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मंजेश्वर विधानसभा चुनाव 2026 (Manjeshwar Assembly Election 2026)

मंजेश्वर, केरल के कासरगोड जिले में स्थित केरल का सबसे उत्तरी विधानसभा क्षेत्र है (विधानसभा क्षेत्र संख्या-2). यह क्षेत्र अरब सागर के तट पर फैला हुआ है और इसकी लंबी जमीनी सीमा कर्नाटक से लगती है. समुद्र, खेती, सीमा पार आवाजाही और भाषाई विविधता इस क्षेत्र की पहचान हैं.

मंजेश्वर न तो पूरी तरह तटीय इलाका है और न ही पूरी तरह कृषि क्षेत्र.

यहां समुद्र, छोटी पहाड़ियां, नदियां और राज्य की सीमा एक साथ मिलती हैं. लोगों का जीवन मछली पकड़ने, सुपारी की खेती, कर्नाटक आना-जाना, भाषा और पहचान से जुड़े मुद्दों से जुड़ा हुआ है.

सीमा क्षेत्र होने, धार्मिक विविधता और कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण मंजेश्वर हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है. यहां कांग्रेस-नीत यूडीएफ, वामपंथी एलडीएफ और भारतीय जनता पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले देखने को मिलते रहे हैं.

यह क्षेत्र उत्तर केरल की राजनीति के बड़े मुद्दों जैसे अल्पसंख्यक अधिकार, साम्प्रदायिक तनाव और राष्ट्रीय दलों की भूमिका को दर्शाता है. यहां चुनाव अक्सर बेहद कम अंतर से तय होते हैं, इसलिए मंजेश्वर राज्य के सबसे अहम चुनावी क्षेत्रों में गिना जाता है.

मंजेश्वर केरल की उत्तरी सीमा पर स्थित है और कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से सटा हुआ है. पयस्विनी नदी इसकी सीमा का हिस्सा है और पश्चिम में अरब सागर है.

सीमा से जुड़े होने के कारण लोगों का कर्नाटक, खासकर मंगलुरु, से रोज़मर्रा का संपर्क बना रहता है. पढ़ाई, नौकरी और व्यापार के लिए लोग वहां जाते हैं. हालांकि, इस वजह से प्रशासन, पुलिस व्यवस्था, परिवहन और भाषा से जुड़े मुद्दों में भी चुनौतियां आती हैं.

राष्ट्रीय राजमार्ग-66, तटीय रेलवे लाइन और राज्य राजमार्गों के जरिए यह क्षेत्र अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. मंगलुरु शहर, उसके बंदरगाह, हवाई अड्डे और शैक्षणिक संस्थानों की नजदीकी ने मंजेश्वर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. लेकिन भारी ट्रैफिक, समुद्री कटाव और रेलवे विस्तार जैसी परियोजनाओं को लेकर लोगों में सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर चिंता भी है.

इस विधानसभा क्षेत्र में मंजेश्वर कस्बा, उप्पाला, होसंगडी, कुम्बला, वोरकाडी और कई तटीय व ग्रामीण पंचायतें शामिल हैं. उप्पाला एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है. कुम्बला ऐतिहासिक और कृषि दृष्टि से महत्वपूर्ण है. तटीय इलाकों में मछली पकड़ना मुख्य रोजगार है, जबकि अंदरूनी इलाकों में सुपारी, नारियल, रबर और धान की खेती होती है.

यहां की अर्थव्यवस्था मिश्रित है. तटवर्ती इलाकों में मछली उद्योग और अंदरूनी इलाकों में सुपारी की खेती मुख्य आधार है. नारियल, रबर, धान और सब्ज़ी खेती से भी लोगों की आमदनी होती है.

कई लोग कर्नाटक में काम करते हैं और विदेशों, खासकर खाड़ी देशों से आने वाला पैसा भी यहां की जीवनशैली को प्रभावित करता है. किसानों को कीमतों में उतार-चढ़ाव और जलवायु बदलाव की समस्या है, जबकि मछुआरों को मछलियों की कमी और समुद्री कटाव से जूझना पड़ रहा है.

