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स्कंदमाता की आरती (Skandamata Mata Ki Aarti)

स्कंदमाता की आरती

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आरती करने से भक्तों को संतान सुख, विद्या और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. उनकी आरती करने से मन शांत रहता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और एकाग्रता बढ़ती है. मान्यता है कि मां स्कंदमाता की पूजा से वाणी से जुड़े दोष समाप्त होते हैं और बुद्धि व ज्ञान में वृद्धि होती है.

स्कंदमाता की आरती
स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्‍कंदमाता, पांचवा नाम तुम्हारा आता।
सब के मन की जानन हारी, जग जननी सब की महतारी।

 

तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं, हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं।
कई नामों से तुझे पुकारा, मुझे एक है तेरा सहारा।

 

कही पहाड़ों पर हैं डेरा, कई शहरों में तेरा बसेरा।
हर मंदिर में तेरे नजारे, गुण गाये तेरे भगत प्यारे।

 

भगति अपनी मुझे दिला दो, शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।
इंद्र आदी देवता मिल सारे, करे पुकार तुम्हारे द्वारे।

 

दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं, तुम ही खंडा हाथ उठाएं।
दासो को सदा बचाने आई, ‘चमन’ की आस पुजाने आई।

 

------समाप्त-----

 

समाप्त

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