अझिकोड विधानसभा क्षेत्र केरल राज्य के दक्षिणी हिस्से में स्थित कन्नूर जिले में आता है. यह क्षेत्र राष्ट्रीय संसद चुनावों के लिए कन्नूर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. वर्ष 1977 में स्थापित यह विधानसभा क्षेत्र राज्य विधानसभा के नक्शे में संख्या 10 के रूप में दर्ज है और यह एक सामान्य (जनरल) सीट है. अझिकोड अपने बड़े मतदाता वर्ग और कड़े राजनीतिक
मुकाबलों के लिए जाना जाता है. इस क्षेत्र में तटीय कस्बों के साथ-साथ अर्ध-शहरी और ग्रामीण पंचायतें भी शामिल हैं.
अझिकोड विधानसभा क्षेत्र मालाबार तट के किनारे स्थित है और इसमें कन्नूर जिले के तटीय और अंदरूनी इलाके दोनों शामिल हैं. भारत निर्वाचन आयोग की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 1,81,838 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें लगभग 84,505 पुरुष, 97,331 महिलाएं और तीसरे लिंग के 2 मतदाता शामिल हैं. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां 79.85% मतदान हुआ, जो काफी ऊंचा माना जाता है. इस क्षेत्र में अझिकोड, चिरक्कल, नरथ, पल्लिकुन्नु, पप्पिनिस्सेरी, पुज़हाथी और वलपट्टणम पंचायतें शामिल हैं.
अझिकोड का मतदाता वर्ग उत्तरी केरल की जनसांख्यिकीय विशेषताओं को दर्शाता है. यहां महिला मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है और लोग चुनावों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं. मछुआरे, व्यापारी, पेशेवर लोग और कृषि श्रमिक इस क्षेत्र की सामाजिक संरचना का हिस्सा हैं. यहां की संस्कृति पर मालाबार परंपराओं और समुद्री जीवन का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है.
अझिकोड का राजनीतिक इतिहास काफी सक्रिय और प्रतिस्पर्धात्मक रहा है. 1977 से लेकर 2000 के शुरुआती वर्षों तक यहां पर अधिकतर चुनाव कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने जीते, जिससे इस क्षेत्र में वामपंथी राजनीति की मजबूत पकड़ दिखाई देती है. हालांकि, 2000 के बाद के वर्षों में भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) एक मजबूत राजनीतिक चुनौती के रूप में उभरी और दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.
2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में के. एम. शाजी (IUML) ने अझिकोड सीट पर जीत दर्ज की. 2011 में उन्होंने मात्र 493 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि 2016 में उनकी जीत का अंतर 2,287 वोट रहा. इससे यह साफ होता है कि यहां चुनाव हमेशा कांटे के रहे हैं. इससे पहले एम. प्रकाशन मास्टर (CPI-M) भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं.
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2021 का विधानसभा चुनाव अझिकोड में बेहद रोचक और त्रिकोणीय मुकाबला रहा. इसमें CPI(M) के के. वी. सुमेश ने 65,794 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. वहीं IUML के के. एम. शाजी को 59,653 वोट मिले. भाजपा के के. रंजीत को 15,741 वोट प्राप्त हुए और वे तीसरे स्थान पर रहे. इस तरह CPI(M) उम्मीदवार ने लगभग 6,141 वोटों (करीब 4.24%) के अंतर से जीत हासिल की.
अझिकोड की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान पर तटीय और मालाबार परंपराओं का स्पष्ट प्रभाव है. यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन मछली पकड़ना और समुद्री व्यापार है. इसके अलावा, छोटे उद्योग और व्यापार भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा देते हैं. इस क्षेत्र में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं.
यहां स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों में मीनकुन्नु बीच, अझिकोड हथकरघा गांव, चाल बीच शामिल हैं.
स्थानीय विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों ती बात करें तो यहां सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास, मछुआरों और आजीविका से जुड़े लोगों को सहायता, पर्यावरण संरक्षण और तटीय क्षेत्र की सुरक्षा और रोजगार और शिक्षा के अवसर को बढ़ाना शामिल हैं.
(Sreya Prasad)