केरल के उत्तरी कासरगोड जिले में स्थित उडमा केरल की एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है. बेडडका, चेमनाड, डेलमपाडी, कुट्टिकोल, मुलियार और उडमाइ- इन छह ग्राम पंचायतों से मिलकर उडमा विधानसभा क्षेत्र बनता है. यह क्षेत्र किसी भी प्रकार के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आता और इसमें तटीय, मध्यवर्ती तथा आंतरिक ग्रामीण-अर्धशहरी इलाके शामिल हैं.
विधानसभा चुनाव के दौरान 15वीं केरल विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार यहां कुल 2,14,209 पंजीकृत मतदाता थे, जबकि 2016 के चुनाव में यह संख्या लगभग 1,99,962 थी, जो मतदाता सूची में निरंतर वृद्धि को दर्शाती है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले 2025 के अंत में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया गया, जिसमें मृत, पलायन कर चुके या अप्रमाणित पाए गए 8,917 मतदाताओं के नाम हटाए गए.
उदमा का गठन परिसीमन के बाद 1977 में हुआ था और तब से इसका एक लंबा चुनावी इतिहास रहा है. समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, हालांकि हाल के दशकों में यह क्षेत्र वामपंथी झुकाव वाला माना जाता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में सी. एच. कुन्हाम्बु (सीपीआई-एम) ने 78,664 वोट (लगभग 47.58%) हासिल कर जीत दर्ज की. कांग्रेस के पेरिया बालकृष्णन 65,342 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भाजपा के ए. वेलायुधन को लगभग 20,360 वोट मिले. इस चुनाव में सीपीआई-एम ने 13,322 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जिससे उदमा में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की मजबूत स्थिति एक बार फिर सामने आई.
इतिहास में यह सीट 2000 और 2010 के दशकों में कई बार सीपीआई-एम के पास रही है. के कुन्हीरामन ने लगातार कई कार्यकाल पूरे किए, जिसके बाद वर्तमान विधायक सी. एच. कुन्हाम्बु ने जिम्मेदारी संभाली. मतदान प्रतिशत की बात करें तो उडमा में आमतौर पर राज्य औसत से अधिक मतदान होता रहा है. 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में जहां राज्य का औसत मतदान लगभग 76% था, वहीं उडमा में भी मतदाताओं की भागीदारी लगातार ऊंची रही, जो यहां के जागरूक मतदाताओं को दर्शाती है.
उडमा, कासरगोड लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से एक है. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के राजमोहन उन्नीथन ने कासरगोड सीट जीती, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ा बहुदलीय मुकाबला देखने को मिला.
विकास के लिहाज से उडमा और पूरा कासरगोड जिला अक्सर केरल के अन्य जिलों की तुलना में पीछे माना जाता है. खराब सड़क और परिवहन सुविधाएं, विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में, एक बड़ी समस्या हैं. स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी गंभीर मुद्दा है, जिसके कारण लोगों को इलाज के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है. इसके अलावा, तटीय और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में भूमि विवाद, तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) से जुड़े नियम और विकास या ध्वस्तीकरण से जुड़े नोटिस भी हाल के वर्षों में विवाद का कारण बने हैं.
उडमा क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन और भौगोलिक हॉटस्पॉट्स में बेकल किला, चंद्रगिरी किला, कप्पिल बीच और वलियापरंबा बैकवॉटर शामिल हैं, जो इस क्षेत्र की पहचान और आर्थिक संभावनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.