TVK
AIADMK
INC
NTK
नोटा
NOTA
BSP
TVVK
IND
IND
IND
PTM
IND
IND
IND
IND
IND
Thuraiyur Vidhan Sabha Chunav Result: थुरैयुर सीट पर Ravisankar.M ने लहराया जीत का परचम
Thuraiyur Results 2026 Live: थुरैयुर सीट के रिजल्ट का हुआ ऐलान, Ravisankar.M ने 9619 वोटों के अंतर से मार लिया मोर्चा
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Thuraiyur Assembly Election Result Live: थुरैयुर में AIADMK पीछे! जानें वोटों का अंतर कितना
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Thuraiyur Vidhan Sabha Chunav Result Live: तमिलनाडु के CAUVERY DELTA क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
थुरैयुर विधानसभा क्षेत्र, जिसका नंबर 146 है, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के उत्तरी भाग में स्थित है और इसका केंद्र थुरैयुर शहर है. यह इलाका कोल्ली हिल्स की पहाड़ियों के पास, उनकी तलहटी में बसा हुआ है. आसपास के कावेरी डेल्टा वाले क्षेत्रों से अलग, थुरैयूर की खासियत यह है कि यहां मिश्रित खेती (बारिश पर निर्भर और सिंचाई वाली खेती दोनों) होती है. साथ ही यहां आदिवासी और पहाड़ी समुदायों की अच्छी-खासी आबादी है, जो इस क्षेत्र की राजनीति को अलग पहचान देती हैय
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को समझें तो यहां कई महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक समूह रहते हैं, जैसे ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के किसान समुदाय, कोल्ली हिल्स और आसपास के पहाड़ी इलाकों के अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय, अनुसूचित जाति (SC) के ग्रामीण बस्तियां, छोटे और सीमांत किसान, खेती पर निर्भर मजदूर परिवार, और छोटे शहर के व्यापारी व ट्रांसपोर्ट से जुड़े कामगार. खास बात यह है कि कोल्ली हिल्स के आदिवासी और पहाड़ी गांवों की आबादी चुनावों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र तिरुचिरापल्ली जिले के उत्तरी हिस्से में आता है और कोल्ली हिल्स की तलहटी के पास स्थित है. यहां मैदानी खेती वाले गांव और पहाड़ी गांव दोनों मिलते हैं. यह क्षेत्र मुसिरी, नामक्कल और अंदरूनी पहाड़ी इलाकों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क क्षेत्र भी है. इसी वजह से यहां किसानों, आदिवासी समुदायों और छोटे व्यापारियों का मिश्रण देखने को मिलता है, जो इसकी सामाजिक और राजनीतिक बनावट को खास बनाता है.
इस क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में थुरैयुर शहर, जो प्रशासन और व्यापार का केंद्र है, मैदानी कृषि गांव, कोल्ली हिल्स के पास के पहाड़ी गांव, और SC समुदाय की ग्रामीण बस्तियों के समूह शामिल हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों की बात करें तो मतदाताओं पर सबसे ज्यादा असर डालने वाले मुद्दों में ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की समस्या, पहाड़ी गांवों तक सड़क संपर्क, किसानों के लिए सब्सिडी और फसल सहायता, आदिवासी कल्याण और वन अधिकार, सरकारी स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर शामिल हैं.
मतदाताओं के रुझान को देखें तो यहां लोग उन योजनाओं और नेताओं को पसंद करते हैं जो किसानों की मदद, आदिवासी कल्याण योजनाएं, सड़क और पानी की परियोजनाएं, और पहाड़ी गांवों में सीधा संपर्क बनाए रखते हैं. थुरैयुर के मतदाता ऐसे नेताओं को ज्यादा पसंद करते हैं जो ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे मिलते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं.
T.indragandhi
ADMK
R.tamilzhselvi
NTK
T.n. Yuvarajan
MNM
K.subramanian
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
S.eswaramoorthy
BSP
K.gunasekaran
PT
S.karuppiah
IND
Srinivasan J
IND
K.sundarraj
IND
K.jayakkannan
MMKA
A.seerangan
IND
M.malarmannan
SMKNK
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.