तालिपरम्बा विधानसभा क्षेत्र केरल राज्य के कन्नूर जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है. यह केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से सीट नंबर 8 है. लोकसभा चुनाव के लिए यह क्षेत्र कन्नूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। तालिपरम्बा की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी. इस क्षेत्र में ग्रामीण ग्राम पंचायतें और शहरी नगरपालिका क्षेत्र दोनों शामिल हैं. यह सीट
किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है.
तालिपरम्बा विधानसभा क्षेत्र का भौगोलिक स्वरूप विविध है. यहां अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र हैं, वहीं अरब सागर के पास तटीय मैदान भी मौजूद हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में तालिपरम्बा नगरपालिका के साथ-साथ चप्परपडावु, कुरुमथूर, कोलाचेरी, कुट्टियाट्टूर, मलापट्टम, मय्यिल और परियारम पंचायतें शामिल हैं.
चुनाव आयोग के अनुसार वर्ष 2021 में तालिपरम्बा में कुल 2,14,068 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें 1,01,018 पुरुष, 1,13,047 महिलाएं और 3 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे. कुल 1,78,619 लोगों ने मतदान किया, जिससे यहां लगभग 83.44 प्रतिशत मतदान हुआ. यह प्रतिशत केरल की उच्च मतदान परंपरा को दर्शाता है. इस क्षेत्र में शहरी मतदाता तालिपरम्बा और अंथूर शहरों में रहते हैं, जबकि ग्रामीण आबादी पंचायत क्षेत्रों में निवास करती है.
तालिपरम्बा विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), खासकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] का दबदबा रहा है. कई चुनावों से यहां CPI(M) के उम्मीदवार जीतते आ रहे हैं. वर्ष 2021 में एम. वी. गोविंदन मास्टर ने इस सीट से जीत दर्ज की, जबकि इससे पहले जेम्स मैथ्यू इस क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं. उत्तर केरल में ट्रेड यूनियन, किसान आंदोलन और प्रगतिशील विचारधारा का प्रभाव यहां की राजनीति में साफ दिखाई देता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में CPI(M) के एम. वी. गोविंदन मास्टर ने 92,870 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की. उन्हें लगभग 52.14 प्रतिशत वोट मिले. कांग्रेस के एडवोकेट वी. पी. अब्दुल रशीद दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 70,181 वोट (करीब 39.40 प्रतिशत) मिले. भाजपा के गंगाधरन ए. पी. को 13,058 वोट (लगभग 7.33 प्रतिशत) मिले. इस तरह गोविंदन मास्टर ने 22,689 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की.
तालिपरम्बा क्षेत्र में अलग-अलग आर्थिक वर्गों के लोग रहते हैं. यहां व्यापार, सेवा क्षेत्र, छोटे उद्योग और कृषि से जुड़े लोग हैं. कई परिवारों की आय का मुख्य स्रोत विदेश, खासकर खाड़ी देशों में काम करने वाले परिजन हैं. इस क्षेत्र की संस्कृति मलाबार परंपरा से जुड़ी है, जहां थेय्यम जैसे लोकनृत्य और धार्मिक अनुष्ठान त्योहारों के दौरान किए जाते हैं.
यहां स्थित परसिन्निकडावु मुथप्पन मंदिर श्री मुथप्पन को समर्पित है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं. इस मंदिर की पूजा और परंपराएं स्थानीय संस्कृति को दर्शाती हैं.
वेल्लिकील नदी के किनारे स्थित यह इको पार्क प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. यहां मैंग्रोव जंगल, पैदल घूमने के रास्ते और पिकनिक स्थल हैं, जिससे यह परिवारों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है.
तालिपरम्बा विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना प्रमुख मुद्दे हैं.
(Sreya Prasad)