पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी की सरकार खत्म होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. इमरान खान के बेटे कासिम खान ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में इमरजेंसी लगाने के फैसले को 'कायराना हरकत' बताया है. उन्होंने पाकिस्तान की सत्ता में बैठे लोगों पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया. कासिम ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को भी निशाने पर लिया.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर 2026 को खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने का ऐलान किया था. शहबाज शरीफ सरकार ने इसके पीछे बिगड़ती कानून-व्यवस्था को वजह बताया. इस फैसले के बाद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार खत्म हो गई. इसके बाद कासिम खान ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की.
'दुनिया देखे पाकिस्तान में क्या हो रहा है'
कासिम खान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पाकिस्तान की सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अब खैबर पख्तूनख्वा के निर्वाचित मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जा रहा है. कासिम ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर लोगों की आवाज दबाने और सत्ता में बने रहने के लिए ऐसे कदम उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए दुनिया से पाकिस्तान के हालात पर ध्यान देने की अपील की.
इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. वह रावलपिंडी के बाहरी इलाके में स्थित अदियाला जेल में हैं. उनके बेटे सुलेमान खान और कासिम खान ब्रिटिश नागरिक हैं.
PTI ने इमरजेंसी के पीछे खनिजों का मामला बताया
इमरान खान की पार्टी PTI ने भी इमरजेंसी लगाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने मंगलवार को जारी बयान में दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा में मौजूद तेल, गैस और खनिजों के कारण यह कदम उठाया गया है. PTI का आरोप है कि प्रांत की चुनी हुई सरकार इन संसाधनों को दूसरे देशों को बेचने के रास्ते में रुकावट बन रही थी. पार्टी ने दावा किया कि इन्हीं संसाधनों पर कब्जा करने के इरादे से सरकार को हटाया गया. दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार ने इमरजेंसी लगाने के पीछे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की वजह बताई है.
जावेद हाशमी ने चीन को लेकर उठाए सवाल
पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता जावेद हाशमी ने भी इमरजेंसी के फैसले पर सेना को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद का हवाला देकर गवर्नर शासन लागू करने की कोशिश की जा रही है. हाशमी का दावा है कि पिछले साल अमेरिका दौरे के दौरान आसिम मुनीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इन खनिजों के नमूने दिखाए थे. इस दौरे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी उनके साथ थे.
हाशमी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार इस इलाके से चीन को हटाकर अमेरिका को लाना चाहती है. उन्होंने कहा कि चीन वहां तय नियमों के तहत काम कर रहा है. हाशमी के अनुसार, चीन को हटाने, PTI सरकार को सत्ता से बाहर करने और गवर्नर शासन लागू करने के पीछे यही वजह है.
पंजाब और सिंध को लेकर भी किया दावा
हाशमी ने पश्तून समुदाय से कहा कि सेना उन्हें आतंकवादी बताकर अमेरिका के सामने पेश करना चाहती है. उन्होंने इमरान खान को पश्तूनों और सेना के बीच आखिरी रुकावट बताया. हाशमी ने कहा कि इस फैसले का नुकसान आने वाली पीढ़ियों को भी उठाना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सेना आगे पंजाब और सिंध को निशाना बना सकती है.