त्यागरायनगर (टी. नगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 24) चेन्नई का एक प्रमुख शहरी क्षेत्र है. यह इलाका घनी आबादी, बड़े व्यापारिक बाजारों, संपन्न रिहायशी कॉलोनियों और रोजाना भारी भीड़ के लिए जाना जाता है. चेन्नई का सबसे बड़ा रिटेल, कपड़ा और ज्वेलरी हब होने के कारण यहां की राजनीति प्रतीकों से ज्यादा अच्छे प्रशासन, शहरी प्रबंधन और जीवन की गुणवत्ता पर केंद्रित रहती है.
टी. नगर एक बेहद व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, जहां हर दिन हज़ारों लोग खरीदारी और काम के लिए आते हैं.
यहां की सामाजिक और राजनीतिक संरचना में मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग के निवासी, व्यापारी, दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी, अपार्टमेंट में रहने वाले परिवार और बाहर से आए कामगार शामिल हैं. मतदाताओं का रुझान मुख्य रूप से सड़क, सफाई, ट्रैफिक नियंत्रण, जलभराव और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों से प्रभावित होता है. व्यापारी संगठन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) स्थानीय राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं, जबकि प्रशासन से तालमेल नेता की साख तय करता है.
भौगोलिक रूप से टी. नगर क्षेत्र छोटा है, लेकिन यहां निर्माण बहुत घना है. संकरी सड़कें अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा ट्रैफिक का बोझ उठाती हैं. मेट्रो, उपनगरीय रेल और बस सेवाओं से यह इलाका माउंट रोड, कोडमबक्कम, सैदापेट और मायलापुर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. इसके बावजूद भीड़, पार्किंग की कमी और जाम यहां की रोज़मर्रा की बड़ी समस्याएं हैं. भारी बारिश के समय कुछ निचले इलाकों में जलभराव भी होता है. व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था के कारण टी. नगर चेन्नई की आय में महत्वपूर्ण योगदान देता है.
टी. नगर के प्रमुख इलाके और केंद्रों में रंगनाथन स्ट्रीट और पोंडी बाजार, उस्मान रोड, पनागल पार्क क्षेत्र, टीटीडी तिरुमला मंदिर, मेट्रो स्टेशन के आसपास के इलाके, रिहायशी कॉलोनियां, बाजार और फेरीवाले क्षेत्र, साथ ही बड़े होटल और रेस्टोरेंट शामिल हैं.
यहां की मुख्य समस्याओं में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की कमी, त्योहारों और सेल के समय भीड़ का प्रबंधन, जलभराव और ड्रेनेज की समस्या, व्यावसायिक इलाकों में कचरे का ढेर, शोर और प्रदूषण, खराब सड़कें तथा अवैध अतिक्रमण प्रमुख हैं.
मतदाताओं की अपेक्षाएं साफ हैं. स्थानीय निवासी शांति, सुरक्षा, सफाई और बेहतर जल निकासी चाहते हैं. व्यापारी सुचारु भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर ज़ोर देते हैं. महिलाएं बेहतर स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक सुविधाओं की मांग करती हैं, जबकि वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित फुटपाथ और शांत वातावरण चाहते हैं. यहां जनता अपने जनप्रतिनिधि के कामकाज पर लगातार नजर रखती है और उसी आधार पर अपना फैसला करती है.
Sathiyanaarayanan B
ADMK
Karuppiah Pala
MNM
Sivasankari S
NTK
Nota
NOTA
Bharaneeswaran R
AMMKMNKZ
Johnson R
BSP
Palayan R
IND
Dhanush M
USIP
Rajasekaran D
IND
Vetri Selvi
AMAK
Kannan S
IND
Dhanasekaran R
DMSK
Ellappan A.k.d
MAHMMK
Thirunavukkarasu V
MKat
कमल हासन, जिन्हें लोग ‘उलगनायगन’ कहते हैं, ने अपने अभियान के जरिए साफ कर दिया कि यह चुनाव सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है. उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन के रुख का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का संशोधन पारित न होने पर निराशा जाहिर करते दिखे. उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को बिल न पारित होने का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और बीजेपी और एनडीए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
डीएमके ने काले झंडे लहराकर और परिसीमन विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.16 अप्रैल को डीएमके की बैठकों में ‘काला रंग’ छाया रहा.
स्टालिन की डीएमके ने इस मुद्दे को 'नॉर्थ बनाम साउथ' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि परिसीमन पर केंद्र सरकार का फैसला क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के परिसीमन बिल के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान बिल की प्रति जलाई और काला झंडा दिखाया. स्टालिन ने इसे तमिलों के खिलाफ फासीवादी कदम बताया और पूरे द्रविड़ क्षेत्र में आंदोलन फैलाने की चेतावनी दी. डीएमके नेताओं ने कहा कि ये बिल दक्षिण भारत के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करेगा और उत्तर भारत के वर्चस्व को बढ़ाएगा.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वोटिंग से हफ्ता भर पहले परिसीमन का मुद्दा लपक लिया है. डीएमके की कैंपेन स्ट्रैटेजी बदल कर परिसीमन पर फोकस हो गई है, और काले झंडे के साथ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. AIADMK को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है, जबकि टीवीके नेता विजय परिसीमन का जोरदार विरोध कर रहे हैं.
चेन्नई के टी नगर में जब विजय का रोड शो निकला, तो सड़कों का नजारा देखने लायक था. समर्थकों की भारी भीड़ और जबरदस्त उत्साह के बीच पूरा माहौल किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था. विजय ने टी नगर में घूम-घूमकर प्रचार किया. इस सीट से उनके सबसे करीबी साथी आनंद चुनाव लड़ रहे हैं, जहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 के आम चुनाव से महिला आरक्षण कानून लागू करना चाहते हैं, और उसके लिए संसद के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक लाए जा रहे हैं. एक विधेयक परिसीमन को लेकर है, जिसका विपक्षी दल खासकर दक्षिण भारत के नेता कड़ा विरोध कर रहे हैं - क्या बीजेपी ने कोई जोखिम भरा कदम बढ़ाया है?
तमिलनाडु के चुनावी रण में एडप्पादी पलानीस्वामी के लिए 2026 की यह जंग उनके राजनीतिक अस्तित्व की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होने वाली है. ईपीएस अपनी 'स्ट्रॉन्गमैन' छवि और एनडीए के साथ के भरोसे जयललिता की विरासत को अपने नाम करने की कोशिश कर रहे हैं.