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Tamil Nadu Election Result 2026 Live: मयिलादुथुराई विधानसभा सीट पर INC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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मयिलादुथुराई विधानसभा क्षेत्र (संख्या 161) तमिलनाडु का एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है, जिसका केंद्र जिला मुख्यालय शहर मयिलादुथुराई है. यह क्षेत्र एक व्यस्त व्यापारिक शहर और आसपास के कावेरी डेल्टा के कृषि गांवों का मिश्रण है. ऐतिहासिक रूप से यहां द्रविड़ राजनीति का गहरा प्रभाव रहा है, जहां विकास, कृषि और शहरी बुनियादी ढांचा चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं. यह क्षेत्र मयूरनाथस्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है और एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है, खासकर कावेरी पुष्करम उत्सव के दौरान. इसके साथ ही यह पवित्र नवग्रह मंदिरों के लिए प्रवेश द्वार (गेटवे) भी माना जाता है.
इस क्षेत्र का सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व भी काफी बड़ा है। यहां एम.के. त्यागराज भगवतर (तमिल सिनेमा के पहले सुपरस्टार), प्रसिद्ध उपन्यासकार कल्कि कृष्णमूर्ति, और लेखक एम.एस. उदयमूर्ति का जन्म हुआ था. इसके अलावा यह क्षेत्र महान कवि कंबर, संगीतकार गोपालकृष्ण भारती, और शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद से भी जुड़ा हुआ है.
राजनीतिक और सामाजिक रूप से मायलादुथुरै में शहरी और ग्रामीण मतदाताओं का संतुलित मिश्रण है, जिसमें व्यापारी, किसान और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं. यहां ओबीसी कृषि समुदायों और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की अच्छी उपस्थिति है। स्थानीय व्यापार नेटवर्क और शैक्षणिक संस्थानों का भी राजनीति पर मजबूत प्रभाव है. चुनावी प्रचार में अक्सर विकास और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन को प्रमुख मुद्दा बनाया जाता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र कावेरी डेल्टा में स्थित है, जो उपजाऊ कृषि भूमि से घिरा हुआ है. यहां चिदंबरम, कुंभकोणम और नागपट्टिनम से सड़क और रेल के जरिए बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है. मयिलादुथुराई शहर जिले का एक प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्र भी है. यहां की सिंचाई व्यवस्था कावेरी नदी की शाखाओं (डिस्ट्रिब्यूटरी नहरों) पर आधारित है. यह क्षेत्र शहरी मोहल्लों और ग्रामीण खेती वाले गांवों का मिश्रण प्रस्तुत करता है.
इस विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख इलाके (हॉटस्पॉट) में परिमला रंगनाथर मंदिर, मयिलादुथुराई शहर का मुख्य केंद्र (जहां प्रशासन और व्यापार होता है), सिंचाई नहरों के किनारे बसे कृषि गांव, बाजार क्षेत्र और परिवहन केंद्र शामिल हैं, जो व्यापार को प्रभावित करते हैं. इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों के समूह युवा मतदाताओं को आकर्षित करते हैं, और अनुसूचित जाति बहुल ग्रामीण क्षेत्र चुनावी परिणामों पर खास असर डालते हैं.
मुख्य स्थानीय मुद्दों में शहर में बुनियादी ढांचा और ट्रैफिक प्रबंधन, कावेरी सिंचाई और कृषि उत्पादन, युवाओं और स्नातकों के लिए रोजगार के अवसर, बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था, तथा सार्वजनिक सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शामिल है.
मतदाताओं के रुझान की बात करें तो शहरी मतदाता मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आर्थिक प्रगति को प्राथमिकता देते हैं, जबकि किसान सिंचाई की स्थिरता और फसल की आय पर ध्यान देते हैं. निम्न आय वर्ग और ग्रामीण मतदाताओं पर सरकारी योजनाओं का काफी प्रभाव पड़ता है. यहां उम्मीदवार की छवि और लोगों तक उसकी पहुंच भी बहुत मायने रखती है. आम तौर पर इस क्षेत्र में चुनाव प्रमुख द्रविड़ पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है.
Palanisamy.a
PMK
Kasiraman.k
NTK
Anbarasan Komal R K
AMMKMNKZ
Ravichandran.n
MNM
Nota
NOTA
Rajkumar.s
TNLK
Shamsudeen.n
BSP
Rajendran.m
IND
Niranjan.r
IND
Manimaran.t
IND
Ganesan.s
IND
Babusankar.r
IND
Loga.sampath
IND
Thimothy.t
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
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तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
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थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
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कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
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तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.