कुन्नम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 148) एक प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र है, जो अरियालुर और पेरम्बलूर जिलों के हिस्सों में फैला हुआ है. यह क्षेत्र मुख्य रूप से गांवों, छोटे कस्बों और बहुत कम शहरीकरण वाला इलाका है. यहां की अर्थव्यवस्था का आधार पूरी तरह कृषि पर टिका हुआ है, जिसमें धान, मक्का और मोटे अनाज (मिलेट्स) प्रमुख फसलें हैं. इस क्षेत्र के मतदाताओं में ज्यादातर किसान, कृषि मजदूर, ग्रामीण कारीगर और छोटे व्यापारी शामिल हैं. यहां उद्योगों की कमी के कारण रोजगार के लिए मौसमी पलायन भी आम बात है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से यह क्षेत्र पूरी तरह ग्रामीण है और कृषि पर इसकी निर्भरता बहुत ज्यादा है. यहां मुख्य राजनीतिक मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच होता है, जबकि कुछ इलाकों में पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) का भी प्रभाव देखने को मिलता है. सामाजिक संरचना में वन्नियार, मुथरैयार, अनुसूचित जातियां (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महत्वपूर्ण भूमिका है. यहां जातीय समीकरण और ग्रामीण नेतृत्व नेटवर्क वोटिंग के फैसलों को काफी प्रभावित करते हैं. चुनाव प्रचार में सरकारी योजनाएं और कृषि नीतियां सबसे अहम मुद्दे रहते हैं.
भौगोलिक दृष्टि से कुन्नम क्षेत्र पेरम्बलूर और अरियालुर के बीच स्थित है. यहां का इलाका मुख्य रूप से सूखा से अर्ध-शुष्क है और खेती के लिए मानसून की बारिश पर काफी निर्भर रहता है. डेल्टा क्षेत्रों की तुलना में यहां सिंचाई की सुविधाएं कम हैं. यह क्षेत्र राज्य राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के जरिए आसपास के कस्बों और गांवों से जुड़ा हुआ है. खेती अधिकतर बारिश पर आधारित है, हालांकि कुछ जगहों पर बोरवेल सिंचाई भी की जाती है.
इस क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों में कुन्नम शहर और आसपास के पंचायत समूह, ऐसे कृषि प्रधान गांव जहां जाति आधारित सामाजिक ढांचा मजबूत है, साप्ताहिक हाट जहां स्थानीय व्यापार होता है, और वे सड़क संपर्क बिंदु शामिल हैं जो पेरम्बलूर और अरियालुर जिलों को जोड़ते हैं.
मुख्य समस्याओं की बात करें तो यहां के लोग पानी की कमी और सिंचाई विकास, ग्रामीण रोजगार और पलायन, अंदरूनी गांवों में सड़क और बुनियादी ढांचे की कमी, कृषि सब्सिडी और फसल बीमा, तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं.
मतदाताओं के रुझान को देखें तो किसान सिंचाई और पानी की उपलब्धता को सबसे बड़ी प्राथमिकता देते हैं, जबकि कृषि मजदूर रोजगार योजनाओं और सरकारी लाभों पर ध्यान देते हैं. युवा वर्ग नौकरी के अवसर और स्किल डेवलपमेंट की मांग करता है, वहीं ग्रामीण परिवार आवास, सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को अहम मानते हैं. कुल मिलाकर यहां का मतदान व्यवहार काफी हद तक जातीय समीकरणों और राजनीतिक गठबंधनों से प्रभावित होता है.
Ramachandran, R.t.
ADMK
Arul, P.
NTK
Kaarthikeyan, S.
AMMKMNKZ
Selvaraju, R.
IND
Balamurugan, S.
IND
Nota
NOTA
Sathik Basha, A.s.
MNM
Prakash, M.r.
IND
Pandiyan, S.
BSP
Vinothkumar, M.
IND
Pugalenthi, Dr.s.
IND
Gowthaman, V.
IND
Sureshkumar, S.
IND
Ravanan, M.
NGPP
Selvam, J.
IND
Manikandan, K.
IND
Arul, G.
IND
Kalaiyarasi Saravanan
IND
Mathiyazhagan, S.
IND
Kalaiselvi, J.
IND
Kathiravan, C.
IND
Muthamilselvan, D.
IND
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