PMK
DMK
TVK
NTK
AJPK
IND
IND
NADLMMKLK
RTSMJD
IND
VTNMK
BSP
नोटा
NOTA
TVVK
IND
IND
DMSK
IND
IND
IND
Jayankondam Vidhan Sabha Election Results Live: जयनकोंडम विधानसभा का रिजल्ट घोषित, PMK ने DMK को हराया
Jayankondam Vidhan Sabha Result Live: तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
Tamil Nadu Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Jayankondam Vidhan Sabha Result Live: जयनकोंडम सीट पर हो गया बड़ा उलटफेर! जानें ताजा आंकड़े
Jayankondam Vidhan Sabha Result 2026 Live: जयनकोंडम सीट पर सबसे आगे निकले PMK उम्मीदवार Vaithilingam G.
Tamil Nadu Election Results 2026 Live: तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
जयनकोंडम विधानसभा क्षेत्र, जो तमिलनाडु के अरियालुर जिले में स्थित है, एक मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है और इसका केंद्र जयनकोंडम शहर है. यह शहर आसपास के कृषि प्रधान गांवों के लिए व्यापार और सेवाओं का प्रमुख केंद्र का काम करता है. इस क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन संबंध कड्डालोर, पेरम्बलूर और तंजावुर जिलों से मजबूत हैं, जिससे यहां लोगों का आना-जाना और व्यापारिक गतिविधियां सुगम होती हैं. यहां की अर्थव्यवस्था का आधार आज भी कृषि है, लेकिन इस इलाके में लिग्नाइट (कोयला जैसी खनिज संपदा) के भंडार होने के कारण समय-समय पर औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बनी हैं. यहां के चुनाव मुख्य रूप से ग्रामीण समाज, किसानों की समस्याओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमते हैं.
इस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक बनावट में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की कृषि से जुड़ी जातियों का दबदबा है, जो एक बड़ा वोट बैंक बनाती हैं. इसके साथ ही कई गांवों में अनुसूचित जाति (SC) की बस्तियां भी मौजूद हैं, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित करती हैं. यहां बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम किसान, कृषि मजदूर परिवार, और जयनकोंडम शहर के आसपास छोटे व्यापारी, ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग और सेवा क्षेत्र के कर्मचारी रहते हैं. अब धीरे-धीरे युवा मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो रोजगार और विकास के मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र अरियालुर जिले के पूर्वी हिस्से में स्थित है. जयनकोंडम शहर यहां का प्रशासनिक और व्यावसायिक केंद्र है. यह क्षेत्र चिदंबरम और कुंबकोणम जैसे शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यहां की भौगोलिक पहचान खेती योग्य मैदान, सिंचाई वाले खेत और ग्रामीण बस्तियों से होती है. साथ ही यह इलाका लिग्नाइट के भंडार के लिए भी जाना जाता है, जिसके कारण पहले यहां पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजनाएं भी बनाई गई थीं.
यहां के प्रमुख स्थानों (हॉटस्पॉट्स) में गंगैकोंडा चोलापुरम मंदिर, जो कि एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, विशेष महत्व रखता है. इसके अलावा 9वीं सदी का ऐतिहासिक वरथराजा पेरुमल मंदिर, जयनकोंडम शहर (जो मुख्य व्यापारिक और राजनीतिक केंद्र है), पूरे क्षेत्र में फैले बड़े कृषि गांव, अनुसूचित जाति की बस्तियां जो मतदान पैटर्न को प्रभावित करती हैं, और ग्रामीण बाजार व साप्ताहिक हाट (शंडी) भी महत्वपूर्ण हैं, जहां आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां केंद्रित रहती हैं.
इस क्षेत्र के मुख्य मुद्दों में सिंचाई सुविधाएं और कृषि के लिए पानी की उपलब्धता, कृषि सब्सिडी, फसलों का उचित मूल्य और किसानों की आय की स्थिरता, ग्रामीण सड़कों और परिवहन की सुविधा, युवाओं के लिए रोजगार और स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर, और सरकारी योजनाओं, आवास, स्कूलों व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच शामिल हैं.
