वेलाचेरी (विधानसभा क्षेत्र संख्या 26) दक्षिण चेन्नई में स्थित एक घनी आबादी वाला शहरी इलाका है, जो आईटी सेक्टर के तेज विकास के कारण पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बदला है. यहां बड़े रिहायशी अपार्टमेंट, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और ट्रांजिट रूट हैं, लेकिन इसके साथ ही बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव भी है.
पहले वेलाचेरी चेन्नई का एक बाहरी इलाका माना जाता था, लेकिन अब यह गिंडी, तारामणि, पेरुंगुडी और ओएमआर-आईटी कॉरिडोर को जोड़ने वाला एक अहम रिहायशी और यातायात केंद्र बन चुका है. इसी वजह से यह चेन्नई के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले शहरी विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है. वेलाचेरी चेन्नई के सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाकों में से एक है. मानसून के दौरान थोड़ी सी भी तेज बारिश होने पर सड़कें पानी से भर जाती हैं और कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोगों को नावों की मदद लेनी पड़ती है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से वेलाचेरी की आबादी काफी विविध है. यहां आईटी पेशेवर, नौकरीपेशा लोग, छोटे कारोबारी, बाहर से आए लोग, अपार्टमेंट में रहने वाले परिवार, झुग्गी पुनर्वास कॉलोनियों के निवासी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. यहां जाति का असर अपेक्षाकृत कम है और लोग ज्यादातर स्थानीय सुविधाओं, रहने की स्थिति और सरकारी सेवाओं के आधार पर वोट देते हैं.
वेलाचेरी के प्रमुख स्थानों में धांदीश्वरम मंदिर, वेलाचेरी झील, फीनिक्स मॉल और वेलाचेरी मार्केट शामिल हैं, जहां लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है.
इस इलाके की सबसे बड़ी समस्याओं में मानसून के दौरान गंभीर जलभराव, खराब और अपर्याप्त स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कें, पैदल चलने वालों के लिए सुविधाओं की कमी, पीने के पानी की दिक्कत, कचरा प्रबंधन और सीवर ओवरफ्लो शामिल हैं. इसके अलावा झीलों और नालों पर अतिक्रमण भी बाढ़ की समस्या को और गंभीर बना देता है.
यहां के मतदाता मानसून के समय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के कामकाज को बहुत गंभीरता से देखते हैं. वे पूरे साल बुनियादी ढांचे के रखरखाव की उम्मीद करते हैं और संकट के समय तुरंत राहत और लंबे समय के स्थायी समाधान देने वाले नेताओं को ही समर्थन देना पसंद करते हैं.
M.k.ashok
ADMK
Dr. Santhosh Babu Ias (retd)
MNM
M.keerthana
NTK
M.chandrabose
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
V.l.revathi Jayakumari
TNLK
C.velu
BSP
V.sivaraman
IND
Geetha
NGPP
A.tamil Azhagan
IND
V.hariharan
IND
N.mahalakshmi
IND
S.jothi Kannan
IND
Murali Balaji
IND
S.gokul
IND
R.kanchana
MMKA
A.chandran
MGRMKKT
J.victor Paul
RPPRINAT
D.venkateshan
AMAK
K.kannan
IND
G.yesudasan
IND
M.vignesh
IND
A.vetriselvan
IND
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.