुस्लिम बहुल आवासीय क्षेत्र, हिंदू मंदिर केंद्रित समुदाय, ईसाई अल्पसंख्यक, पुराने परिवार, अनौपचारिक श्रमिक, व्यापारी, छात्र और प्रवासी निवास करते हैं. राजनीतिक गतिविधियों में धार्मिक संस्थाएं, जमातें, मंदिर समितियां, व्यापारिक संघ और वार्ड स्तर के नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मतदाता अपनी वोटिंग में सामुदायिक सौहार्द, कल्याण सेवाओं की उपलब्धता, आवास की सुरक्षा और नगर निगम की तत्परता को ध्यान में रखते हैं.
भूगोल और शहरी संरचना की दृष्टि से, यह क्षेत्र सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र, संकरी आवासीय गलियां, तटीय सड़कें और प्रमुख मुख्य सड़कें सभी शामिल हैं. हालांकि सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत हैं, आंतरिक आवागमन भीड़, पैदल चलने वालों की संख्या और आपातकालीन मार्गों की सीमितता के कारण प्रभावित होता है. तटीय निकटता की वजह से कुछ क्षेत्रों को बाढ़, खारे पानी का प्रवेश और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा रहता है.
इस क्षेत्र के मतदाता ऐसे प्रतिनिधियों को पसंद करते हैं जो समावेशी नेतृत्व दिखाएं, स्थानीय स्तर पर लगातार मौजूद रहें और किसी भी संकट में त्वरित प्रतिक्रिया दें, क्योंकि यह क्षेत्र अत्यधिक जनसंख्या वाला और विविध सांस्कृतिक-धार्मिक पृष्ठभूमि वाला है.
Kassali A.v.a
PMK
Jayasimmaraja S M
NTK
Mohammed Idris K
IJK
Nota
NOTA
Rajendran L
AMMKMNKZ
Raghu C
BSP
Tabrez
TPSTP
Ravi E
IND
Senthil Kumar H
IND
Srinivasan
IND
Chandranathan S
IND
Mohamed Rioz
AMAK
Nagarajan
IND
Abid Bakshq H Hussain
RPPRINAT
Ravi M L
DMSK
Anandan K
IND
Muniyandi
IND
Kannan C
IND
Krishnadasan S
IND
Balaji C
IND
Manikandan E
IND
Dilliraj P
IND
Madhana Gopal T
IND
Ganesan P
IND
Balaji K
IND
Mohammed Hussain
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.