वल्लिकुन्नू विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा की 140 सीटों में 42वीं सीट है और मलप्पुरम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 7 विधानसभा खंडों में से एक है. यह सीट 2008 में परिसीमन (Delimitation) के बाद बनाई गई थी और यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है. वल्लिकुन्नू में लगातार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के
उम्मीदवारों के चुने जाने के कारण यह क्षेत्र IUML का एक मजबूत गढ़ माना जाता है. IUML, केरल की बहुदलीय राजनीति में मौजूद प्रमुख गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का एक अहम हिस्सा है.
यह विधानसभा सीट मलप्पुरम जिले के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आती है. इसमें तिरुरंगाड़ी तालुक के अंतर्गत आने वाली चेलेंब्रा, मून्नियूर, पल्लिक्कल, पेरुवल्लूर, थेनहिप्पलम और वल्लिकुन्नू पंचायतें शामिल हैं. यहां की आबादी का बड़ा हिस्सा शहरी और अर्ध-शहरी (peri-urban) क्षेत्रों में रहता है. स्थानीय लोगों की आमदनी के मुख्य स्रोतों में व्यापार, कृषि, छोटे व्यवसाय, और विदेश से आने वाली रेमिटेंस (overseas remittances) यानी प्रवासी कमाई शामिल है.
मतदाता भागीदारी और वोटर संख्या की बात करें तो, चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में वल्लिकुन्नू में कुल 1,98,814 पंजीकृत मतदाता थे. पिछले तीन चुनावों (2011, 2016 और 2021) में मतदाताओं की संख्या लगभग 1.56 लाख से बढ़कर 2.0 लाख से अधिक हो गई है. इससे यह संकेत मिलता है कि यहां जनसंख्या बढ़ी है और साथ ही चुनावों में लोगों की भागीदारी लगातार बनी हुई है.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व के लिहाज से वल्लिकुन्नू को शुरुआत से ही IUML समर्थक क्षेत्र माना गया है और 2011 के बाद से हुए सभी चुनावों में IUML ने यहां जीत दर्ज की है. 2011 के विधानसभा चुनाव में IUML के एडवोकेट के. एन. ए. खादर ने इस सीट पर जीत हासिल की थी, जिससे IUML के वर्चस्व की शुरुआत हुई. इसके बाद 2016 में IUML के अब्दुल हमीद मास्टर ने अपने मुख्य प्रतिद्वंदी को आसानी से हराकर बड़ी वोट हिस्सेदारी के साथ सीट जीत ली. इन नतीजों से यह स्पष्ट हुआ कि वल्लिकुन्नू में IUML की मजबूत संगठनात्मक पकड़ है और मतदाताओं के बीच पार्टी के समुदाय-आधारित नेटवर्क काफी प्रभावी हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव में भी IUML के पी. अब्दुल हमीद, जिन्हें अब्दुल हमीद मास्टर के नाम से जाना जाता है, दोबारा वल्लिकुन्नू से विधायक चुने गए. आधिकारिक नतीजों के अनुसार, पी. अब्दुल हमीद (IUML, UDF) को 71,823 वोट मिले, जो कुल वैध वोटों का लगभग 47.43% था. दूसरे स्थान पर इंडियन नेशनल लीग (INL) के उम्मीदवार ए. पी. अब्दुल वहाब रहे. INL ऐसा दल है जो कभी-कभी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के साथ भी रहा है. उन्हें 57,707 वोट मिले, जो कुल का लगभग 38.11% था. वहीं भाजपा (BJP) के उम्मीदवार पीथमबरण पलट को 19,853 वोट मिले, जो लगभग 13.21% के बराबर था. इसके अलावा छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को केवल कुछ ही वोट मिले. इस चुनाव में अब्दुल हमीद मास्टर ने INL उम्मीदवार को 14,116 वोटों के अंतर से हराया. यह दिखाता है कि यह सीट IUML के पक्ष में जरूर है, लेकिन फिर भी यहां मुकाबला बना रहता है और अलग-अलग मोर्चों के बीच प्रतिस्पर्धा दिखती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों की बात करें तो, IUML ने यहां अपनी वोट हिस्सेदारी बनाए रखने और बढ़त बनाए रखने में सफलता इसलिए हासिल की है क्योंकि उसका संगठनात्मक नेटवर्क बहुत मजबूत है, खासकर मलप्पुरम जैसे जिले में, जो केरल के सबसे बड़े जिलों में से एक है और जहां मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है.
स्थानीय मुद्दों में सबसे प्रमुख बातें इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाना, और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं व शिक्षा तक बेहतर पहुंच शामिल हैं. पर्यटन स्थलों की बात करें तो, इस क्षेत्र में घूमने लायक प्रमुख जगहों में वल्लिकुन्नू बीच, कदलुंडी–वल्लिकुन्नु कम्युनिटी रिजर्व, और कदलुंडी बर्ड सैंक्चुअरी शामिल हैं.
(श्रेया प्रसाद)