संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America - USA) उत्तर अमेरिका महाद्वीप में स्थित एक संघीय गणराज्य है. यह 50 राज्यों और एक संघीय जिले (वॉशिंगटन, डी.सी.) से मिलकर बना है. अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे एक महाशक्ति माना जाता है.
संयुक्त राज्य अमेरिका उत्तर में कनाडा, दक्षिण में मैक्सिको, पूर्व में अटलांटिक महासागर और पश्चिम में प्रशांत महासागर से घिरा हुआ है. देश का क्षेत्रफल लगभग 98.3 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो इसे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बनाता है.
जनसंख्या की दृष्टि से, अमेरिका विश्व में तीसरे स्थान पर आता है, जिसकी कुल जनसंख्या लगभग 33 करोड़ है. यहां विभिन्न जातियों, संस्कृतियों और धर्मों के लोग रहते हैं, जो इसे विविधताओं से भरा देश बनाते हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां राष्ट्रपति कार्यकारी प्रमुख होता है. यहां की सरकार तीन भागों में बंटी होती है-
कार्यकारी शाखा - राष्ट्रपति द्वारा संचालित
विधायी शाखा - कांग्रेस (सीनेट और प्रतिनिधि सभा)
न्यायिक शाखा - सर्वोच्च न्यायालय और अन्य संघीय अदालतें
वर्तमान में, अमेरिकी राजनीति में दो प्रमुख दल सक्रिय हैं – डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी.
संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी और प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इसका GDP (सकल घरेलू उत्पाद) 25 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है. यह देश वित्त, प्रौद्योगिकी, उद्योग, कृषि और नवाचार में अग्रणी है. प्रमुख तकनीकी कंपनियां जैसे Google, Apple, Microsoft, Amazon आदि अमेरिका में स्थित हैं.
अमेरिका की संस्कृति विविधता से भरी हुई है और इसमें विभिन्न देशों की परंपराओं का समावेश है. हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री, पॉप संगीत, फैशन, और खेलों में अमेरिका का महत्वपूर्ण योगदान है. प्रमुख खेलों में अमेरिकी फुटबॉल, बास्केटबॉल, बेसबॉल और गोल्फ शामिल हैं.
अमेरिकी समाज व्यक्तिगत स्वतंत्रता और नवाचार को अत्यधिक महत्व देता है. यहां शिक्षा और अनुसंधान का स्तर बहुत ऊंचा है, और दुनिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों में से कई जैसे हार्वर्ड, एमआईटी, स्टैनफोर्ड आदि अमेरिका में स्थित हैं.
अमेरिका वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, और सैन्य शक्ति में अग्रणी भूमिका निभाता है. यह संयुक्त राष्ट्र (UN), नाटो (NATO), विश्व बैंक (World Bank) और G7 जैसे संगठनों का महत्वपूर्ण सदस्य है.
अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक मानी जाती है. इसके अलावा, यह स्पेस टेक्नोलॉजी, मेडिकल रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में भी अग्रणी है.
अमेरिका में, शुरुआती दौर में, टर्की, मीठे आलू, मक्का, स्क्वैश और मेपल सिरप जैसे स्वदेशी और गैर-यूरोपीय खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल होता था. बाद में, अप्रवासियों ने गेहूं का आटा, बीफ, और दूध जैसे खाद्य पदार्थों को जोड़ा. अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे पर पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाए और खरीदे जाते हैं. अमेरिकी फास्ट फूड उद्योग दुनिया का सबसे बड़ा उद्योग है. ऐपल पाई, फ्राइड चिकन, डोनट्स, फ्रेंच फ्राइज, मैकरोनी, पनीर, आइसक्रीम, पिज्जा, हैमबर्गर और हॉट डॉग खास अमेरिकी व्यंजन हैं (USA Food).
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का वर्किंग प्रेसिडेंट बताया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है. जिसमें Acting President of Venezuela लिखा है. पोस्ट में जनवरी 2026 से पद संभालने का जिक्र भी है.
ईरान ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान एलन मस्क की स्टारलिंक को सफलतापूर्वक जैम कर दिया गया. मिलिट्री-ग्रेड तकनीक से 80% तक ट्रैफिक प्रभावित हुआ. यह 'अटूट' इंटरनेट की कमजोरी दिखाता है. ये भारत के लिए चेतावनी है कि विदेशी नेटवर्क पर निर्भर न रहें. खुद की तकनीक बनाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करें.
पाकिस्तान कई देशों के साथ डिफेंस डील कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान के वायुसेना चीफ और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री के बीच भी एक डील को लेकर मुलाकात हुई थी.
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक रुख अपना रखा है. ट्रंप के आक्रामक रूख के बीच अब अमेरिकी संसद में ग्रीनलैंड के अधिग्रहण का बिल भी आ गया है.
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और हिंसा के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को 'बिना देरी किए' ईरान छोड़ने की सख्त चेतावनी दी है.
