तिरुरंगडी विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा की 140 सीटों में से सीट नंबर 43 है और यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है. लोकसभा चुनावों के लिए तिरुरंगडी विधानसभा क्षेत्र पोन्नानी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह सीट 1957 में बनने के बाद से लंबे समय तक चुनावी इतिहास रखती है और यहां आमतौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक
फ्रंट (UDF) और खासकर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को लगातार समर्थन मिलता रहा है.
यह विधानसभा क्षेत्र मलप्पुरम जिले के तटीय और अर्ध-शहरी हिस्सों में आता है. इसमें तिरुरंगडी तालुक के एडारिकोडे, नन्नम्ब्रा, परप्पनंगडी, थेन्नाला और तिरुरंगडी पंचायतें, और तिरुर तालुक की पेरुमन्ना क्लारी पंचायत शामिल हैं. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से छोटे व्यापार, मछली पकड़ने, खेती और सेवा क्षेत्र पर आधारित है. इसके साथ ही, यहां के बहुत से परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी (गल्प वर्कर्स) द्वारा भेजे गए रेमिटेंस पर निर्भर रहता है.
मतदाता भागीदारी के मामले में भी यह क्षेत्र सक्रिय माना जाता है. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की 2021 विधानसभा चुनाव की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, तिरुरंगडी में कुल 1,97,158 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर थी. यहां 75.07% मतदान हुआ, जो यह दिखाता है कि लोगों में नागरिक भागीदारी और मतदान को लेकर अच्छी जागरूकता है.
राजनीतिक प्रतिनिधित्व और इतिहास की बात करें तो यह सीट शुरू से ही IUML के मजबूत संगठनात्मक आधार के लिए जानी जाती है. इस क्षेत्र से IUML के कई नेता चुने गए हैं. हाल के दशकों में पी. के. अब्दु रब्ब और के. पी. ए. मजीद जैसे IUML उम्मीदवार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. हालांकि ज्यादातर चुनावों में IUML/UDF को जीत मिली है, फिर भी कुछ चुनावों में LDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों को भी अच्छा वोट शेयर मिला है, जिससे यह पता चलता है कि मतदाता विकल्पों के प्रति भी खुले हैं.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव में तिरुरंगडी सीट से के. पी. ए. मजीद (IUML, UDF) ने जीत दर्ज की और इस क्षेत्र में पार्टी के मजबूत प्रभाव को फिर से साबित किया. निर्वाचन आयोग के आधिकारिक नतीजों के अनुसार, के. पी. ए. मजीद को 73,499 वोट मिले. उनके बाद नियास पुलिकलाकाथ, जो LDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार थे, उन्हें 63,921 वोट मिले. वहीं बीजेपी (NDA) के उम्मीदवार कल्लियथ सथार हाजी को 8,314 वोट प्राप्त हुए. के. पी. ए. मजीद ने यह चुनाव 9,578 वोटों के अंतर से जीता, जो कुल वैध वोटों का लगभग 6.51% था. इस परिणाम ने IUML के नेतृत्व पर मतदाताओं के भरोसे को दिखाया और यह भी साबित किया कि तिरुरंगडी में पार्टी का संगठन मजबूत है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों में IUML की एक स्थायी वोट-बेस बनी हुई है. लेकिन 2021 में नियास पुलिकलाकाथ जैसे निर्दलीय उम्मीदवार का अच्छा प्रदर्शन यह दिखाता है कि यहां के मतदाता तब विकल्प को समर्थन दे सकते हैं जब स्थानीय नेतृत्व लोगों की जरूरतों और समुदाय की अपेक्षाओं के अनुसार काम करता हो. दूसरी ओर, बीजेपी का वोट शेयर भले ही बहुत छोटा रहा, लेकिन उसकी मौजूदगी यह बताती है कि यहां बहुदलीय भागीदारी भी है.
सामाजिक और आर्थिक रूप से यह क्षेत्र शहरी और अर्ध-शहरी आबादी का मिश्रण है, जहां लोगों की आजीविका व्यापार, सेवाओं, खेती और विदेश से आने वाली कमाई (रेमिटेंस) पर काफी निर्भर है. इस क्षेत्र में लोगों की मुख्य स्थानीय चिंताएं इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारना और अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं व शिक्षा तक बेहतर पहुंच जैसी जरूरतें हैं.
पर्यटन के लिहाज से भी इस क्षेत्र में कुछ प्रसिद्ध जगहें हैं, जिनमें वेंजलि व्यू पॉइंट, चेरुमुक्कु फोटो पॉइंट, पल्लिक्काथझम, और चेरुमुक्कु अंबलपाडम व्यू पॉइंट शामिल हैं.
(श्रेया प्रसाद)