बालुसेरी विधानसभा क्षेत्र केरल के कोझिकोड जिले में स्थित है. यह लोकसभा चुनावों के लिए कोझिकोड संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों में से 25वीं सीट है. यह सीट अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से उत्तरी केरल में इसका विशेष महत्व है.
ग्रामीण और अर्ध-शहरी दोनों प्रकार के इलाके शामिल हैं. यह कोझिकोड जिले के उत्तरी भाग में स्थित है और क्वीलाड़ी तालुक के अंतर्गत आने वाले अथोली, बालुसेरी, कायन्ना, कूराचुंडु, कोट्टूर, नदुवन्नूर, पनंगड, उल्लियेरी और उन्निकुलम ग्राम पंचायतों को मिलाकर बना है. बालुसेरी कस्बा इस क्षेत्र का प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र है. इसके आसपास के गांव और पंचायतें व्यापार, खेती और सेवाओं पर निर्भर हैं. यहां के मतदाता शहरों में रहने वाले लोगों, किसानों, छोटे व्यापारियों और अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लोगों का मिश्रण हैं.
जनगणना के अनुमानों के अनुसार, बालुसेरी नगर में तेजी से शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि हुई है और 2026 तक यहां की आबादी लगभग 40,000 होने की संभावना है. यहां लिंगानुपात संतुलित है और साक्षरता दर भी ऊंची है, जो केरल की सामाजिक प्रगति को दर्शाती है.
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में बालुसेरी में कुल 2,25,249 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें सेवा मतदाता, प्रवासी मतदाता और सामान्य मतदाता शामिल थे. इनमें लगभग 1,09,009 पुरुष, 1,16,238 महिलाएं और दो मतदाता तृतीय लिंग श्रेणी से थे. कुल 1,82,248 लोगों ने मतदान किया और मतदान प्रतिशत करीब 80.91% रहा, जो नागरिक भागीदारी को दर्शाता है.
पिछले कुछ दशकों में बालुसेरी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), विशेषकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] का मजबूत गढ़ बनकर उभरा है. हालांकि, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) और कुछ हद तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से यहां हमेशा कड़ी टक्कर मिलती रही है. SC आरक्षण से पहले यहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी दलों का प्रभाव रहा था, लेकिन आरक्षण लागू होने और 2010 तथा 2020 के दशकों के चुनावों के बाद CPI(M) ने यहां अपनी पकड़ मजबूत कर ली.
2021 के विधानसभा चुनाव में बालुसेरी से LDF को बड़ी जीत मिली. CPI(M) के उम्मीदवार एडवोकेट के. एम. सच्चिन देव को 91,839 वोट मिले, जबकि UDF के उम्मीदवार और प्रसिद्ध मलयालम अभिनेता धर्मजन बोलगट्टी को 71,467 वोट प्राप्त हुए. भाजपा (NDA) के उम्मीदवार लिबिन बालुसेरी को 16,490 वोट मिले. इसके अलावा चंद्रिका (WPOI) को 889, जोबिश बालुसेरी (BSP) को 476, धर्मेन्द्रन (निर्दलीय) को 247, मोहनदास उन्निकुलम (RPI(A)) को 115 और NOTA को 431 वोट मिले.
सचिन देव ने 20,372 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जो कुल वैध मतों का लगभग 11.2% था. इससे क्षेत्र में CPI(M) की मजबूत स्थिति फिर से साबित हुई, हालांकि UDF भी एक सशक्त प्रतिद्वंद्वी बना रहा. उन्होंने पूर्व विधायक और वरिष्ठ CPI(M) नेता पुरुषन कदलुंडी का स्थान लिया, जो 2011 और 2016 में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे. भाजपा और उसके सहयोगी दल भले ही यहां प्रमुख न हों, लेकिन 2021 में उनके वोट प्रतिशत में वृद्धि से यह संकेत मिला कि कुछ मतदाताओं की राजनीतिक सोच में बदलाव आ रहा है.
बालुसेरी की अर्थव्यवस्था खेती और गैर-खेती दोनों पर आधारित है. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी आबादी धान, नारियल और मसालों की खेती पर निर्भर है. बालुसेरी कस्बा आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय स्थानीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं.
इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और यातायात की बेहतर सुविधाएं, किसानों के लिए समर्थन, रोजगार के अवसरों की उपलब्धता तथा सामाजिक कल्याण और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं.
बालुसेरी और उसके आसपास कई दर्शनीय स्थल हैं, जिनमें वायलाडा व्यू पॉइंट, वेत्ताक्कोरुमकन मंदिर और बालुसेरी कोट्टा, तथा मरप्पलम थाला प्रमुख हैं.