कोझिकोड नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र केरल के कोझिकोड जिले में स्थित है. यह लोकसभा चुनावों के लिए कोझिकोड लोकसभा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से 27वीं सीट है. यह क्षेत्र राज्य की राजनीति में खास महत्व रखता है.
प्रशासनिक और भौगोलिक प्रोफाइल की बात करें तो 1957 से 2008 तक इस सीट को कैलिकट-I के नाम से
जाना जाता था. 2008 के परिसीमन के बाद इसे वर्तमान स्वरूप में कोझिकोड नॉर्थ नाम दिया गया. इस विधानसभा क्षेत्र में कोझिकोड नगर निगम के वार्ड संख्या 1 से 16, 39, 40 और 42 से 51 तक शामिल हैं. यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है. यहां शहरी आवासीय इलाके, व्यावसायिक क्षेत्र और अर्ध-शहरी बस्तियां शामिल हैं. मतदाताओं में पेशेवर लोग, व्यापारी, छात्र और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी बड़ी संख्या में हैं, जिससे यह क्षेत्र सामाजिक और आर्थिक रूप से विविध माना जाता है.
मतदाता भागीदारी की बात करें तो 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल 1,80,909 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर थी. भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार इस सीट पर 2021 में लगभग 75.98 प्रतिशत मतदान हुआ, जो केरल में आमतौर पर होने वाले ऊंचे मतदान प्रतिशत के अनुरूप है.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व देखें तो परिसीमन के बाद से इस सीट पर लगातार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) का कब्जा रहा है. इससे यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की मजबूत पकड़ साफ नजर आती है. 2011 के चुनाव में CPI(M) के ए. प्रदीप कुमार इस सीट से विधायक चुने गए थे और 2016 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की. 2021 के विधानसभा चुनाव में CPI(M) के थोट्टाथिल रविंद्रन ने जीत दर्ज की और इस तरह कोझिकोड नॉर्थ में LDF का वर्चस्व बना रहा.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो यहां LDF को बड़ी जीत मिली. CPI(M) के थोट्टाथिल रविंद्रन को 59,124 वोट मिले, जो कुल मतों का लगभग 42.98 प्रतिशत था. कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के उम्मीदवार के. एम. अभिजीत को 46,196 वोट (करीब 33.58 प्रतिशत) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. भाजपा के उम्मीदवार एम. टी. रमेश को 30,952 वोट (लगभग 22.50 प्रतिशत) मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. नोटा को 516 वोट यानी करीब 0.38 प्रतिशत वोट मिले, जबकि छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को इससे भी कम वोट प्राप्त हुए.
मतदाता व्यवहार और चुनावी रुझानों पर नजर डालें तो इस सीट पर परिसीमन के बाद से लगातार CPI(M) की जीत यह दिखाती है कि पार्टी की जमीनी पकड़, संगठन की मजबूती और मतदाताओं का भरोसा मजबूत रहा है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF यहां मुख्य प्रतिद्वंद्वी बना हुआ है और हर चुनाव में अच्छा खासा वोट प्रतिशत हासिल करता रहा है, जिससे मुकाबला कड़ा रहता है. वहीं भाजपा और NDA का वोट शेयर भी धीरे-धीरे बढ़ा है, जो केरल के शहरी इलाकों में भाजपा के विस्तार के व्यापक रुझान को दर्शाता है, हालांकि वे अभी भी LDF और UDF से पीछे हैं.
इस क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दों में शहरी विकास, बेहतर सार्वजनिक सेवाएं, रोजगार और कौशल विकास के अवसर, तथा स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं तक लोगों की आसान पहुंच शामिल हैं.
पर्यटन की दृष्टि से कोझिकोड नॉर्थ क्षेत्र में कई आकर्षक स्थान हैं, जिनमें कोझिकोड बीच, सरोवरम बायो पार्क और चालियम बीच प्रमुख हैं, जो स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं.
(Sreya Prasad)