जेन जी फैशन ट्रेंड्स को फॉलो करने में पीछे नहीं रहती, लेकिन हर ट्रेंड पर बड़ी रकम खर्च करना भी जरूरी नहीं मानती. दिल्ली के कई मार्केट ऐसे हैं जहां ट्रेंडी कपड़े, एक्सेसरीज और फुटवियर कम बजट में मिल जाते हैं. जानिए दिल्ली के 5 ऐसे मार्केट, जो जेन जी के बीच बजट शॉपिंग के लिए काफी पसंद किए जाते हैं.
Gen Z के लिए इंस्टाग्राम अब सिर्फ दोस्तों से जुड़ने का जरिया नहीं है. रील्स, मीम्स, ट्रेंड्स और न्यूज के बीच स्क्रॉलिंग रोजमर्रा की आदत बन गई है. 5 मिनट के लिए खुला इंस्टाग्राम कब घंटों की स्क्रॉलिंग में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता. आखिर क्यों जेन जी बार-बार उसी ‘एक और रील’ वाले लूप में फंस जाती है?
युवाओं के बीच फिटनेस का तरीका बदल रहा है. अब सिर्फ कार्डियो और ट्रेडमिल पर फोकस नहीं है, बल्कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, वेट्स, हाइब्रिड वर्कआउट और ग्रुप फिटनेस भी लोकप्रिय हो रहे हैं. जिम और रनिंग क्लब अब एक्सरसाइज के साथ सोशल कनेक्शन का जरिया भी बन रहे हैं.
जेन जी की बातचीत में ‘वाइब’ शब्द काफी आम हो गया है. गाना हो, जगह हो, कपड़े हों या कोई इंसान, हर चीज को वाइब से जोड़ा जा रहा है. लेकिन आखिर वाइब का असली मतलब क्या है और जेन जी की भाषा में इसका इस्तेमाल इतना ज्यादा क्यों होने लगा है? इस शब्द के बदलते इस्तेमाल को आसान भाषा में समझिए.
स्नैपचैट सिर्फ फोटो और वीडियो शेयर करने वाला ऐप नहीं है. इसके स्ट्रीक्स, लेंस, स्नैप मैप, स्क्रीनशॉट नोटिफिकेशन और इंस्टेंट शेयरिंग जैसे फीचर्स इसे बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अलग बनाते हैं. खासकर जेन जी के लिए ये दोस्तों से जुड़ने, रोज के छोटे मोमेंट्स शेयर करने और कैजुअल बातचीत का पर्सनल स्पेस बन चुका है.
ब्रेड क्रम्बिंग डेटिंग का वो पैटर्न है, जिसमें कोई व्यक्ति रिलेशन को आगे बढ़ाने की पूरी तरह कोशिश किए बिना टाइम-टाइम पर मैसेज, कॉल, लाइक या छोटे-छोटे साइन्स के जरिए कॉन्टेक्ट बनाए रखता है. इससे सामने वाले को लगता रहता है कि शायद ये कनेक्शन आगे बढ़ सकता है. लेकिन लगातार मिल रहे इन मिक्स्ड सिगनल्स के बीच कमिटमेंट और क्लैरिटी दोनों गायब रहते हैं, जिससे रिश्ता कन्फ्यूजन में अटका रहता है.
जेन जी की डेटिंग भाषा में रिश्तों और लोगों के व्यवहार को समझाने के लिए कई नए शब्द इस्तेमाल किए जा रहे हैं. रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग के बाद अब बेज फ्लैग भी इसी बातचीत का हिस्सा है. ये शब्द किसी व्यक्ति की ऐसी छोटी और अजीब आदतों से जुड़ा है, जो न अच्छी तरह ग्रीन फ्लैग हैं और न सीरियस रेड फ्लैग.
