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Shozhinganallur Election Results Live: शोझिंगनल्लूर निर्वाचन क्षेत्र में TVK की जीत, जानिए पूरा रिजल्ट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Shozhinganallur Vidhan Sabha Result 2026 Live: शोझिंगनल्लूर सीट पर सबसे आगे निकले TVK उम्मीदवार P. Saravanan
Shozhinganallur Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
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Shozhinganallur Assembly Election Result Live: शोझिंगनल्लूर में DMK पीछे! जानें वोटों का अंतर कितना
शोझिंगनल्लूर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 27) चेन्नई की ओल्ड महाबलीपुरम रोड (OMR) आईटी कॉरिडोर पर स्थित है. यह क्षेत्र तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, जहां तकनीक आधारित विकास, बड़े पैमाने पर रिहायशी विस्तार और बुनियादी ढांचे पर बढ़ता दबाव साफ दिखाई देता है.
यह चेन्नई की सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जिसका गठन 2008 में परिसीमन के बाद हुआ था. कभी यह इलाका छोटे-छोटे अर्ध-ग्रामीण गांवों का समूह था, लेकिन आज शोलिंगनल्लूर पेरुंगुडी, थोराइपक्कम, नवलूर और सिरुसेरी को जोड़ने वाला एक अहम आईटी और रिहायशी केंद्र बन चुका है. इसी वजह से यह चेन्नई का सबसे तेजी से बदलने वाला और राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र माना जाता है.
अन्य पारंपरिक शहरी सीटों से अलग, शोझिंगनल्लूर की राजनीति विकास प्रबंधन पर टिकी हुई है. यहां आईटी सेक्टर से हो रहे आर्थिक विकास के साथ-साथ पानी, ड्रेनेज, सड़क और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं को संतुलित करना सबसे बड़ी चुनौती है. इस क्षेत्र के मतदाता आधुनिक सोच रखते हैं, लेकिन उनकी अपेक्षाएँ बहुत ज़्यादा और स्पष्ट हैं.
शोझिंगनल्लूर में मतदाताओं का स्वरूप काफी विविध है. यहां आईटी पेशेवर, बड़े अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोग, दूसरे राज्यों से आए प्रवासी, निर्माण और सेवा क्षेत्र के मजदूर, पुराने गांवों के निवासी, तटीय इलाकों के मछुआरे और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं. नए रिहायशी इलाकों में जातिगत प्रभाव कम है, लेकिन पुराने गांवों में यह अब भी दिखाई देता है.
हालांकि यहां चौड़ी मुख्य सड़कें हैं, फिर भी पीक ऑवर में भारी ट्रैफिक जाम आम समस्या है. बरसात के मौसम में जलभराव और बाढ़ से ड्रेनेज की कमजोरियां और प्राकृतिक जलमार्गों पर अतिक्रमण उजागर हो जाता है.
इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में मानसून के दौरान जलभराव, मेट्रो निर्माण के कारण खराब और गड्ढों से भरी सड़कें, अपर्याप्त स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, ओएमआर और उससे जुड़ी सड़कों पर ट्रैफिक जाम, पीने के पानी की कमी और टैंकरों पर निर्भरता शामिल है. टैंकर सप्लाई पर कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त माफियाओं का नियंत्रण भी एक गंभीर मुद्दा है. इसके अलावा सीवेज ओवरफ्लो, कचरा प्रबंधन की समस्या, आखिरी छोर तक सड़क कनेक्टिविटी की कमी, जल निकायों और दलदली इलाकों पर अतिक्रमण, तथा सरकारी अस्पतालों और स्कूलों की कमी भी लोगों को परेशान करती है.
फिलहाल शोझिंगनल्लूर में मतदाता मौजूदा प्रतिनिधि और राज्य सरकार के कामकाज पर करीबी नजर रखे हुए हैं. लोगों में किए गए कार्यों की पहचान तो है, लेकिन साथ ही वे विकल्पों के प्रति भी सतर्क रुचि दिखा रहे हैं. आने वाले चुनावों में यह इस बात पर निर्भर करेगा कि राजनीतिक दल शहरी समस्याओं को कितनी गंभीरता से उठाते हैं और अपने अभियान को किस तरह आगे बढ़ाते हैं.
K.p.kandan
ADMK
S.michael
NTK
Rajiv Kumar
MNM
R.murugan
DMDK
Nota
NOTA
K.surjithkumar
IND
G.prakash Robert
BSP
S.senthil
IND
H.aravindhkumar
IND
M.rajeswaripriya
AMAK
K.senthilkumar
IND
R.selvavignesh
IND
A.i.ahamed Shah
IND
T.elumalai
AMDMK
D.srinivasan
IND
Dr. V.kandan
IND
G.velavan
IND
E.rajesh
IND
D.venugopal
IND
D.kalanithi
IND
R.ravichandran
IND
P.arulraj
IND
K.narasimman
IND
A.dhanasekar
IND
A.mohammed Gani
IND
S.prithiviraj
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
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तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.