नादापुरम केरल के कोझिकोड जिले में स्थित एक विधानसभा क्षेत्र है. यह लोकसभा चुनावों के लिए वडकारा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से 22वीं सीट है. वर्ष 1951 में गठित यह क्षेत्र उत्तरी केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. यहां कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, ऊंचा मतदान प्रतिशत और जमीनी स्तर तक लोगों
की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है.
स्थानीय संरचना और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो नादापुरम विधानसभा क्षेत्र में वडकारा तालुक के कई स्थानीय स्वशासन क्षेत्र शामिल हैं. इनमें चेक्कियाड, एडाचेरी, काविलुम्पारा, कायक्कोडी, मरुथोंकारा, नादापुरम, नरिपट्टा, थुनेरी, वालायम और वाणीमेल जैसी पंचायतें आती हैं.
मतदाता और मतदान के आंकड़ों के अनुसार, 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में यहां कुल 2,16,491 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें लगभग 1,06,413 पुरुष, 1,10,074 महिलाएं और 4 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे. कुल 1,75,671 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे यहां लगभग 81.14 प्रतिशत का उच्च मतदान दर्ज हुआ.
राजनीतिक इतिहास में नादापुरम एक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र रहा है, लेकिन 1990 के दशक के बाद से यहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का दबदबा बना हुआ है. 1977 के बाद से CPI ने यह सीट कई बार जीती है, जिससे इस क्षेत्र में उसका मजबूत जनाधार स्पष्ट होता है. ई. के. विजयन जैसे नेता कई बार यहां से विधायक चुने गए हैं. इससे पहले बिनॉय विश्वास और सत्यन मोकेरी जैसे वरिष्ठ CPI नेताओं ने भी यहां प्रतिनिधित्व किया, जिससे वामपंथी राजनीति की गहरी जड़ें दिखाई देती हैं. हालांकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) जैसी पार्टियों से कड़ी टक्कर मिलती रही है.
2021 के विधानसभा चुनाव में नादापुरम से CPI के ई. के. विजयन ने 83,293 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अधिवक्ता के. प्रवीन कुमार को 79,258 वोट मिले. बीजेपी के एम. पी. राजन को 10,537 और SDPI के नासर को 1,676 वोट प्राप्त हुए. कुछ वोट NOTA और अन्य उम्मीदवारों को भी मिले. ई. के. विजयन ने कुल लगभग 2.30 प्रतिशत यानी 4,036 वोटों के अंतर से जीत हासिल की.
सामाजिक-आर्थिक रूप से इस क्षेत्र में सेवा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी, पेशेवर लोग, छोटे व्यापारी और कृषि मजदूर रहते हैं. नादापुरम नगर और आसपास की पंचायतों में शहरीकरण से आर्थिक विविधता बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी धान, नारियल और मसालों की खेती आजीविका का प्रमुख साधन है. केरल के अन्य क्षेत्रों की तरह यहां भी बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों सहित विदेशों में काम करने जाते हैं, जिनकी कमाई से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है.
विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं में बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं, किसानों को सहयोग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तथा रोजगार के नए अवसर शामिल है.
पर्यटन की दृष्टि से भी नादापुरम में कई महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनमें नादापुरम जुम्मा मस्जिद, नादापुरम इरिंगन्नूर शिव मंदिर और नादापुरम मुड़ी (एक पहाड़ी चोटी और ट्रेकिंग स्थल) प्रमुख आकर्षण हैं.
(Sreya Prasad)