मलप्पुरम विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह राज्य के उत्तरी हिस्से का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में से सीट नंबर 40 के रूप में दर्ज है. राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले लोकसभा चुनावों में यह विधानसभा क्षेत्र मलप्पुरम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इस इलाके के ऐतिहासिक राजनीतिक
जुड़ाव और जनसंख्या की संरचना (जातीय/सामुदायिक बनावट) के कारण मलप्पुरम लंबे समय से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का मजबूत गढ़ रहा है, जो यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का एक प्रमुख घटक दल है.
स्थानीय संरचना और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो, मलप्पुरम नगरपालिका के साथ-साथ एरनाड तालुक की मोरायूर, पूक्कोट्टूर, अनक्कायम और पुलपट्टा पंचायतें, तथा पेरिंथलमन्ना तालुक की कोडूर पंचायत इस विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं. मलप्पुरम शहर इस इलाके का आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्र है. यहां का सामाजिक-आर्थिक ढांचा विविध है, जहां लोगों की आजीविका में विदेशों में काम करने से आने वाली रेमिटेंस, व्यापार, सेवाएं और शिक्षा का बड़ा योगदान है. इस क्षेत्र की राजनीति पर यहां की जनसंख्या की संरचना का भी गहरा प्रभाव पड़ता है.
मतदाता भागीदारी और मतदाता वर्ग के बारे में देखें तो, चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में मलप्पुरम में 2,11,990 पंजीकृत मतदाता थे. इस क्षेत्र में बहुसंख्यक आबादी मुस्लिम समुदाय से संबंधित है.
प्रतिनिधित्व और राजनीतिक इतिहास की बात करें तो, 1957 में जब यह विधानसभा क्षेत्र बना, तब से यहां आमतौर पर UDF से जुड़े नेता या IUML के उम्मीदवार ही जीतते आए हैं. इस सीट के पहले विधायक सी. एच मोहम्मद कोया थे, जो IUML के नेता थे और बाद में 1979 में केरल के मुख्यमंत्री भी बने. इसके बाद IUML के ही एक और बड़े नेता एम. के. मुनीर ने मलप्पुरम का प्रतिनिधित्व किया. हाल के वर्षों में पी. अब्दुल रहमान इस क्षेत्र के प्रमुख नेता रहे हैं, जिन्होंने कई चुनाव जीते और विधानसभा में IUML की पकड़ को बनाए रखा. खास बात यह है कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) आज तक मलप्पुरम विधानसभा सीट कभी नहीं जीत पाया है, इसलिए यह सीट IUML के सबसे भरोसेमंद और मजबूत गढ़ों में गिनी जाती है. यही बात मलप्पुरम की राजनीति को केरल के अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती है.
2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार, IUML के पी. उबैदुल्ला ने मलप्पुरम सीट पर जीत दर्ज की. उन्हें 93,166 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 57.93% था. दूसरे स्थान पर पी. अब्दुल रहमान रहे, जो CPI(M) (LDF) के उम्मीदवार थे. उन्हें 57,958 वोट मिले, यानी करीब 35.82% वोट मिले. तीसरे स्थान पर सेठउमाधवन (BJP, NDA) रहे, जिन्हें 5,883 वोट मिले (लगभग 3.64%). इसके अलावा Welfare Party of India की उम्मीदवार E.C. Ayisha को 3,194 वोट मिले (करीब 1.99%) और बाकी वोट निर्दलीय तथा अन्य छोटे दलों में बंट गए. इन नतीजों से साफ दिखता है कि IUML को इस सीट पर बड़ी बढ़त मिली, क्योंकि पी. अब्दुल रहमान ने 35,208 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों को समझें तो, भले ही पूरे केरल में LDF एक मजबूत ताकत है, लेकिन मलप्पुरम में वह हमेशा मुख्य प्रतिद्वंद्वी तो रहा है, पर कभी सबसे बड़ी ताकत नहीं बन पाया. यहां मतदाताओं का झुकाव लगातार UDF और IUML की ओर रहा है, जिसका प्रमाण चुनाव परिणामों में स्पष्ट दिखता है. वहीं BJP और अन्य छोटे दल वोट शेयर के मामले में यहाँ अब तक सीमित और हाशिए पर ही रहे हैं.
इस क्षेत्र में प्रमुख मुद्दों में सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाना, सरकारी सेवाओं में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच, और पर्यटन स्थलों का विकास शामिल हैं. पर्यटन के लिहाज से मलप्पुरम में कई आकर्षक स्थान हैं, जैसे कोट्टक्कुन्नु हिल्स और पार्क, कोट्टक्कुन्नु हेरिटेज संग्रहालय, अनाक्कयम झील, और मलप्पुरम जुमा मस्जिद, जो स्थानीय पहचान और पर्यटन दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
(श्रेया प्रसाद)