मतदाताओं के रुझान की बात करें तो यहां के ग्रामीण मतदाता मुख्य रूप से विकास और किसान कल्याण नीतियों को प्राथमिकता देते हैं. कई बार गांवों में ज्यादा मतदान प्रतिशत ही चुनाव का परिणाम तय करता है. यहां जातीय समीकरण और स्थानीय नेताओं का प्रभाव भी मतदान व्यवहार को प्रभावित करता है. महिला मतदाता खास तौर पर सरकारी योजनाओं के लाभ मिलने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देती हैं. आम तौर पर यहां चुनाव प्रमुख द्रविड़ पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होता है और जीत का अंतर अक्सर बहुत ज्यादा नहीं होता.
Balu K
PMK
Mahalingam Neela
NTK
Sornalatha @ Latha G
IJK
Nota
NOTA
Siva J K
AMMKMNKZ
Kesavarajan V K
IND
Rajkumar S
IND
Neelamegam K
BSP
Natarajan A
ADK
Sathishkumar R
IND
Samuvel Martin A
IND
Sedhuraman R
IND
Sudarvizhi K
IND
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को सदन में वोट देने से रोक दिया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पोस्टल बैलेट विवाद से जुड़ा यह मामला अब राज्य की सियासत के साथ संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है.
तमिलनाडु में AIADMK के भीतर अब खुली बगावत दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो गुट अलग-अलग दावों के साथ प्रोटेम स्पीकर से मिलने पहुंचे हैं. एक गुट एडप्पादी K पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है.
तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद AIADMK के भीतर बगावत सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता CV शनमुगम से जुड़े विधायकों और पूर्व मंत्रियों के एक गुट ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग कर दी है. लगातार चुनावी हार की वजह से पार्टी के भीतर संभावित फूट की अटकलों को तेज कर दिया है.
तमिलनाडु की राजनीति में कभी अजेय मानी जाने वाली अन्नाद्रमुक आज अपने वजूद की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही है. लगातार चौथी हार और आंतरिक बगावत ने 'दो पत्तों' वाली इस विरासत को दो फाड़ होने के कगार पर खड़ा कर दिया है.
तमिलनाडु में सरकार गठन के बीच CPI और CPI(M) ने विजय की टीवीके को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया है. वाम दलों ने खुलासा किया कि डीएमके चाहती थी कि वे एआईएडीएमके को समर्थन दें, लेकिन इसे अस्वीकार्य मानते हुए उन्होंने टीवीके का साथ चुना. एमए बेबी ने कहा कि वाम दल डीएमके के साथ वैचारिक रिश्ते जारी रखेंगे, लेकिन टीवीके सरकार में कोई मंत्री पद नहीं मांगेंगे.
थलपति विजय और अरविंद केजरीवाल दोनों ही स्थापित व्यवस्था को चुनौती देने वाले 'डिसरप्टर्स' के रूप में उभरे, जहां विजय का करिश्मा सिनेमाई पर्दे से आता है, वहीं केजरीवाल का आधार ज़मीनी सक्रियता थी, लेकिन दोनों ही जनता की राजनीतिक हताशा और बदलाव की तीव्र आकांक्षा के प्रतीक हैं.
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को कांग्रेस का समर्थन मिल गया है, जिससे तमिलनाडु में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. इसी बीच अभिनेता-राजनेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है. DMK ने इसे गठबंधन के साथ विश्वासघात बताते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता डीआर बालू ने कांग्रेस पर अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री सिर्फ एक सुपरस्टार की सफलता नहीं, बल्कि पिता-पुत्र के संघर्ष, सपनों और रिश्तों की कहानी भी बन गई है. कभी बेटे को फिल्मों में लॉन्च करने वाले एसए चंद्रशेखर आज उसी विजय की राजनीतिक जीत पर गर्व कर रहे हैं. कानूनी विवाद, रिश्तों में दूरियां और फिर भावनात्मक मेल-मिलाप के बाद अब विजय सत्ता के सबसे बड़े दरवाजे तक पहुंच चुके हैं.
तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सरकार गठन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जबकि डीएमके ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. पहली बार चुनाव लड़कर 108 सीटें जीतने वाली टीवीके अब बहुमत जुटाने और नई सरकार बनाने की कोशिशों में लगी हुई है.