TVK
DMK
AIADMK
NTK
नोटा
NOTA
RPI (Athawale)
BSP
SAP
IND
IND
IND
TVVK
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
MANAK
IND
IND
IND
IND
IND
IND
DMSK
VTVTK
IND
IND
IND
IND
Kolathur Vidhan Sabha Election Results Live: कोलाथुर विधानसभा का रिजल्ट घोषित, TVK ने DMK को हराया
Kolathur Vidhan Sabha Chunav Result: कोलाथुर सीट पर V.S. Babu ने लहराया जीत का परचम
Kolathur Vidhan Sabha Result 2026 Live: कोलाथुर सीट पर सबसे आगे निकले TVK उम्मीदवार V.S. Babu
Kolathur Vidhan Sabha Result 2026 Live: कोलाथुर सीट पर सबसे आगे निकले TVK उम्मीदवार V.S. Babu
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Kolathur Election Results Live 2026: तमिलनाडु के CHENNAI क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें तमिलनाडु रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
कोलाथुर, विधानसभा क्षेत्र संख्या 13, वह सीट है जहां से डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन लगातार तीन बार 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. इसी वजह से चेन्नई ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में इस क्षेत्र का खास महत्व माना जाता है. कोलाथुर एक घनी आबादी वाला आवासीय-व्यावसायिक इलाका है, जो पेरंबूर, विल्लिवक्कम और माधवरम के बीच स्थित है. पहले यह क्षेत्र आंशिक रूप से औद्योगिक था, लेकिन अब तेजी से अपार्टमेंट और रिहायशी कॉलोनियों का केंद्र बन चुका है, जिससे सड़कों, पानी, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ा है. यह कोई पारंपरिक मजदूर बहुल इलाका नहीं है, बल्कि यहां की राजनीति शहरी सुविधाओं, बाढ़ से सुरक्षा और जीवन स्तर सुधार जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहती है.
सामाजिक और राजनीतिक रूप से कोलाथुर की आबादी काफी विविध है. यहां निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार, निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी, छोटे व्यापारी, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, प्रवासी और अपार्टमेंट में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में हैं. जाति का असर मौजूद है, लेकिन अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट संघ और गली-मोहल्लों के स्थानीय नेता राजनीतिक राय बनाने में ज्यादा प्रभावशाली हो गए हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र घनी रिहायशी बस्तियों, अपार्टमेंट बेल्ट, बाजारों और कुछ बचे-खुचे औद्योगिक इलाकों से मिलकर बना है. आसपास के क्षेत्रों से सड़क और बस कनेक्टिविटी अच्छी है, लेकिन अंदरूनी सड़कें संकरी हैं, ट्रैफिक जाम आम समस्या है और जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है.
यहां के मुख्य मुद्दों में मानसून के समय गंभीर जलभराव, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज की कमी, गर्मियों में पानी की किल्लत, ट्रैफिक जाम, खराब अंदरूनी सड़कें, कचरा प्रबंधन की दिक्कतें और खुले स्थानों की कमी शामिल हैं. इसके अलावा नालों पर अतिक्रमण, पुरानी सीवर लाइनें, स्कूलों और अस्पतालों पर बढ़ता दबाव, पैदल चलने वालों की सुरक्षा, प्रदूषण और शिकायतों के समाधान में ढिलाई भी बड़ी समस्याएं हैं.
मतदाताओं का मिजाज साफ तौर पर मुद्दों और कामकाज के प्रदर्शन पर आधारित है. यहां रेजिडेंट एसोसिएशन का असर मजबूत है. परिवार बाढ़ नियंत्रण और भरोसेमंद जल आपूर्ति चाहते हैं, व्यापारी पार्किंग की समस्या का हल चाहते हैं, महिलाएं सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर देती हैं, युवा सार्वजनिक पार्क और खेल के मैदान चाहते हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए चलने लायक सड़कें और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं अहम हैं.
Aadirajaram
ADMK
A.jagadish Kumar
MNM
Camilus Selva
NTK
Nota
NOTA
Mjs.jamal Mohamed Meera
BSP
J.arumugam
AMMKMNKZ
Agni Sri Ramachandran. N
IND
Suresh
TNLK
Ashok Kumar.s
NGPP
Al. Naresh Kumar
IND
Divya
IND
Vivekraj.j
tmc
L.kathiresan
IND
J.suriyamuthu
IND
Mirza Safdar Ali
IND
Malarvizhi
IND
Sathiyaseelan
IND
M.rajendran
NDPOSI
Rama Devi
IND
C.jeevakumar
IND
D.sureshbabu
DMSK
K.elumalai
VTVTK
D.nilamani
IND
K. Pannerselvam
IND
S.sureshkumar
MKat
A.seetha
BHUDRP
G.velmurugan
SHS
P.senthil Kumar
IND
P.harishkumar
IND
Devikarani
IND
M.a.s. Senthil Kumar
IND
R.selvam
IND
E.rajendran
AMGRDMK
Nirmala Devi
IND
V.sureshkumar
IND
B.vijaya Kumar
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके की बड़ी जीत के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसी बीच सुपरस्टार रजनीकांत की एमके स्टालिन से मुलाकात चर्चा का विषय बन गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रजनीकांत ने चुनावी हार के बाद स्टालिन से मिलकर समर्थन जताया. दूसरी ओर विजय सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के साथ बातचीत में जुटे बताए जा रहे हैं, जिससे तमिलनाडु की राजनीति और दिलचस्प हो गई है.
तमिलनाडु चुनाव 2026 में कोलाथुर सीट से आया नतीजा सबसे बड़ा राजनीतिक झटका बनकर सामने आया है. लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले गढ़ में एमके स्टालिन की हार ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं. वीएस बाबू की जीत ने यह दिखाया कि बदलते जनमत के बीच नई ताकतें तेजी से उभर रही हैं और पुरानी पकड़ कमजोर पड़ रही है.
M. K. Stalin Vidhan Sabha Chunav Result: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आज घोषित हो गए हैं. चुनावी मतगणना में देर शाम तक विजय की पार्टी TVK ने बहुमत के आंकड़े हासिल कर लिए. जबकि DMK को पराजय का मुंह देखना पड़ा.
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के दौरान रिकॉर्ड 85 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया, जिसने 2011 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. 5.73 करोड़ वोटरों में से बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया, जिससे यह राज्य के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा टर्न-आउट बन गया.
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके और सत्तारूढ़ डीएमके आमने-सामने हैं. टीवीके की रैली में पुलिस व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तीखा बना दिया है. करूर भगदड़ का जिक्र करते हुए टीवीके ने सरकार पर साजिश के आरोप लगाए हैं.
तमिलनाडु चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने 'महा-महा' गठबंधन का पूरा फॉर्मूला फाइनल कर लिया है. इसके तहत DMK 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को दी गई हैं. खुद स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से मैदान में उतरेंगे. खास बात यह है कि इस बार स्टालिन ने 18 महिलाओं और 60 नए चेहरों के साथ-साथ डॉक्टर, इंजीनियर और वकीलों जैसे पढ़े-लिखे उम्मीदवारों पर बड़ा दांव लगाया है.