श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र (संख्या 139) तमिलनाडु के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक क्षेत्रों में से एक माना जाता है. इसका मुख्य कारण यहां स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर है, जो दुनिया के सबसे बड़े सक्रिय मंदिर परिसरों में से एक है. यह क्षेत्र मंदिर-आधारित शहरी अर्थव्यवस्था, मध्यम वर्गीय आवासीय कॉलोनियों और कावेरी नदी की सिंचाई पर निर्भर आसपास के गांवों का मिश्रण है. यहां चुनावी नतीजे कई कारकों से प्रभावित होते हैं, जैसे शहरी मध्यम वर्ग की सोच, मंदिर पर्यटन से जुड़ी अर्थव्यवस्था, जातीय समीकरण और ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं का लाभ. यहां जीत का अंतर (मार्जिन) भी काफी बदल सकता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि शहरों में कितना मतदान हुआ और उस समय का राजनीतिक माहौल कैसा है.
श्री रंगनाथस्वामी मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है, जो हर साल होने वाले 21 दिन के वैकुंठ एकादशी उत्सव के लिए प्रसिद्ध है. इस दौरान हजारों श्रद्धालु “स्वर्ग वासल” (स्वर्ग का द्वार) खुलने का दृश्य देखने के लिए यहां आते हैं.
अगर यहां के राजनीतिक और सामाजिक स्वरूप की बात करें तो मतदाताओं के प्रमुख वर्गों में शहरी मध्यम वर्ग के परिवार, मंदिर से जुड़े काम करने वाले लोग और व्यापारी, ब्राह्मण और पारंपरिक मंदिर से जुड़े समुदाय, ओबीसी वर्ग के निवासी और व्यापारी, बाहरी इलाकों में रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) समुदाय, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी, और कावेरी सिंचाई वाले गांवों के किसान शामिल हैं.
भौगोलिक दृष्टि से श्रीरंगम एक द्वीप जैसा शहर है, जो कावेरी नदी और कोल्लिडम नदी के बीच स्थित है. यहां घनी आबादी वाली कॉलोनियां और मंदिर के आसपास की पारंपरिक गलियां हैं. इसके साथ ही यहां पर्यटन से जुड़े व्यापारिक क्षेत्र भी हैं और आसपास के गांव कृषि पर आधारित हैं, जिन्हें कावेरी नदी की सिंचाई का लाभ मिलता है. इस क्षेत्र की तिरुचिरापल्ली (त्रिची) शहर से सड़क और रेल दोनों के माध्यम से बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है.
इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण इलाके (हॉटस्पॉट) में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर और उससे जुड़े व्यापारी व कामगार, मध्यम वर्गीय कॉलोनियां जहां सरकारी कर्मचारी, पेशेवर और पेंशनभोगी रहते हैं, ओबीसी बहुल इलाके जहां राजनीतिक रूप से सक्रिय और ज्यादा मतदान करने वाले लोग हैं, बाहरी वार्ड और ग्रामीण इलाकों में बसे SC समुदाय के समूह, और कावेरी सिंचाई पर निर्भर गांव शामिल हैं, जहां किसान पानी और फसल की स्थिरता को लेकर ज्यादा चिंतित रहते हैं.
यहां के मुख्य मुद्दों में शहरी बुनियादी ढांचा (सड़क, जल निकासी, ट्रैफिक), मंदिर पर्यटन के बेहतर प्रबंधन और सुविधाएं, पीने के पानी की उपलब्धता, बाढ़ नियंत्रण और नदी किनारों की सुरक्षा, सरकारी अस्पताल और स्कूलों की सेवाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, कावेरी सिंचाई से जुड़े मुद्दे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर शामिल हैं.
अगर मतदाताओं के मूड और उनकी अपेक्षाओं की बात करें, तो लोग चाहते हैं कि चुना गया प्रतिनिधि मंदिर प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाए, शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारे, स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा दे, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ जुड़ा रहे और ग्रामीण किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखे.
Kupa Krishnan
ADMK
K.selvarathi
NTK
Y.jacob
IND
Sarubala.r.thondaiman
AMMKMNKZ
Nota
NOTA
S.francis Mery
IJK
G.selvakumar
BSP
Annalakshmi
DMSK
V.sethumadhavan
IND
P.ravichandran
IND
S.suresh
IND
Daniel Jude Martin
MKLMNTRAPR
R.uma
IND
M.amsavalli
IND
P.balasubramanian
SMKNK
Assembly Election News 2026 Live Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ममता बनर्जी के गढ़ में सत्ता हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. अमित शाह ने बंगाल के लिए आज बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया है. बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assembly Election News 2026 Live Updates: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.
तमिलनाडु के चुनावी रण में TVK प्रमुख विजय के हमशक्लों की एंट्री ने मुकाबले को पूरी तरह 'सिनेमैटिक' बना दिया है. भारी गर्मी और प्रचार की बंदिशों के बीच, क्या पार्टी के ये 'बॉडी डबल्स' दिग्गज राजनेताओं के अनुभव और जमीनी संघर्ष पर भारी पड़ पाएंगे.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी के मुख्य और डमी दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.
तमिलनाडु को सामाजिक न्याय की प्रयोगशाला माना जाता है, जिसका नतीजा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में डीएमके और AIADMK ही नहीं कांग्रेस और बीजेपी ने भी किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार नहीं बनाया है. सवाल उठता है कि आखिर क्यों ब्राह्मण प्रत्याशी देने से सियासी दल बच रहे हैं?
16 अप्रैल को बुलाए गए संसद सत्र में महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है. सरकार कानूनी रूप से 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करना चाहती है - विपक्ष को वैसे तो कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल जरूर उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि को लेकर बड़ा बवाल मच गया है. विपक्षी नेता पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने ही पिता करुणानिधि को आखिरी दिनों में घर में कैद करके रखा था. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ वही दोहरा रहे हैं जो स्टालिन के सगे भाई अलागिरि और करीबी नेता ए. राजा पहले ही कह चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने केंद्र की एनडीए सरकार और पीएम मोदी पर तीन-भाषा नीति लागू करने की चुनौती दी. उन्होंने सरकार पर हिंदी थोपने की नीति का कड़ा विरोध किया. स्टालिन महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा.
तीन भाषा फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से केंद्र और तमिलनाडु के बीच गतिरोध सामने आया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इन इस नीति पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है. इसे एकतरफा नीति बताया है. वहीं, केंद्र की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है. शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया है.