करूर, तमिलनाडु के मध्य भाग में स्थित (विधानसभा क्षेत्र संख्या 135) राज्य के सबसे पुराने व्यापार और वस्त्र केंद्रों में से एक है. यह इलाका लंबे समय से होम टेक्सटाइल, बस-बॉडी निर्माण, पेपर मिलों और निर्यात आधारित लघु उद्योगों के लिए जाना जाता रहा है. प्रमुख सड़क और रेल मार्गों पर केंद्रीय स्थिति होने के कारण करूर ने औद्योगिक विरासत और बढ़ते शहरीकरण का अनोखा मेल विकसित किया है. आज करूर एक सक्रिय टियर-2 व्यावसायिक जिला बन चुका है, जहां व्यापारी, टेक्सटाइल निर्यातक, औद्योगिक मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार इसकी अर्थव्यवस्था और राजनीतिक माहौल को दिशा देते हैं.
राजनीतिक दृष्टि से करूर हमेशा एक हाई-स्टेक्स सीट रही है, जहां मजबूत नेता, संगठित पार्टी ढांचे और कड़े मुकाबले देखने को मिलते हैं. हालांकि, 27 सितंबर 2025 की रात अभिनेता से राजनेता बने विजय की रैली में हुए स्टाम्पीड की दर्दनाक घटना, जिसमें 42 लोगों की जान चली गई, ने इस सीट की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया. इस हादसे के बाद अभूतपूर्व मीडिया कवरेज और जनता का गुस्सा सामने आया. टीवीके की हाई-प्रोफाइल रोडशो के बाद करूर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ, जिसमें सभी दलों ने एक-दूसरे पर कुप्रबंधन और लापरवाही के आरोप लगाए. जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिससे यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है. मतदाताओं के लिए यह स्टाम्पीड हाल के वर्षों की सबसे निर्णायक राजनीतिक घटना बन गई है, जिसने पारंपरिक पार्टी नैरेटिव को पीछे छोड़ दिया है.
भौगोलिक रूप से करूर अमरावती और कावेरी नदी पट्टियों के बीच स्थित है, जो इसकी कृषि भूमि को उर्वर बनाती हैं. यहां केले, गन्ना और पान की खेती प्रमुख है. वेंगमेडु के टेक्सटाइल हब, औद्योगिक एस्टेट और लॉजिस्टिक कॉरिडोर मिलकर करूर की सामाजिक-आर्थिक संरचना को आकार देते हैं, जहां व्यापार-प्रधान शहरी केंद्र और कृषि आधारित ग्रामीण क्षेत्र साथ-साथ मौजूद हैं.
इस विधानसभा क्षेत्र में करूर शहर, थंथोनिमलाई, वेंगमेडु, पसुपथिपालयम, कवलकरनपलायम और आसपास की अर्ध-शहरी पंचायतें शामिल हैं. उच्च नागरिक जागरूकता, विविध पेशे और समुदाय-केंद्रित प्राथमिकताएं करूर को तमिलनाडु के सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्रों में शामिल करती हैं.
राजनीतिक व्यवहार की बात करें तो करूर किसी एक दल का गढ़ नहीं है, बल्कि यह ऐतिहासिक रूप से एक स्विंग सीट रही है. 1980 के दशक के बाद से यह क्षेत्र अक्सर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच बदलता रहा है. यह सीट कई बार राज्यव्यापी राजनीतिक रुझानों का प्रतिबिंब बनती है और जिस दल की सरकार फोर्ट सेंट जॉर्ज में बनती है, उसकी ओर झुकाव दिखाती है. जातीय समूहों और व्यापार संगठनों का यहां गहरा प्रभाव है, और करीबी मुकाबलों में प्रत्याशी की विश्वसनीयता पार्टी चिन्ह से अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. शहरी व्यापारी वर्ग स्थिरता और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में कल्याणकारी योजनाएं अहम रहती हैं. हालिया स्टाम्पीड त्रासदी ने पारंपरिक निष्ठाओं को कमजोर किया है, जिससे 2026 में अधिक मतदान और तीव्र स्विंग वोटिंग की संभावना जताई जा रही है. चेपॉक या एडप्पडी जैसी सुरक्षित सीटों के विपरीत, करूर अपनी अनिश्चितता के लिए जाना जाता है और यही इसे राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बनाती है.
करूर में कई ऐसे स्थल हैं जो राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र माने जाते हैं, जिनमें सेंट एंथनी चर्च, कल्याण वेंकटारमनस्वामी मंदिर, करूर मरिअम्मन मंदिर, पसुपथिपालयम बाजार, वेंगमेडु के टेक्सटाइल क्लस्टर, थंथोनिमलाई मुरुगन मंदिर तथा सीमेंट, बस-बॉडी और पेपर उद्योग क्षेत्र प्रमुख हैं.
इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में बार-बार होने वाली पेयजल किल्लत, शहर के भीतर ट्रैफिक जाम, करूर सरकारी मेडिकल कॉलेज के उन्नयन की मांग, आंतरिक सड़कों की खराब हालत और व्यावसायिक इलाकों में अपर्याप्त कचरा प्रबंधन शामिल हैं.
करूर एक शहरी-अर्ध-शहरी मिश्रित क्षेत्र है, जिसकी पहचान मजबूत व्यावसायिक गतिविधियों से है. यहां व्यापारी, एसएमई, टेक्सटाइल निर्यातक और औद्योगिक श्रमिक बड़ी संख्या में हैं. मतदाता अत्यधिक राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और प्रदर्शन, स्थानीय नेतृत्व, पार्टी रणनीति और हालिया स्टाम्पीड के प्रभाव के आधार पर मतदान का रुख तय करते हैं.स्टाम्पीड के बाद मतदाताओं का मूड स्पष्ट रूप से सुरक्षा, जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग पर केंद्रित है. साथ ही दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की समस्याएं, तीखा राजनीतिक ध्रुवीकरण और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर बढ़ी दिलचस्पी इस सीट के मौजूदा राजनीतिक माहौल को परिभाषित कर रही है.
Vijayabhaskar. M.r
ADMK
Karuppaiya.r
NTK
Mohanraj.s
MNM
Nota
NOTA
Thangaraj.n
DMDK
Ravi.p
IND
Anbazhagan
IND
Aadhikrishnan.p
BSP
Kannan.t
IND
Rajeshkannan.s
IND
Kathiravan.p
IND
Dhanalakshmi.m
GPI
Jayakumar.g
IND
Shanmugam.n
SMKNK
Surya
IND
Murugesan.a
IND
Balamanikandan.k
IND
Amarsri.m
IND
Kalai Raj.k
IND
Sivakumar.v
IND
Mohan.m.l.m
IND
Krishnakumar.s
IND
Joseph.m.a
DMSK
Sivasamy.p
IND
Muruganantham.t
IND
Karunamoorthy.s
IND
Abilazan.n
IND
Shivakumar.k
IND
Amarnath.k
IND
Venkatesh Prabu.k
IND
Vigneshwaran.p
IND
Jothi Sutharsan
IND
Prakash.n
IND
Gopalakrishnan.a
IND
Sudhakar.l
IND
Sivakumar.n
IND
Palanivel.p
IND
Banumathy
IND
Kamaraj.p
IND
Venkadesh.k
IND
Mounagurubalusamy.k
IND
Vijayabhaskar.r.v
IND
Muthu. K.r
IND
Deepanandh.n
IND
Noor Mohammed Thouffic.a
IND
Vijayan.k
IND
Thirugnanam.m
IND
Senthilkumar.a
IND
Tamilarasan.k
IND
Samivel.a
IND
Daniya
IND
Prakash.a
IND
Mahendran
IND
Murali.m
IND
Sathish.p
IND
Saravanan.r
IND
Manoj.p
IND
Samiappan.k
IND
Vinothkumar
IND
Sampath.s
IND
Subash Malayalam.t
IND
Muthukumar.g
IND
Sudhakar.s
IND
Thamilalagan
IND
Selvakumar.m
IND
Dhanabal
IND
Boopathi.p
IND
Prakash.v
IND
Duraisamy.j
IND
Veerakumar.t
IND
Prasanth.s
IND
Santhanakumar.m
IND
Pushparaj.p
IND
Manivannan.s
IND
Sakthikumar
IND
Senthilkumar.a.m
IND
Manikandan.k
IND
तमिलनाडु चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने 'महा-महा' गठबंधन का पूरा फॉर्मूला फाइनल कर लिया है. इसके तहत DMK 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को दी गई हैं. खुद स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से मैदान में उतरेंगे. खास बात यह है कि इस बार स्टालिन ने 18 महिलाओं और 60 नए चेहरों के साथ-साथ डॉक्टर, इंजीनियर और वकीलों जैसे पढ़े-लिखे उम्मीदवारों पर बड़ा दांव लगाया है.
तमिलनाडु में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी DMK, इस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे स्टालिन. एमके स्टालिन ने DMK की ओर से बड़ा चुनावी ऐलान किया है. पार्टी इस बार 164 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं. स्टालिन खुद कोलाथुर सीट से मैदान में उतरेंगे. इस “महा-महा गठबंधन” में कौंग्रेस को 28 और DMDK को 10 सीटें दी गई हैं
सीट बंटवारे से नाराज अन्नामलाई नहीं लड़ेंगे चुनाव? आलाकमान को लिखी चिट्ठी. तमिलनाडु में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई सीट बंटवारे को लेकर AIADMK के साथ हुए समझौते से नाराज हैं. उन्होंने दिल्ली में पार्टी आलाकमान को चिट्ठी लिखकर अपनी आपत्ति जताई है
तमिलनाडु में चुनाव से बीजेपी में फूट की खबरें हैं. AIADMK के साथ सीट बंटवारे से नाराज राज्य के कद्दावर बीजेपी नेता के अन्नामलाई विधानसभा चुनावों से दूरी बना सकते हैं. अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने दिल्ली में आलाकमान को चिट्ठी लिखी है.
AIADMK ने दूसरी लिस्ट जारी करते हुए लीमा रोज को लालगुडी सीट से मैदान में उतारा है. वह लॉटरी किंग मार्टिन की पत्नी हैं. पार्टी के एडवोकेट विंग के सेक्रेटरी मंगुलम के. महेंद्रन मदुरै ईस्ट से चुनाव लड़ेंगे.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK और बीजेपी के बीच सीटों का जिस तरह बंटवारा हुआ, उसमें बीजेपी की कई मांगें नहीं मानी गई हैं. बीजेपी के प्रति AIADMK के ताजा रुख की वजह भी के. अन्नामलाई ही हैं. क्योंकि पलानीस्वामी और अन्नामलाई की ’दुश्मनी’ का इतिहास पुराना है.
पश्चिम बंगाल में जुबानी जंग के बीच बीजेपी लगातार ममता सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेर रही है. पार्टी ने टीएमसी पर आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं TMC का कहना है कि बीजेपी अन्य राज्यों से 'एनकाउंटर राज' मॉडल लाने की कोशिश कर रही है.
विजय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि डीएमके के समर्थन में बोलने वाले कुछ लोग राजनीतिक आलोचना के नाम पर महिलाओं का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने डीजीपी ऑफिस जाकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार वी. पोनराज के खिलाफ महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK ने अपने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी अपनी पारंपरिक सीट एडप्पादी से ही चुनाव लड़ेंगे.पार्टी ने इस बार नए प्रयोगों के बजाय अपने अनुभवी चेहरों और पुराने मंत्रियों पर ही भरोसा जताया है, ताकि विकास के मुद्दे पर सत्ता में वापसी की जा सके.
कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने और डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है. सीट बंटवारे और चुनाव चिन्ह को लेकर असहमति के बीच लिया गया यह निर्णय रणनीतिक कदम माना जा रहा है.