कुथुपरम्बा (Kuthuparamba) केरल के उत्तरी हिस्से में स्थित कन्नूर जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है. यह जगह केरल के राजनीतिक इतिहास में खास मानी जाती है. लोकसभा चुनावों में कुथुपरम्बा वडकरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि विधानसभा चुनावों में इसे केरल विधानसभा की सीट संख्या 14 के रूप में जाना जाता है.
एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी. यह क्षेत्र हमेशा से अच्छी वोटिंग प्रतिशत, विविध मतदाता वर्ग और कड़े राजनीतिक मुकाबलों के लिए जाना जाता है. उत्तरी केरल में वामपंथी राजनीति का प्रभाव अधिक रहा है, जिसका असर इस सीट के चुनावी रुझानों में भी साफ दिखाई देता है.
कुथुपरम्बा नगरपालिका एक विकसित शहरी क्षेत्र है, जहां व्यापार, वाणिज्य और छोटे उद्योग सक्रिय हैं. उपलब्ध जनगणना आधारित आंकड़ों के अनुसार, यहां अनुसूचित जाति (SC) के मतदाता लगभग 1.31% और अनुसूचित जनजाति (ST) के मतदाता लगभग 0.38% हैं.
कुथुपरम्बा विधानसभा क्षेत्र थलसेरी तालुक और उसके आसपास के इलाकों को शामिल करता है. इसमें ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी सभी प्रकार के क्षेत्र आते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में कुथुपरम्बा नगरपालिका के साथ-साथ करियाद, कोट्टायम-मलाबार, कुन्नोथुपरम्बा, मोकेरी, पनूर, पट्टियोम, पेरिंगलम और थ्रिप्रंगोट्टूर पंचायतें शामिल हैं.
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2021 के विधानसभा चुनाव में कुथुपरम्बा में कुल 1,94,344 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें लगभग 93,041 पुरुष और 1,01,303 महिला मतदाता शामिल थे.करीब 80.37% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. कुल 1,55,215 वैध वोट पड़े, जिनमें 1,51,704 ईवीएम वोट और 4,000 पोस्टल वोट शामिल थे.
2008 से पहले परिसीमन के दौरान, वर्तमान कुथुपरम्बा क्षेत्र का कुछ हिस्सा पेरिंगलम विधानसभा क्षेत्र में शामिल था. 1957 से 1990 के दशक तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने किया, जिनमें पी. आर. कुरुप और अलग-अलग समय पर पिनराई विजयन जैसे नेता शामिल रहे. 2011 में के. पी. मोहनन (SJD) ने जीत दर्ज की. 2016 में के. के. शैलजा टीचर (CPI(M)), जो बाद में केरल की स्वास्थ्य मंत्री बनीं, ने बड़ी जीत हासिल कर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की मजबूत पकड़ को दिखाया. 2021 में फिर से के. पी. मोहनन, इस बार लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) के उम्मीदवार के रूप में, सीट जीतने में सफल रहे. 2021 के चुनाव में कुथुपरम्बा में कड़ा मुकाबला देखने को मिला. के. पी. मोहनन (LJD-LDF) को 70,626 वोट (लगभग 45.36%) मिले और उन्होंने IUML के पोट्टनकांडी अब्दुल्ला को 9,541 वोटों से हराया. अब्दुल्ला को 61,085 वोट (करीब 39.23%) मिले. भाजपा उम्मीदवार सी. सदानंदन मास्टर तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 21,212 वोट (लगभग 13.62%) प्राप्त हुए. NOTA और निर्दलीय उम्मीदवारों को बहुत कम वोट मिले.
त्रिक्कैकुन्नु महादेव मंदिर, जो कोट्टायम-मलाबार में स्थित है, कन्नूर जिले का एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. यह मंदिर कोट्टायम राज परिवार से जुड़ा हुआ है और यहां के मुख्य आराध्य भगवान महादेव और भगवान पेरुमल हैं.
स्थानीय मुद्दों की बात करें तो यहां शहरी बुनियादी ढांचा और सड़क कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार और शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत है.
(Sreya Prasad)