कन्नूर विधानसभा क्षेत्र केरल राज्य के कन्नूर जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा का क्षेत्र संख्या 11 है और लोकसभा चुनावों के लिए कन्नूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. कन्नूर एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र माना जाता है, जहां समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों का प्रभाव देखने को मिलता रहा है.
में कन्नूर नगर और उसके आसपास के इलाके शामिल हैं. इस क्षेत्र में कन्नूर नगरपालिका के साथ-साथ कन्नूर तालुक की चेलोरा, एडक्कड, एलयावूर और मुंदेरी पंचायतें आती हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां 1,73,961 पंजीकृत मतदाता थे. कन्नूर में हमेशा से मतदान प्रतिशत ऊंचा रहा है और 2021 में यहां लगभग 81.14% मतदान हुआ.
कन्नूर का राजनीतिक इतिहास केरल राज्य की स्थापना के शुरुआती वर्षों से जुड़ा है. 1957 के पहले विधानसभा चुनाव में यह क्षेत्र कैन्नानोर-I और कैन्नानोर-II निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा था. 1965 में परिसीमन के बाद इसे कन्नूर विधानसभा क्षेत्र के रूप में पुनर्गठित किया गया.
यहां अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. चुनावों के दौरान राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और कभी-कभी तनाव के कारण कन्नूर अक्सर चर्चा में रहता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में कन्नूर में तीन-तरफा कड़ा मुकाबला देखने को मिला. लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) समर्थित कांग्रेस-सेक्युलर के उम्मीदवार और वर्तमान मंत्री रामचंद्रन कडन्नापल्ली ने 60,313 वोट (लगभग 45.15%) प्राप्त कर जीत दर्ज की. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सतीशन को 58,568 वोट (करीब 43.84%) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार अर्चना वंडिचाल को 11,581 वोट (लगभग 8.67%) मिले. SDPI, निर्दलीय उम्मीदवारों और NOTA को शेष वोट मिले. जीत का अंतर केवल 1,745 वोट का रहा, जिससे यह साफ हुआ कि मुकाबला कितना कड़ा था.
कन्नूर विधानसभा क्षेत्र, कन्नूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इस लोकसभा क्षेत्र में तालीपरंबा, इरिक्कुर, अझिकोड, धर्मडम, मट्टनूर, पेरावूर और कन्नूर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता के. सुधाकरन ने कन्नूर सीट जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर UDF की मजबूत मौजूदगी को दिखाया.
कन्नूर के मतदाताओं में शहरी पेशेवर, व्यापारी, सेवा क्षेत्र के कर्मचारी, छात्र और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण यह निर्वाचन क्षेत्र शहरी पहचान रखता है. 2021 में 80% से अधिक मतदान के साथ कन्नूर ने केरल की उस परंपरा को दोहराया, जहां उच्च साक्षरता, राजनीतिक जागरूकता और सक्रिय जनभागीदारी देखने को मिलती है.
कन्नूर अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां की थेय्यम जैसी पारंपरिक लोककलाएं, मज़बूत ट्रेड यूनियन आंदोलन और सक्रिय सामाजिक संगठन इसकी पहचान हैं. यह क्षेत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों से समृद्ध है, जो मालाबार की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं.
यहां कई प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं जिनमें मुझप्पिलंगाड बीच: केरल का एकमात्र ड्राइव-इन बीच, सेंट एंजेलो फोर्ट (कन्नूर किला): पुर्तगालियों द्वारा निर्मित ऐतिहासिक किला, पय्यमबेलम बीच: कन्नूर शहर के पास स्थित सुंदर समुद्र तट, पल्लीमूला बीच: शांत वातावरण के लिए जाना जाने वाला समुद्र तट प्रमुख हैं.
बात करें विकास संबंधी मुद्दों की तो कन्नूर विधानसभा क्षेत्र में शहरी बुनियादी ढांचे का विकास, रोजगार के अवसर, पर्यावरण संरक्षण और राजनीतिक स्थिरता और कानून-व्यवस्था में सुधार की जरुरत है.
(Sreya Prasad)