संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America - USA) उत्तर अमेरिका महाद्वीप में स्थित एक संघीय गणराज्य है. यह 50 राज्यों और एक संघीय जिले (वॉशिंगटन, डी.सी.) से मिलकर बना है. अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे एक महाशक्ति माना जाता है.
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया. हालांकि पूर्ण पैमाने के युद्ध की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्रीय टकराव और प्रॉक्सी संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है (US, Israel attack on Iran).
तनाव की पृष्ठभूमि
ईरान और इज़रायल के बीच लंबे समय से वैचारिक और सुरक्षा संबंधी मतभेद रहे हैं. इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए खतरा मानता है, जबकि ईरान इजरायल की नीतियों की खुलकर आलोचना करता रहा है. अमेरिका, जो इजरायल का प्रमुख सहयोगी है, ईरान पर प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव की नीति अपनाता रहा है.
बाते दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका उत्तर में कनाडा, दक्षिण में मैक्सिको, पूर्व में अटलांटिक महासागर और पश्चिम में प्रशांत महासागर से घिरा हुआ है. देश का क्षेत्रफल लगभग 98.3 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो इसे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बनाता है.
जनसंख्या की दृष्टि से, अमेरिका विश्व में तीसरे स्थान पर आता है, जिसकी कुल जनसंख्या लगभग 33 करोड़ है. यहां विभिन्न जातियों, संस्कृतियों और धर्मों के लोग रहते हैं, जो इसे विविधताओं से भरा देश बनाते हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां राष्ट्रपति कार्यकारी प्रमुख होता है. यहां की सरकार तीन भागों में बंटी होती है-
कार्यकारी शाखा - राष्ट्रपति द्वारा संचालित
विधायी शाखा - कांग्रेस (सीनेट और प्रतिनिधि सभा)
न्यायिक शाखा - सर्वोच्च न्यायालय और अन्य संघीय अदालतें
वर्तमान में, अमेरिकी राजनीति में दो प्रमुख दल सक्रिय हैं – डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी.
संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी और प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इसका GDP (सकल घरेलू उत्पाद) 25 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है. यह देश वित्त, प्रौद्योगिकी, उद्योग, कृषि और नवाचार में अग्रणी है. प्रमुख तकनीकी कंपनियां जैसे Google, Apple, Microsoft, Amazon आदि अमेरिका में स्थित हैं.
अमेरिका की संस्कृति विविधता से भरी हुई है और इसमें विभिन्न देशों की परंपराओं का समावेश है. हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री, पॉप संगीत, फैशन, और खेलों में अमेरिका का महत्वपूर्ण योगदान है. प्रमुख खेलों में अमेरिकी फुटबॉल, बास्केटबॉल, बेसबॉल और गोल्फ शामिल हैं.
अमेरिकी समाज व्यक्तिगत स्वतंत्रता और नवाचार को अत्यधिक महत्व देता है. यहां शिक्षा और अनुसंधान का स्तर बहुत ऊंचा है, और दुनिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों में से कई जैसे हार्वर्ड, एमआईटी, स्टैनफोर्ड आदि अमेरिका में स्थित हैं.
अमेरिका वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, और सैन्य शक्ति में अग्रणी भूमिका निभाता है. यह संयुक्त राष्ट्र (UN), नाटो (NATO), विश्व बैंक (World Bank) और G7 जैसे संगठनों का महत्वपूर्ण सदस्य है.
अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक मानी जाती है. इसके अलावा, यह स्पेस टेक्नोलॉजी, मेडिकल रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में भी अग्रणी है.
अमेरिका में, शुरुआती दौर में, टर्की, मीठे आलू, मक्का, स्क्वैश और मेपल सिरप जैसे स्वदेशी और गैर-यूरोपीय खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल होता था. बाद में, अप्रवासियों ने गेहूं का आटा, बीफ, और दूध जैसे खाद्य पदार्थों को जोड़ा. अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे पर पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाए और खरीदे जाते हैं. अमेरिकी फास्ट फूड उद्योग दुनिया का सबसे बड़ा उद्योग है. ऐपल पाई, फ्राइड चिकन, डोनट्स, फ्रेंच फ्राइज, मैकरोनी, पनीर, आइसक्रीम, पिज्जा, हैमबर्गर और हॉट डॉग खास अमेरिकी व्यंजन हैं (USA Food).
सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर एक से ज्यादा ईरानी विमान दिखे हैं. इंडिया टुडे की OSINT टीम ने पाया कि C-130 जैसा विमान और दो मेराज एयर के प्लेन वहां मौजूद हैं.
1971 के युद्ध में ईरान ने पाकिस्तान को शरण दी थी. अब पाकिस्तान पर ईरानी विमानों को नूर खान एयरबेस पर छिपाने का आरोप लगा है. यह घटना पुराने एहसान को चुकाने की कोशिश लग रही है.
अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की 30 मिसाइल साइट्स अब भी ऑपरेशनल हैं. इससे ट्रंप प्रशासन के उन दावों पर सवाल उठ रहे हैं, जिनमें कहा गया था कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले ट्रेड, चिप टेक्नोलॉजी, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर टिकी है. दोनों देशों के रिश्तों में जारी तनाव के बीच यह बैठक वैश्विक व्यापार और जियोपॉलिटिक्स की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे. बीजिंग जाने से पहले उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान मुद्दे पर उन्हें शी जिनपिंग की मदद नहीं चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को सही रास्ता चुनना होगा, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म होने का दावा भी किया.
ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने के लिए 5 शर्तें रखीं हैं. हालांकि, परमाणु मुद्दा दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है, और बातचीत को लेकर स्थिति अब भी अनिश्चित है.
ईरानी संसद के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने कहा है कि अगर ईरान पर फिर हमला हुआ तो इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं. उन्होंने परमाणु बम बनाने की धमकी दी है. ईरान के पास अभी भी 60% तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है.
ईरान ने कहा है कि दोबारा हमला होने पर वह यूरेनियम संवर्धन 90% तक बढ़ा सकता है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है.
अमेरिका की रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट 16 मई को समाप्त हो रही है, जिससे रूस से तेल खरीदना प्रतिबंधित हो जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान रूसी तेल खरीद बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा है. रूस में पाकिस्तान के राजदूत ने इस प्लानिंग की जानकारी दी है.
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बीजिंग में होने वाली इस ऐतिहासिक मुलाकात पर भारत सहित पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं. दूसरे कार्यकाल में ट्रंप का चीन के प्रति बदलता और 'नरम' रुख न केवल उनके प्रशासन, बल्कि अमेरिका के पुराने सहयोगियों के लिए भी खतरे की घंटी है.
ग्रीन वाइन सांप अपना पूरा जीवन पत्ता बनकर बिताता है. यह मध्य और दक्षिण अमेरिका के जंगलों में पाया जाता है. हल्का विषैला होने के बावजूद यह बहुत शांत है. इसका पूरी जिंदगी छिपने में गुजर जाती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में होने वाला शिखर सम्मेलन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच ट्रेड, टेक्नोलॉजी, ताइवान, ईरान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है.
भारत की एक महिला की साड़ी अमेरिका के एक स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शनी में लगी हुई. आखिर इस साड़ी की ऐसी क्या खासियत है कि अमेरिका में इसकी प्रदर्शनी लगाई गई.
अमेरिकी सरकार ने तीन व्यक्तियों और 9 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. जिसमें 4-4 कंपनियां हांगकांग, UAE और एक ओमान की है. इन पर ईरान से चीन को होने वाले तेल आपूर्ति में मदद का आरोप है. देखें दुनिया आजतक.
भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों वाली रूसी LNG खरीदने से इनकार किया. गैस संकट के बीच यह फैसला एनर्जी सिक्योरिटी और ग्लोबल रूल्स के संतुलन से जुड़ा है.
पाकिस्तान ने CBS न्यूज की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमान सिर्फ कूटनीतिक काम के लिए हैं. पाकिस्तान का यह इनकार ओसामा बिन लादेन वाले दोहरे चेहरे की याद दिलाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से ईंधन बचाने की अपील की, जिसका असर दिल्ली में दिखने लगा है. पेट्रोल पंपों पर कम भीड़ नजर आ रही है और लोग सोच-समझकर गाड़ियां निकाल रहे हैं. दिल्ली के कई नागरिक प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन कर रहे हैं, हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि सिर्फ अपील से समस्या हल नहीं होगी और सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे.
अमेरिका ने ईरानी तेल चीन को बेचने में मदद करने वाली 12 कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. ये ईरान का प्रतिबंधित तेल चीन तक पहुंचाने का काम कर रही थीं. यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा से पहले उठाया गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है. इस बीच खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने ईरान के सैन्य विमानों को अपने नूर खान एयरबेस पर पनाह दी थी. पाकिस्तान के इस कदम पर अमेरिकी सीनेटर ने सवाल उठाए हैं, जबकि पाकिस्तान ने इन दानों को झूठा बताया है.
ईरान ने अमेरिका द्वारा भेजे गए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव का जवाब दिया है. ईरान के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करने और सुरक्षा को लेकर जिक्र किया गया है. लेकिन ईरान के जवाब से अमेरिकी राष्ट्रपति खुश नहीं है. ईरान से डील पर ट्रंप दम भर रहे हैं तो फिर बातचीत क्यों फेल हो रही है? देखें दुनिया आजतक
सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने से गर्मियों में पेट्रोल और जेट फ्यूल का स्टॉक खत्म हो सकता है. ईंधन भंडार तेजी से घट रहे हैं और युद्ध के कारण अब तक 1 अरब बैरल तेल की सप्लाई खो चुकी है. वहीं, अमेरिका ने तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 5.33 करोड़ बैरल तेल जारी किया है.