भारत और अमेरिका के बीच गहराते रणनीतिक रिश्तों की झलक अब न्यूयॉर्क के समुद्र में दिखाई देगी. अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित होने वाले 'सेल 250' (Sail 250) कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप INS सुदर्शिनी हिस्सा लेगा.
टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला जल्द ही आने वाला है. इसे लेकर ट्रंप घबरा गए हैं. उन्होंने कहा कि अगर टैरिफ को हटाया जाता है तो हम बर्बाद हो जाएंगे.
ईरान ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर दो टूक रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि वह आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत को तैयार है, लेकिन किसी भी सैन्य टकराव से पीछे हटने वाला नहीं है.
ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन जारी है. जिसमें कई आंदोलनकारी मारे भी जा चुके हैं. लेकिन आंदोलन की ये आग थम नहीं रही है. क्या ईरान में इस्लामिक क्रांति की पृष्ठभूमि? कैसा था शाह पहेलवी का शासन? पढ़ें आयातुल्लाह खुमैनी का उदय और अमेरिका-ईरान की 47 साल पुरानी दुश्मनी की पूरी कहानी.
ईरान में इस वक्त 47 सालों में सबसे बड़ा आंदोलन चल रहा है. जनता महंगाई, बेरोजगारी और कट्टरपंथी नियमों से नाराज है. सरकार की सख्ती और सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने हालात को और बिगाड़ दिया है. ईरान के लोग लंबे समय से इस्लामिक व्यवस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों से असंतुष्ट हैं. दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान की दुश्मनी का इतिहास पुराना है. 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बिगड़े. ईरान के परमाणु कार्यक्रम, इजरायल विरोधी रुख और पश्चिम एशिया में उसकी नीतियों ने अमेरिका से टकराव को और गहरा किया. आज हालात ऐसे हैं कि ईरान के भीतर आंदोलन और बाहर अमेरिका से दुश्मनी, दोनों मिलकर देश को संकट में डाल रहे हैं.
भारत जल्द ही 'पैक्स सिलिका अलायंस' में शामिल होने जा रहा है. ये अमेरिका की अगुवाई वाला अलायंस है, जिसमें जापान, कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं.
सरकारी विरोधी प्रदर्शनों का जवाब देते हुए ईरान में अब सरकार के समर्थन में रैलियां निकाली जा रही हैं. रैली को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को पहचानता है.
इससे पहले ईरान पर अमेरिका के हमले की योजना को लेकर ट्रंप के करीबी और यूएस सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी बड़ा संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप, बराक ओबामा नहीं हैं और ईरान के लोगों को जल्दी ही आजादी मिलने वाली है.
ईरान में महंगाई और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी 'Gen-Z' आंदोलन ने अमेरिका और ईरान को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. 500 से अधिक मौतों के बाद ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान इसे विदेशी साजिश बता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 2025 में 1 लाख से अधिक विदेशी वीजा रद्द किए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. यह संख्या 2024 की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा है. ट्रंप प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ा है.
गिरती करेंसी या सत्ता परिवर्तन... ईरान में 'जानलेवा' प्रदर्शनों की असली वजह क्या है?
भारतीय मूल के अमेरिकी जज अरुण सुब्रमण्यम ने ट्रंप प्रशासन की ओर से डेमोक्रेट शासित राज्यों में बच्चों की देखभाल, परिवार सहायता और सामाजिक सेवाओं से जुड़ी करीब 10 अरब डॉलर की फंडिंग रोकने के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज ने कहा कि अचानक फंड रोकने से गरीब परिवारों और कमजोर वर्गों को गंभीर नुकसान हो सकता है और प्रक्रिया में कानूनी खामियां हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा को दी गई धमकी के बाद ग्लोबल पॉलिटिक्स में टेंशन बढ़ गया है. चीन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि वो क्यूबा की घेराबंदी और उस पर लगाए गए प्रतिबंधों को तुरंत रोके
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि अमेरिका डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को "एक न एक तरह से" हासिल करेगा. ट्रंप के इस बयान से NATO और यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है. यूरोप ने चेतावनी दी है कि सैन्य बल से कब्जा NATO के अंत का कारण बन सकता है.
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग में ईरान की तरफ साइबर वेपन की तैनाती, नए प्रतिबंध, सैन्य कार्रवाई और ऑनलाइन समर्थन बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा हो सकती है. ट्रंप पहले ही ईरानी शासन को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं.
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को पकड़ने के दौरान एक रहस्यमयी 'सोनिक वेपन' का इस्तेमाल किया, जिससे सैनिकों की नाक से खून बहा, खून की उल्टी हुई. वे जमीन पर गिर गए और हिल भी नहीं पाए. वेनेजुएला के एक सैनिक के दावे के अनुसार, यह तीव्र ध्वनि तरंग ने रडार अक्षम कर दिया.