पेरिन्थलमन्ना विधानसभा क्षेत्र केरल विधानसभा की 140 सीटों में 38वां निर्वाचन क्षेत्र है. यह मलप्पुरम जिले में स्थित है और राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के लिए मलप्पुरम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. पेरिन्थलमन्ना को राजनीतिक रूप से एक बहुत प्रतिस्पर्धी सीट माना जाता है, जहां चुनाव अक्सर कड़े मुकाबले वाले रहे हैं. यहां प्रमुख राजनीतिक मोर्चों की
सक्रिय भूमिका रही है, खासकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के अंतर्गत इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और दूसरी तरफ स्वतंत्र या वामपंथ समर्थित उम्मीदवारों की भी मजबूत मौजूदगी रही है.
स्थानीय प्रशासनिक संरचना और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में पेरिन्थलमन्ना नगरपालिका के साथ-साथ पेरिन्थलमन्ना तालुक की अलीपरम्बा, एलमकुलम, पुलमंथोल, थाझेकोड, वेट्टाथुर और मेलत्तूर पंचायतें शामिल हैं। इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को छोटे व्यापार, कृषि, विदेश (खाड़ी देशों) में काम करने वालों की रेमिटेंस, और पास के शहरों में मिलने वाली सेवा क्षेत्र की नौकरियां मजबूत बनाती हैं.
मतदाता और मतदान के लिहाज से, चुनाव आयोग (Election Commission of India) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में पेरिंथलमन्ना में 2,17,959 पंजीकृत मतदाता थे और 2021 में यहाँ मतदान प्रतिशत भी काफी अच्छा रहा.
राजनीतिक पृष्ठभूमि और इतिहास देखें तो पेरिंथलमन्ना की चुनावी यात्रा कई दशकों से चली आ रही है. मलप्पुरम जिले की जनसंख्या संरचना और IUML की संगठनात्मक ताकत के कारण यह सीट लंबे समय तक मुस्लिम लीग का मजबूत गढ़ रही है. खासकर 20वीं सदी के अंतिम वर्षों के बाद से इस क्षेत्र में मुस्लिम लीग ने कई चुनावों में बड़ी सफलता हासिल की है. हालांकि, यहां चुनाव केवल पार्टी आधार पर तय नहीं होते, इसका उदाहरण 2006 के विधानसभा चुनाव में मिला, जब CPI(M) के उम्मीदवार वी. ससीकुमार ने यह सीट जीतकर साबित किया कि पेरिंथलमन्ना में मुकाबला हमेशा खुला रहता है.
2021 विधानसभा चुनाव के नतीजे इस सीट के इतिहास के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक रहे. चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणामों के अनुसार, IUML के नजीब कांथापुरम को 76,530 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 46.21% था. उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी थे के. पी. एम. मुस्तफा, जो LDF समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार थे. उन्हें 76,492 वोट मिले, यानी लगभग 46.19%. जीत का अंतर बेहद मामूली था, सिर्फ 38 वोट से. वहीं BJP की उम्मीदवार सुचितरा मट्टदा को लगभग 8,021 वोट मिले.
चुनाव के बाद के घटनाक्रम भी चर्चा में रहे. 2021 के परिणामों पर कानूनी विवाद खड़ा हुआ, जब LDF समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार ने नजीब कांथापुरम की जीत को चुनौती देते हुए याचिका दायर की. आरोप लगाया गया कि कुछ वैध पोस्टल बैलेट गलत तरीके से रद्द कर दिए गए. हालांकि, यह मामला केरल हाईकोर्ट में गया और अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने आधिकारिक नतीजे को बरकरार रखते हुए कांथापुरम की 38 वोटों की जीत को सही माना.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरण की बात करें तो 2021 में 38 वोटों का अंतर यह दिखाता है कि पेरिंथलमन्ना में स्थानीय मुद्दे, जमीनी स्तर का प्रचार, और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि मतदाताओं के फैसले में बहुत बड़ा रोल निभाते हैं.
सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल के तौर पर यह क्षेत्र ग्रामीण जीवन और शहरी सुविधाओं का मिश्रण है. यहां की आर्थिक सक्रियता में छोटे उद्योग, व्यापार, और खाड़ी देशों से आने वाली रेमिटेंस का बड़ा योगदान है. केरल के अन्य हिस्सों की तरह, पेरिंथलमन्ना की भी एक बड़ी आबादी रोजगार के लिए गल्फ देशों पर निर्भर रहती है.
मुख्य मुद्दों में आमतौर पर सड़क कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, तथा छोटे व्यवसायों और कृषि को सहायता जैसे विषय प्रमुख रहते हैं.
पर्यटन स्थलों में यहां कोडिकुथिमाला व्यू पॉइंट और पेरिंथलमन्ना श्री कृष्ण मंदिर खास रूप से प्रसिद्ध हैं.
(श्रेया प्रसाद)