केरल के कोझिकोड जिले में स्थित कोडुवल्ली विधानसभा क्षेत्र राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यह क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र संख्या 31 है और लोकसभा चुनावों के लिए कोझिकोड संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है. केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से यह एक है. उत्तरी केरल का यह इलाका राजनीतिक और भौगोलिक दोनों दृष्टि से अहम माना जाता है और यहां
लंबे समय से कड़े चुनावी मुकाबले होते रहे हैं, जिसमें अलग-अलग दलों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला है.
प्रशासनिक और भौगोलिक रूप से कोडुवल्ली विधानसभा क्षेत्र में कोझिकोड तालुक के अंतर्गत किझक्कोथ, कोडुवल्ली, मडवूर, नारिक्कुनी, ओमास्सेरी और थमारसेरी पंचायतें शामिल हैं. यहां ग्रामीण और कस्बाई इलाकों का मिश्रण है। छोटे शहर, अर्ध-शहरी क्षेत्र और कृषि प्रधान गांव इस क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक विविधता को दर्शाते हैं, जहां अलग-अलग वर्गों के मतदाता रहते हैं.
मतदाता संख्या और भागीदारी की बात करें तो भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल लगभग 1,83,551 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें से 1,50,885 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान प्रतिशत 82.44 रहा, जो केरल की परंपरागत रूप से ऊंची मतदान भागीदारी को दर्शाता है और यह बताता है कि यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से काफी जागरूक और सक्रिय हैं.
राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो कोडुवल्ली में समय-समय पर राजनीतिक रुझानों में बदलाव देखने को मिला है. 1970 और 1980 के दशक में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) यहां की प्रमुख राजनीतिक ताकत रही. ई. अहमद और पी. वी. मोहम्मद जैसे नेताओं ने कई बार जीत हासिल कर पार्टी को मजबूत किया. हालांकि, इस दौरान जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जैसे दलों ने भी मजबूत चुनौती दी और कई चुनाव कड़े मुकाबलों में तब्दील हुए. 2006 और 2016 में तो यहां बेहद रोचक और करीबी चुनाव हुए, जिनमें मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों और विभिन्न दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव में कोडुवल्ली सीट पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को बड़ी सफलता मिली. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के उम्मीदवार डॉ. एम. के. मुनीर ने 72,336 वोट हासिल किए, जो कुल वैध मतों का लगभग 47.86 प्रतिशत था. लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार करात रजाक को 65,992 वोट मिले, यानी करीब 43.66 प्रतिशत. एसडीपीआई के मुस्तफा कोमेरी को 1,769 वोट (लगभग 1.17 प्रतिशत) और भारतीय जनता पार्टी के टी. बालसोमन को 9,498 वोट (लगभग 6.28 प्रतिशत) प्राप्त हुए. डॉ. मुनीर ने 6,344 मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जो कुल मतों का करीब 4.2 प्रतिशत था. यह जीत IUML की संगठनात्मक मजबूती और कड़े मुकाबले में सीट दोबारा हासिल करने की क्षमता को दर्शाती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों की बात करें तो IUML, जो UDF का हिस्सा है, लंबे समय से यहां मजबूत स्थिति में रही है. वहीं LDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और 2006 व 2016 में जीत दर्ज की थी. कई चुनाव बेहद कम अंतर से तय हुए हैं, जिससे साफ होता है कि यह क्षेत्र हमेशा कड़े मुकाबलों वाला रहा है. भाजपा और एसडीपीआई जैसे दलों को भी यहां ठीक-ठाक वोट मिलते रहे हैं, हालांकि मुख्य मुकाबला आमतौर पर IUML-नेतृत्व वाले UDF और LDF समर्थित उम्मीदवारों के बीच ही होता है.
स्थानीय मुद्दों की बात करें तो इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास और बेहतर कनेक्टिविटी, शिक्षा और रोजगार प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं. सड़क, परिवहन, स्कूल-कॉलेज और नौकरी के अवसरों को लेकर जनता लगातार मांग उठाती रही है.
पर्यटन की दृष्टि से भी कोडुवल्ली क्षेत्र आकर्षक है. यहां करूंजी माला व्यू प्वाइंट, थडायिल व्यू प्वाइंट, करूंजी हिल, करूंजी गुफा और वेन्नक्काड हैंगिंग ब्रिज जैसे सुंदर पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाने जाते हैं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं.
(Sreya Prasad)