तिरुवेरुम्बुर (Thiruverumbur), विधानसभा क्षेत्र संख्या 142, तमिलनाडु के मध्य हिस्से का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और आर्थिक रूप से रणनीतिक क्षेत्र माना जाता है. इसका मुख्य कारण यहां मौजूद बड़े पब्लिक सेक्टर उद्योग (PSU) और रक्षा उत्पादन (defence manufacturing) से जुड़े संस्थान हैं. यह क्षेत्र एक मिश्रित स्वरूप रखता है, जहां औद्योगिक मजदूर कॉलोनियां, मध्यम वर्ग के कर्मचारियों के आवास, और आसपास के कृषि आधारित गांव, तीनों मिलकर एक इंडस्ट्रियल और ग्रामीण राजनीति का संतुलित माहौल बनाते हैं.
इस सीट की राजनीति पर सबसे ज्यादा असर रोजगार की स्थिरता का पड़ता है, खासकर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL), तिरुचिरापल्ली जैसे बड़े उद्योग के कारण. इस कंपनी ने लंबे समय से यहां के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को आकार दिया है. यहां चुनावों में जीत का अंतर आमतौर पर बहुत ज्यादा नहीं होता, बल्कि यह मतदान प्रतिशत (turnout) और खासकर मजदूरों की भागीदारी तथा सरकारी योजनाओं (welfare) से संतुष्टि पर निर्भर करता है.
यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां स्थित है अरुलमिगु एरुम्बीश्वरर मंदिर (मलाई कोविल), जो 10वीं शताब्दी का चोल काल का एक प्राचीन पहाड़ी मंदिर है और भगवान शिव को समर्पित है. इसे “दक्षिण भारत का कैलाश” भी कहा जाता है, जहां लोग आध्यात्मिक शांति के लिए आते हैं.
अगर यहां के सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप की बात करें तो मतदाताओं के प्रमुख समूहों में सरकारी कंपनियों (PSU) के कर्मचारी और औद्योगिक मजदूर, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर और सपोर्ट स्टाफ, OBC समुदाय, श्रमिक बस्तियों में रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग, सरकारी कर्मचारी और तकनीकी स्टाफ, शहर के पास के गांवों के किसान, और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाली महिलाएं शामिल हैं. ये सभी मिलकर चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं.
भौगोलिक और कनेक्टिविटी के नजरिए से यह क्षेत्र BHEL के आसपास के औद्योगिक बेल्ट में फैला हुआ है. यहां मजदूर कॉलोनियां और कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्र मौजूद हैं. कई गांव धीरे-धीरे शहरी (suburban) इलाकों में बदल रहे हैं, और तिरुचिरापल्ली शहर से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी होने के कारण यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है. साथ ही यहां नई हाउसिंग कॉलोनियां और इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी तेजी से बढ़ रहे हैं.
इस क्षेत्र के प्रमुख “हॉटस्पॉट्स” में एरुम्बीश्वरर मंदिर (आध्यात्मिक केंद्र), PSU कर्मचारियों की कॉलोनियां (मध्यम वर्ग के वोटर), औद्योगिक मजदूर बस्तियां (दैनिक मजदूरी और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर), OBC रिहायशी इलाके (राजनीतिक रूप से सक्रिय), SC श्रमिक क्लस्टर (सरकारी योजनाओं और श्रमिक अधिकारों के प्रति संवेदनशील), और शहर से सटे खेती वाले गांव शामिल हैं, जहां किसान सिंचाई और बाजार पर निर्भर रहते हैं.
मुख्य मुद्दों की बात करें तो यहां के लोगों की प्राथमिकताएं हैं जिनमें औद्योगिक रोजगार की स्थिरता, कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों के लिए सुरक्षा और कल्याण, शहरी बुनियादी ढांचे और आवास का विकास, पीने का पानी और स्वच्छता, सरकारी अस्पताल और स्कूलों की सुविधाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी, और गांवों में सिंचाई की व्यवस्था शामिल है.
मतदाताओं का मूड और अपेक्षाएं भी काफी स्पष्ट हैं. लोग चाहते हैं कि उनके नेता उद्योग प्रबंधन और मजदूर यूनियनों के बीच बेहतर तालमेल बनाए, कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के हितों का समर्थन करे, शहरी विकास पर ध्यान दे, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से जुड़े, और साथ ही किसानों और गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों में सक्रिय भूमिका निभाए. इस तरह तिरुवेरुंबूर एक ऐसा क्षेत्र है जहां उद्योग, समाज और राजनीति, तीनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं.
P Kumar
ADMK
V Cholasooran
NTK
Muruganandam M
MNM
S. Senthilkumar
DMDK
Nota
NOTA
S.sakthivel
NGPP
K.m. Karthik
TNLK
Malathi Ravichandran
BSP
Jestin Raja
IND
K. Palanisamy
VTVTK
N. Raju
IND
R. Priya
IND
S Charles
IND
A. Raja Mohamed
IND
N. Muniyandi
IND
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