एरानाड विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा की 140 सीटों में से 34वीं सीट है. इसके अलावा, लोकसभा चुनावों के लिए यह वायनाड लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विधानसभा खंडों में से एक है. एरानाड को अपने वर्तमान स्वरूप में 2008 के परिसीमन (Delimitation) के अनुसार बनाया गया था और यहां की आबादी मुख्य रूप से ग्रामीण
और अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) प्रकृति की है.
स्थानीय प्रशासन और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो एरानाड विधानसभा क्षेत्र में मलप्पुरम जिले का एरानाड तालुक और निलंबूर तालुक का एक हिस्सा शामिल है. इसमें निलंबूर तालुक की चालियार पंचायत आती है, जबकि एरानाड तालुक की अरीकोड (Areacode), एडवन्ना, कावन्नूर, किझुपरम्बा, उरंगट्टिरी और कुजिमन्ना पंचायतें शामिल हैं. स्थानीय अर्थव्यवस्था में धान, नारियल और रबर का उत्पादन एक बड़ा हिस्सा है. इसके साथ ही, विदेशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों (माइग्रेंट वर्कर्स) से मिलने वाला रेमिटेंस यानी विदेश से आने वाला पैसा भी मलप्पुरम की अर्थव्यवस्था में आर्थिक और सामाजिक, दोनों रूपों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
मतदाता भागीदारी और मतदाता आधार की बात करें तो, भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की आधिकारिक सांख्यिकीय रिपोर्ट के अनुसार 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में एरानाड में कुल 1,79,951 पंजीकृत मतदाता थे. यहां 1,42,000 से अधिक वैध वोट डाले गए और मतदाता मतदान प्रतिशत लगभग 79.7% रहा. यह उच्च मतदान केरल की चुनावों में मजबूत भागीदारी की परंपरा के अनुरूप ही है.
पार्टी प्रतिनिधित्व और राजनीतिक इतिहास की बात करें तो परिसीमन के बाद से एरानाड में लगातार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेताओं का प्रतिनिधित्व रहा है. IUML केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) गठबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है. मलप्पुरम जिले में मुस्लिम आबादी का बड़ा बहुमत होने के कारण, साथ ही IUML की मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जमीनी नेटवर्क के कारण इस पार्टी की चुनावी ताकत यहां लगातार बनी रही है. IUML के पी. के. बशीर 2011 से एरानाड से लगातार विधायक (MLA) रहे हैं.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों की बात करें तो एरानाड सीट से IUML उम्मीदवार पी. के. बशीर ने शानदार जीत दर्ज की थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बशीर को 78,076 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 54.49% था. उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के. टी. अब्दुरहीमान थे, जो एक निर्दलीय उम्मीदवार थे लेकिन उन्हें लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का समर्थन प्राप्त था. अब्दुरहीमान को 55,530 वोट मिले, जो कुल वोटों का लगभग 38.76% था. अन्य उम्मीदवारों में कुछ निर्दलीय और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रतिनिधि भी शामिल थे, लेकिन उनकी वोट हिस्सेदारी काफी कम रही. इस तरह बशीर ने 22,546 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जो कुल वोटों का लगभग 15.79% के बराबर था. यह जीत एरानाड में IUML की मजबूत पकड़ को दर्शाती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों की बात करें तो, इस क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना में मुस्लिम समुदाय का बड़ा हिस्सा होने के कारण IUML और UDF जैसे गठबंधनों को आमतौर पर फायदा मिलता रहा है, क्योंकि इन्हें समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देने वाला माना जाता है. हालांकि, LDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार समय-समय पर यहां मजबूत चुनौती पेश करते रहे हैं. वहीं BJP और कुछ छोटे क्षेत्रीय दल चुनावों में भाग तो लेते हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्रमुख मोर्चों (UDF और LDF) की तुलना में यहां खास सफलता या व्यापक समर्थन नहीं मिला है.
सामाजिक-आर्थिक स्थिति के संदर्भ में एरानाड की तस्वीर उत्तरी केरल के व्यापक रुझानों जैसी है, जहां परिवारों की आय छोटे व्यापार, कृषि और विदेशों में नौकरी से आने वाले रेमिटेंस, इन तीनों के मिश्रण से चलती है.
स्थानीय मुद्दों और प्राथमिकताओं में मुख्य रूप से रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास, अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच, तथा कृषि के लिए समर्थन जैसे विषय शामिल हैं.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो एरानाड क्षेत्र में चालियार नदी, अमेजन व्यूपॉइंट ओथायी (Amazon Viewpoint Othayi), कोझिप्पारा (Kozhippara) और कक्कडमपोयिल (Kakkadampoyil) जैसे दर्शनीय स्थल प्रमुख माने जाते हैं.
(श्रेया प्रसाद)