कन्हानगड़ केरल के उत्तरी हिस्से में कासरगोड जिले में स्थित है. यह विधानसभा क्षेत्र कासरगोड लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में से एक है. परिसीमन प्रक्रिया के बाद वर्ष 2008 में कन्हानगड़ को अपने वर्तमान स्वरूप में गठित किया गया, इससे पहले यह क्षेत्र होसदुर्ग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता था.
विधानसभा क्षेत्र में कुल आठ स्थानीय स्वशासन इकाइयां शामिल हैं, जिनमें कन्हानगड़ नगरपालिका प्रमुख शहरी केंद्र है, जबकि अजानूर, मडिकै, बलाल, कल्लार, किनानूर-करिंदलम, कोडोम-बेल्लूर और पनाथडी ग्राम पंचायतें इसके शेष हिस्से हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव से पहले जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार यहां लगभग 2,14,209 पंजीकृत मतदाता थे, जबकि 2016 में यह संख्या 2,04,931 और 2011 में लगभग 1,78,139 थी.
2008 के बाद से कन्हानगड़ की राजनीति में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का वर्चस्व रहा है, जो केरल के वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का प्रमुख घटक है. 2021 के विधानसभा चुनाव में CPI के ई. चंद्रशेखरन ने लगभग 50.72 प्रतिशत वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस (UDF) के पी. वी. सुरेश और भाजपा (NDA) के बलराज क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. केरल की परंपरा के अनुरूप कन्हानगड़ में भी मतदाता सहभागिता उच्च रही और 2021 में मतदान प्रतिशत 75 प्रतिशत से अधिक रहा.
यह विधानसभा क्षेत्र मंजेश्वर, कासरगोड, उडुमा, त्रिकारीपुर, पय्यानूर और कल्लियास्सेरी के साथ मिलकर कासरगोड लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस के राजमोहन उन्नीथान ने जीत हासिल की. विकास और आधारभूत संरचना, सड़कें, शहरी नियोजन, ग्रामीण और तटीय विकास का संतुलन, तटीय आजीविका और पर्यावरण संरक्षण इस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे हैं. पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से कन्हानगड़ में होसदुर्ग किला, श्री मडियान कूलोम मंदिर, नित्यानंद आश्रम, मंजमपोतिकुन्नु पहाड़ी क्षेत्र तथा रंगीन थेय्यम लोककला विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं.