तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र (सीट संख्या 141) तमिलनाडु के मध्य हिस्से का एक बेहद सक्रिय शहरी निर्वाचन क्षेत्र है. यह तिरुचिरापल्ली शहर के बीचों-बीच स्थित है और इसमें पारंपरिक बाजार वाली गलियां, घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके और कामकाजी वर्ग की बस्तियां शामिल हैं. यह सीट सिर्फ मध्यम वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां व्यापारी, कामकाजी वर्ग और सरकारी योजनाओं पर निर्भर परिवारों का मजबूत मिश्रण देखने को मिलता है. इसलिए यहां चुनावी नतीजे मुख्य रूप से शहरी प्रशासन, सरकारी योजनाओं पर भरोसा और राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ पर निर्भर करते हैं. यहां जीत का अंतर अक्सर बहुत बड़ा नहीं होता, बल्कि मतदान प्रतिशत (turnout) पर काफी निर्भर करता है, खासकर जब मुकाबला कड़ा हो. 2021 के चुनाव में DMK पार्टी के मंत्री केएन नेहरु ने इस सीट पर जीत हासिल की थी.
यह क्षेत्र चाथ्रम बस स्टैंड इलाके और कावेरी नदी के किनारों के लिए जाना जाता है. यह शहर का पुराना और पारंपरिक केंद्र है, जहां घने बाजार, शैक्षणिक संस्थान और ऐतिहासिक धरोहर स्थल मौजूद हैं.
अगर सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप की बात करें तो यहां कई तरह के मतदाता समूह प्रभावशाली हैं, जैसे छोटे व्यापारी और बाजार से जुड़े परिवार, शहरी कामकाजी वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की आबादी, शहरी इलाकों में रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) समुदाय, ऑटो ड्राइवर और परिवहन से जुड़े लोग, सेवा क्षेत्र के कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी, तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाएं.
भौगोलिक और कनेक्टिविटी के लिहाज से यह इलाका घने शहरी मोहल्लों, पारंपरिक बाजारों, थोक व्यापार क्षेत्रों, कामकाजी वर्ग की बस्तियों, अपार्टमेंट और मिश्रित हाउसिंग कॉलोनियों से बना हुआ है. साथ ही, यहां से पूरे तिरुचिरापल्ली शहर में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है.
यहां कुछ प्रमुख “हॉटस्पॉट” भी हैं जैसे पारंपरिक बाजार और व्यापारी क्षेत्र, जहां खुदरा और थोक व्यापारी अपने मजबूत नेटवर्क के साथ सक्रिय रहते हैं, कामकाजी वर्ग की बस्तियां, जहां ऑटो चालक, दिहाड़ी मजदूर और सेवा क्षेत्र के लोग रहते हैं; OBC रिहायशी इलाके, जहां मतदान का रुझान मजबूत और संगठित रहता है; शहरी SC बस्तियां, जहां मतदाता सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति संवेदनशील होते हैं और मिश्रित अपार्टमेंट व मध्यम वर्गीय इलाके, जहां नौकरीपेशा और पेशेवर लोग रहते हैं.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में सड़क और ट्रैफिक जाम, पीने के पानी की आपूर्ति, ड्रेनेज और बाढ़ प्रबंधन, शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन, सरकारी अस्पताल और स्कूलों की सुविधाएं, छोटे व्यापारियों को सहयोग और लाइसेंसिंग, तथा सार्वजनिक परिवहन की पहुंच शामिल हैं.
मतदाताओं का मूड और अपेक्षाएं भी काफी स्पष्ट हैं. लोग चाहते हैं कि उनके प्रतिनिधि व्यापारी संगठनों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें, नगर निगम के अधिकारियों के साथ तालमेल रखें, कामकाजी वर्ग की समस्याओं पर ध्यान दें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार करें, और स्थानीय नागरिक समस्याओं के समय मजबूती से मौजूद रहें. यही सभी बातें इस सीट के चुनावी परिणाम को प्रभावित करती हैं.
Vellamandi Natarajan,n.
ADMK
Prabu,r.
NTK
Veerasakthi,d.
MNM
Manoharan.r.
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
Raja,s.
IND
Balamurugan,a.
IND
Jahir Hussain,m.
IND
Sheik Abdullah,r.
IND
Manoharan,m.
IND
Vijaia Mohanaaji
VidVP
Aravindan,p.
IND
Charles Sagayaraj,p.
IND
Devakumar,t.
IND
Arockia Satheesh,a.
IND
Irudayaraj,s.
IND
Gaspar Regan,s.
IND
Maruthamuthu,n.
IND
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.
तमिलनाडु चुनावों के लिए बीजेपी ने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें के. अन्नामलाई का नाम नहीं था. अब अन्नामलाई ने बताया है उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वो अब पूरी ताकत से NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे.
तमिलनाडु चुनाव को लेकर बीजेपी जोर-शोर से तैयारियों में जुट गई है. पार्टी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. हालांकि इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का नाम नहीं है. बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे, खासकर कोयंबटूर को लेकर हुए विवाद और AIADMK के साथ तालमेल के कारण उनका नाम सूची से बाहर रखा गया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में केंद्रीय मंत्री के साथ ही पूर्व राज्यपाल का भी नाम है. पार्टी ने अपने कोटे की सभी 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर ने राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए गठित चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के अनुसार, टैगोर ने ये कदम डीएमके के साथ हुए सीट बंटवारे के फॉर्मूले में कांग्रेस को कमजोर सीटें मिलने की नाराजगी के कारण उठाया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को मुख्यमंत्री स्टालिन 'तमिल अस्मिता' बनाम 'दिल्ली के प्रभाव' की लड़ाई बनाकर अल्पसंख्यक वोट बैंक को एकजुट करने और विपक्षी वोटों में सेंध लगाने का दांव खेल रहे हैं.
पश्चिम बंगाल, असम और केरल सहित पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन किस्मत दांव पर राजस्थान के नेताओं की लगी है. बंगाल में भूपेंद्र यादव की अग्निपरीक्षा तो असम में जितेंद्र सिंह और केरलम में सचिन पायलट व नीरज डांगी का इम्तिहान है. ऐसे में देखना है कि कौन सफल होता है?
AIADMK तमिलनाडु में सत्ताधारी DMK को सत्ता से बेदखल करने के लिए कई तरकीबें आजमा रही है, और उनमें आजमाया हुआ एक कारगर नुस्खा मुफ्त वाली योजना भी है. फर्क बस यही है कि डीएमके नए वादे भी कर रही है, और पुराने वादों को पूरा भी कर रही है - और AIADMK के सामने बड़ा चैलेंज यही है.
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके और सत्तारूढ़ डीएमके आमने-सामने हैं. टीवीके की रैली में पुलिस व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तीखा बना दिया है. करूर भगदड़ का जिक्र करते हुए टीवीके ने सरकार पर साजिश के आरोप लगाए हैं.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय ने पेरंबूर सीट से नामांकन दाखिल किया है. उन्होंने जनता से अपील की है कि चुनाव में उनकी पार्टी TVK को समर्थन दें.