आज जेन जी नया म्यूजिक सिर्फ एक प्लेटफॉर्म पर नहीं खोजती. किसी गाने की झलक टिक टॉक जैसे शॉर्ट-फॉर्म वीडियो से मिल सकती है, फिर उसे दूसरे प्लेटफॉर्म पर खोजा जा सकता है. दोस्तों की रिकमंडेशन, प्लेलिस्ट और ऑनलाइन कम्युनिटीज भी नए आर्टिस्ट तक पहुंचने में मदद करती हैं. लेकिन वायरल होना हमेशा किसी आर्टिस्ट को फैनबेस में बदलने के लिए काफी नहीं होता.
जेन जी की बातचीत में कई ऐसे शब्द इस्तेमाल होते हैं, जिनका मतलब पहली बार सुनने में समझ नहीं आता. ‘एट’ भी ऐसा ही एक शब्द है. अंग्रेजी में इसका मतलब ‘खाया’ होता है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका इस्तेमाल किसी के अच्छे काम, लुक या प्रदर्शन की तारीफ के लिए किया जाता है. यानी ‘एट’ यहां तारीफ के लिए बोला जाता है.
जेन जी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेफॉर्म्स पर खुद को अलग तरीके से दिखाती करती नजर आती है. इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो ज्यादा सजे हुए और सोच-समझकर साझा किए जाते हैं, वहीं स्नैपचैट पर दोस्तों के साथ रोजमर्रा के पल ज्यादा सहज तरीके से साझा किए जा सकते हैं. क्या यह जेन जी की दो डिजिटल पहचान हैं या खुद को दिखाने के अलग अंदाज?
जेन जी की बोलचाल में नए शब्द और स्लैंग तेजी से जुड़ते हैं और उतनी ही तेजी से पुराने भी पड़ जाते हैं. इंटरनेट, सोशल मीडिया, मीम और छोटे वीडियो इस बदलाव को और तेज करते हैं. कोई शब्द आज मजेदार और नया लगता है, लेकिन ज्यादा इस्तेमाल होने पर वही पुराना या बनावटी लगने लगता है. आखिर जेन जी की भाषा इतनी तेजी से क्यों बदल रही है और इसका अगला शब्द कौन सा होगा?
आज के वक्त में अच्छी कमाई के बावजूद अपना घर खरीदना युवाओं के लिए आसान नहीं रह गया है. बड़े शहरों में घरों की बढ़ती कीमतों के बीच 1-2 करोड़ रुपये का बजट भी कई बार उम्मीद के मुताबिक घर दिलाने के लिए काफी नहीं होता. ऐसे में युवाओं के सामने सवाल है कि कुछ साल और बचत और इन्वेस्ट किया जाए या होम लोन लेकर घर खरीदने की शुरुआत की जाए.
बदलती पीढ़ी के साथ प्यार करने के तरीके में भी कई बदलाव आए है. जेन जी ने यहां भी गेम को पूरी तरह बदल दिया है और पर्सनल स्पेस को अपने लाइफ में बहुत स्पेस दिया है. एक रिलेशनशिप में होने के बावजूद जेन जी खुद को भूलना नहीं चाहती बल्कि अपने पर्सनल स्पेस की डिमांड करती है.
युवा निवेशकों के लिए रियल एस्टेट अब जरूरी नहीं कि पूरे निवेश पोर्टफोलियो का केंद्र हो, बल्कि यह कई एसेट क्लास में से एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.
जेन जी की डेटिंग पसंद में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है. यॉर्क विजन के एक आर्टिकल के मुताबिक, कुछ जेन जी महिलाएं अपनी उम्र के पुरुषों की जगह मिलेनियल पुरुषों की तरफ आकर्षित हो रही हैं. इसकी वजह सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि मैच्योरिटी, बातचीत का तरीका और रिश्ते को समझने का नजरिया भी हो सकता है.
दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट में लगाए जा रहे नारों के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें लड़कियां क्रिएटिव तरीके से अपने हक और अधिकार की बात कर रही हैं.