धर्मादम विधानसभा क्षेत्र केरल के कन्नूर जिले में स्थित है. यह राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के लिए कन्नूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से सीट नंबर 12 है. यह क्षेत्र वर्तमान में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा रहा है, जिससे धर्मडम को राज्य की राजनीति में विशेष महत्व प्राप्त
है.
धर्मादम केरल के मालाबार तट पर स्थित है. इसमें कन्नूर तालुक के अंतर्गत आने वाले अंजरकंडी, चेम्बिलोडे, कडंबूर, मुजप्पिलंगाड और पेरलस्सेरी पंचायतें शामिल हैं, जबकि थालास्सेरी तालुक में धर्मादम, पिनराई और वेंगड पंचायतें आती हैं. सामाजिक रूप से यह क्षेत्र ग्रामीण कृषि समुदाय, नौकरीपेशा लोग, सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी, छोटे व्यवसायी और तटीय मछुआरा समुदायों से मिलकर बना है. वर्ष 2008 में गठन के बाद से ही धर्मादम सीपीआई(एम) का मज़बूत गढ़ रहा है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2021 विधानसभा चुनाव में धर्मादम में कुल 1,93,486 मतदाता पंजीकृत थे. इनमें 89,772 पुरुष, 1,03,712 महिलाएं और 2 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे. इस चुनाव में लगभग 84 प्रतिशत मतदान हुआ, जो केरल की उच्च मतदान परंपरा को दर्शाता है.
2011 में के. के. नारायणन (सीपीआई-एम) इस क्षेत्र से विधायक रहे. 2016 और 2021 में पिनराई विजयन ने क्रमशः कांग्रेस उम्मीदवार मंबरम दिवाकरन और सी. रघुनाथन को हराकर जीत दर्ज की और बाद में केरल के मुख्यमंत्री बने.
2021 के चुनाव में पिनराई विजयन को 95,522 वोट मिले, जो कुल मतों का लगभग 59.61% था. कांग्रेस के सी. रघुनाथन को 45,399 वोट (28.33%) मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. भाजपा के सी. के. पद्मनाभन को 14,623 वोट (9.13%) प्राप्त हुए. इस चुनाव में पिनराई विजयन ने 50,123 वोटों की बड़ी जीत दर्ज की, जिससे धर्मादम में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की मजबूत पकड़ साफ दिखाई दी.
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि 2025 में धर्मादम को केरल का पहला ऐसा विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया, जो अत्यधिक गरीबी से मुक्त है. यह उपलब्धि राज्य सरकार की सामाजिक योजनाओं और स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों की सफलता को दर्शाती है.
यह एक छोटा सा द्वीप है जो मुख्य भूमि से लगभग 100 मीटर दूर स्थित है. नारियल के पेड़ों और हरियाली से घिरा यह द्वीप शांत वातावरण और मैंग्रोव वनस्पति के लिए जाना जाता है.यह एक शांत और खूबसूरत समुद्र तट है, जहां कम भीड़ होती है. कम ज्वार के समय यहां से पैदल धर्मादम द्वीप तक जाया जा सकता है. यह जगह प्रकृति प्रेमियों और सुकून की तलाश करने वालों के लिए आदर्श है.
धर्मादम क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास, तटीय संरक्षण और मछुआरों का कल्याण, तथा स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच जैसे मुद्दे प्रमुख विकास प्राथमिकताओं में शामिल हैं.
(K. A. Shaji)