DMK
TVK
AIADMK
NTK
नोटा
NOTA
IND
IND
IND
IND
GPI
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Tamil Nadu Election Result 2026 Live: कुलीथलाई विधानसभा सीट पर DMK ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Kulithalai Vidhan Sabha Chunav Result 2026 Live: कुलीथलाई में DMK और TVK के बीच नजदीकी मुकाबला! जानिए किसे मिले कितने वोट
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Kulithalai Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
कुलीथलाई विधानसभा क्षेत्र (क्रमांक 137) एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र है, जो कावेरी नदी के किनारे वाले इलाके में स्थित है. यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ धान की खेती, नहरों द्वारा सिंचाई व्यवस्था, और घनी आबादी वाले कृषि गांवों के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां की राजनीति में कृषि सबसे बड़ा और मुख्य आधार है. शहरी क्षेत्रों के मुकाबले, कुलीथलाई में चुनाव मुख्य रूप से किसानों की सोच (भावनाओं), सिंचाई की उपलब्धता, जातीय समीकरण, और सरकारी योजनाओं के सही वितरण पर निर्भर करते हैं. यहां जीत का अंतर आमतौर पर मध्यम होता है, लेकिन यह पानी की स्थिति और जातीय एकजुटता के अनुसार तेजी से बदल सकता है.
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को समझें तो यहां के मुख्य वोटर समूहों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के किसान समुदाय, कई गांवों में रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) समुदाय, कावेरी की सिंचाई पर निर्भर धान किसान, कृषि मजदूर परिवार, ग्रामीण महिलाओं को मिलने वाली सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, और युवा वर्ग शामिल हैं, जो पास के शहरों जैसे करूर और तिरुचिरापल्ली में काम करते हैं.
भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी की बात करें तो कुलीथलाई कावेरी नदी के सिंचाई क्षेत्र में स्थित है, जहां बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है और नहरों से सिंचाई करने वाले गांव फैले हुए हैं. यहां छोटे-छोटे बाजार कस्बे और ग्रामीण व्यापार केंद्र भी हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को चलाते हैं. इसके अलावा, करूर और तिरुचिरापल्ली से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी होने के कारण यह क्षेत्र आसपास के शहरों से जुड़ा हुआ है.
इस क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों में कावेरी के सिंचाई वाले धान क्षेत्र, जहां किसान पानी की नियमित आपूर्ति और सरकारी खरीद नीतियों पर निर्भर हैं; OBC बहुल कृषि गांव, जो इस क्षेत्र का मजबूत वोट बैंक बनाते हैं, SC बस्तियां, जो सरकारी योजनाओं और सामाजिक समावेशन से प्रभावित होकर चुनाव में अहम भूमिका निभाती हैं, कृषि मजदूरों के गांव, जहां लोग मौसमी खेती के काम पर निर्भर हैं, और ग्रामीण बाजार केंद्र, जो स्थानीय राजनीतिक राय को प्रभावित करते हैं.
मुख्य मुद्दों में कावेरी से विश्वसनीय सिंचाई और नहरों की देखभाल, धान की समय पर सरकारी खरीद और MSP भुगतान, कृषि सब्सिडी और फसल बीमा, रोजगार के अवसर, ग्रामीण सड़कों का विकास, सरकारी स्कूल और अस्पतालों की सुविधा, और PDS राशन की उपलब्धता व गुणवत्ता सबसे अहम हैं.
मतदाताओं का मूड यह दिखाता है कि कुलिथलाई के लोग ऐसे विधायक (MLA) चाहते हैं, जो जमीनी स्तर पर काम करने वाला हो और किसानों व गांवों की समस्याओं को गंभीरता से हल करे. उनकी मुख्य अपेक्षाओं की बात करें तो किसानों के साथ नियमित संपर्क, सिंचाई या फसल नुकसान की स्थिति में तुरंत कार्रवाई, कृषि मजदूरों के कल्याण में सहयोग, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद, और गांवों में लगातार जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना शामिल है.
N.r.chandrasekar
ADMK
Seeni.prakasu
NTK
Nota
NOTA
R.saravanan
IND
V.nirosha
AMMKMNKZ
R.chandrasekar
IND
S.manikandan
IJK
V.vellaiyan
IND
P.anbalagan
BSP
K.suresh
IND
M.sankar
SMKNK
B.selvaraj
IND
V.alex Mouris
IND
M.saravanan
IND
A.subethar
TPSTP
S.barani
IND
S.kandasamy
IND
R.kalyana Sundaram
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.