मंजेश्वर केरल का सबसे भाषाई रूप से विविध इलाका है. यहां मलयालम, तुलु, कन्नड़, बियारी और कोंकणी भाषाएं बोली जाती हैं, कई परिवारों में एक से अधिक भाषाएं प्रचलित हैं.

धार्मिक रूप से यहां मुस्लिम, हिंदू और ईसाई समुदाय रहते हैं. बियारी मुस्लिम व्यापार और मछली उद्योग में अहम भूमिका निभाते हैं. आमतौर पर यहां सामाजिक सौहार्द बना रहता है, हालांकि राजनीति के दौरान कभी-कभी तनाव भी दिखता है.

जलवायु परिवर्तन का असर मंजेश्वर में साफ दिखाई देने लगा है. समुद्री कटाव, समुद्र का पानी जमीन में घुसना, बारिश का पैटर्न बदलना और बाढ़ जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. अंदरूनी इलाकों में गर्मियों में पानी की कमी खेती को प्रभावित करती है. सड़क और रेलवे परियोजनाओं के कारण पर्यावरण पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.

प्रमुख स्थानों में मंजेश्वर समुद्र तट, उप्पाला बाजार, कुम्बला किला, होसंगडी जंक्शन, पयस्विनी नदी क्षेत्र, मछली पकड़ने के बंदरगाह शामिल हैं.

बात करें प्रमुख मुद्दों की तो समुद्री कटाव और समुद्र का पानी जमीन में घुसना, मछुआरों की आजीविका का संकट, सुपारी किसानों की आर्थिक परेशानी, बाढ़ और पानी की कमी, सीमा से जुड़े प्रशासनिक मुद्दे, भाषा और सांस्कृतिक अधिकार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक समस्या, विकास परियोजनाओं से पर्यावरण नुकसान शामिल है.

मंजेश्वर की राजनीति संतुलन पर टिकी है. स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा मजबूत रही है, जबकि विधानसभा चुनावों में धर्म और भाषा से ऊपर उठकर बने गठबंधन अक्सर कांग्रेस-समर्थित उम्मीदवार को जीत दिलाते हैं. यहां जीत का अंतर बहुत कम होता है, जिससे यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम बन जाता है.

केरल का “उत्तरी राजनीतिक प्रवेश द्वार” कहलाने वाला मंजेश्वर दिखाता है कि यहां स्थानीय मुद्दे राज्यस्तरीय राजनीति से भी ज्यादा अहम होते हैं. यहां चुनाव जीतने के लिए भाषा, रोजगार, पर्यावरण और सामाजिक सौहार्द को साथ लेकर चलना जरूरी है.

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
मंजेश्वर विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

मंजेश्वर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

A K M Ashraf

IUML
वोट65,758
विजेता पार्टी का वोट %38.1 %
जीत अंतर %0.4 %

मंजेश्वर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • K Surendran

    BJP

    65,013
  • V V Rameshan

    CPI(M)

    40,639
  • Nota

    NOTA

    387
  • Praveen Kumar S

    ADHRMPI

    251
  • Surendran M S/o Padmavathi M

    IND

    197
  • John D Souza I

    IND

    181
WINNER

P B Abdul Razak

IUML
वोट56,870
विजेता पार्टी का वोट %35.8 %
जीत अंतर %0.1 %

मंजेश्वर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • K Surendran

    BJP

    56,781
  • Adv. C.h.kunhambu

    CPM

    42,565
  • Basheer Ahammad S M

    PDP

    759
  • Nota

    NOTA

    646
  • Sundara K

    IND

    467
  • Ravichandra

    BSP

    365
  • K P Muneer

    IND

    224
  • John D Souza

    IND

    207
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

मंजेश्वर विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

मंजेश्वर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में मंजेश्वर में IUML का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के मंजेश्वर चुनाव में A K M Ashraf को कितने वोट मिले थे?

2021 में मंजेश्वर सीट पर उपविजेता कौन था?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले मंजेश्वर विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

केरल विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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