त्रिकरीपुर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 5) केरल के कासरगोड जिले में स्थित एक अर्ध-शहरी–ग्रामीण क्षेत्र है. यह कासरगोड लोकसभा सीट का हिस्सा है. नीलश्वरम नगरपालिका और होसदुर्ग तालुक की चेरुवथुर, त्रिक्करीपुर, ईस्ट एलेरी, वेस्ट एलेरी, कय्यूर-चीमेनी, पीलिकोड, पदन्ना और वलियपरम्बा ग्राम पंचायतें मिलकर इस निर्वाचन क्षेत्र का गठन करती
हैं.
परिसीमन से पहले त्रिकरीपुर, नीलश्वरम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था, जिसकी स्थापना 1957 में हुई थी, जबकि 1977 में परिसीमन के बाद त्रिकरीपुर को अलग विधानसभा क्षेत्र के रूप में पहचान मिली. इस क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास वामपंथी राजनीति से गहराई से जुड़ा रहा है. 1957 में यहीं से ई.एम.एस. नाम्बूदिरिपाद ने विधानसभा में प्रवेश किया था और उनकी सरकार दुनिया की एकमात्र लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार बनी.
परिसीमन के बाद से सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) यहां लगातार जीतता रहा है, और 1987 से 1996 के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ई.के. नयनार तीन बार यहां से विधायक रहे, जिससे यह क्षेत्र दो मुख्यमंत्रियों का प्रतिनिधित्व करने वाला बना. 2016 से एम. राजगोपालन (सीपीआई(एम)) यहां के विधायक हैं. 2021 के चुनाव में उन्होंने 86,151 मत (53.71%) पाकर 26,137 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की.
भौगोलिक रूप से पूर्व में पश्चिमी घाट, पश्चिम में अरब सागर और बीच में उपजाऊ मध्यभूमि इस क्षेत्र की पहचान हैं, जिनसे कृषि, अंतर्देशीय आजीविका और मत्स्य उद्योग फलते-फूलते हैं. वलियपरम्बा बैकवॉटर- राज्य का तीसरा सबसे बड़ा बैकवॉटर और काव्वयी द्वीप इसकी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन महत्ता बढ़ाते हैं.
प्रमुख समस्याओं में बीरीचेरी और वेल्लाप जंक्शन रेलवे ओवरब्रिज जैसी आधारभूत परियोजनाओं में देरी, कनेक्टिविटी और तटीय संरक्षण की मांग तथा पर्यटन की अपार लेकिन अप्रयुक्त संभावनाएं शामिल हैं. वहीं प्रमुख स्थलों में श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर, काव्वयी द्वीप और वलियपरम्बा बैकवॉटर प्रमुख हैं.