पेराम्बरा केरल के कोझिकोड जिले में स्थित एक विधानसभा क्षेत्र है. यह लोकसभा चुनावों के लिए वडाकरा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है और केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से एक है. उत्तरी केरल की राजनीति में पेराम्बरा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है, जहां बहुदलीय मुकाबला, सामाजिक-आर्थिक विविधता और मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है. यहां
ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के मतदाता बड़ी संख्या में रहते हैं, जिससे यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से हमेशा चर्चा में रहता है.
पेराम्बरा विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच कड़ा मुकाबला होता रहा है. दोनों ही प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों ने अलग-अलग समय पर यहां से जीत दर्ज की है. यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से जागरूक माना जाता है और यहां के लोग चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.
भौगोलिक रूप से पेराम्बरा, कोझिकोड शहर से लगभग 30 से 40 किलोमीटर दूर, जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है. इसमें किलांडी तालुक के अंतर्गत अरिक्कुलम, चक्किट्टापारा, चंगरोथ, चेरुवन्नूर, कीझारियूर, कूथाली, मेप्पय्यूर, नोचाड, पेराम्बरा और थुरायूर पंचायतें शामिल हैं. यह क्षेत्र अर्ध-शहरी इलाकों, व्यापारिक कस्बों और कृषि भूमि का मिश्रण है. यहां किसान, व्यापारी, पेशेवर लोग और दिहाड़ी मजदूर सभी वर्ग के लोग रहते हैं. उल्लेखनीय है कि केरल में पहली बार निपाह वायरस का मामला भी पेराम्बरा क्षेत्र में ही सामने आया था.
मतदाता भागीदारी की बात करें तो 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में पेराम्बरा में कुल 1,98,218 पंजीकृत मतदाता थे। लगभग 82.6 प्रतिशत मतदान हुआ, जो केरल में आमतौर पर होने वाले उच्च मतदान प्रतिशत के अनुरूप है. यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही, जिससे चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी साफ दिखाई दी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 2021 में यहां 1,56,723 वैध वोट डाले गए, जो इस क्षेत्र की लोकतांत्रिक जागरूकता को दर्शाता है.
राजनीतिक इतिहास की बात करें तो पेराम्बरा में मुख्य रूप से माकपा (CPI-M) के नेतृत्व वाला LDF और कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF लंबे समय से मुकाबले में रहे हैं. समय-समय पर मतदाताओं का रुझान, स्थानीय नेताओं की लोकप्रियता और राज्य स्तर की राजनीति का असर यहां के नतीजों में दिखाई देता रहा है. LDF की संगठनात्मक मजबूती और ऐतिहासिक पकड़ के कारण उसका पलड़ा अक्सर भारी रहा है, जबकि UDF भी कई बार कड़े मुकाबले में रहा है. भाजपा और एनडीए का वोट शेयर अभी कम है, लेकिन युवाओं और नए मतदाताओं में उनका समर्थन धीरे-धीरे बढ़ रहा है.
2021 के विधानसभा चुनाव में CPI(M) के नेता और वर्तमान LDF संयोजक टी. पी. रामकृष्णन ने पेराम्बरा सीट पर जीत हासिल की. उन्हें कुल 86,023 वोट मिले, जो कुल मतदान का 52.54 प्रतिशत था. उन्होंने UDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सी. एच. इब्राहिमकुट्टी को 22 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया, जिन्हें 63,431 वोट मिले. भाजपा उम्मीदवार एडवोकेट के. वी. सुधीर को 11,165 वोट (6.82 प्रतिशत) मिले, जबकि एसडीपीआई के इस्माइल कम्माना को 1,465 वोट प्राप्त हुए. यह परिणाम एक बार फिर इस क्षेत्र में वामपंथी राजनीति की मजबूत पकड़ को दर्शाता है.
स्थानीय मुद्दों और विकास की प्राथमिकताओं में मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे का विकास, कृषि को समर्थन, रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं तक बेहतर पहुंच शामिल हैं. सड़कें, सिंचाई, अस्पताल, स्कूल और युवाओं के लिए नौकरी के साधन यहां की जनता की प्रमुख मांगों में आते हैं.
पर्यटन की दृष्टि से पेराम्बरा क्षेत्र में करियथुमपारा और मींथुल्ली पारा व्यू पॉइंट जैसे सुंदर स्थल हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध हैं और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देते हैं.
(श्रेया प्रसाद)